Gorakhpur: पर्यावरण स्वच्छता को लेकर एनजीटी सख्त,लगाया 120 करोड़ का जुर्माना

पर्यावरण स्वच्छता को लेकर एनजीटी ने कड़ा रुख अपनाते हुए गोरखपुर में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण व कचड़ा निस्तारण के मामले में राज्य सरकार पर 120करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। गोरखपुर की आमी, राप्ती और रोहिन नदियों व रामगढ़त

गोरखपुर,17सितंबर: पर्यावरण स्वच्छता को लेकर एनजीटी ने कड़ा रुख अपनाते हुए गोरखपुर में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण व कचड़ा निस्तारण के मामले में राज्य सरकार पर 120करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। गोरखपुर की आमी, राप्ती और रोहिन नदियों व रामगढ़ताल में गंदा पानी गिरना बंद नहीं हो रहा है। एनजीटी ने नदियों में 55 एमएलडी (55 मिलियन लीटर प्रति दिन यानी 55 करोड़ लीटर) गंदा पानी गिराने के एवज में प्रदेश सरकार पर 110 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। नगर निगम क्षेत्र में इकट्ठा 3.8 लाख टन कूड़ा पर एनजीटी ने 10 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया है।

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गीडा क्षेत्र से निकला गंदा पानी सीधे आमी नदी में जाता है।नगर निगम ने राप्ती व रोहिन नदियों में शहर के नालों का पानी गिरने से रोकने के लिए बायोरेमेडिएशन (जैवोपचारण) की शुरुआत करायी थी। बताया गया था कि गंदा पानी नालों में ही शुद्ध कर लिया जाएगा। इसके लिए नालों पर ही जगह- जगह ड्रम लगाकर इफेक्टिव माइक्रो आर्गेनिज्म सोल्यूशन बूंद-बूंद कर पानी में डाला जाता है। यह सोल्यूशन पानी में तेजी से फैलकर नुकसान पहुंचाने वाले बैक्टीरिया को मारकर अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है। साथ ही नालों में मड वाल (भूसी में माइक्रो आर्गेनिज्म सोल्यूशन मिलाकर एक गेंद का रूप दिया जाता है, मड बाल पर आया फंगस भी बुरे बैक्टीरिया को खत्म कर देता है) डाला जाता है। नगर निगम ने महानगर के 23 नालों पर जैवोपचारण की शुरुआत की थी। इनमें 18 नाले रामगढ़ताल, तीन राप्ती और दो रोहिन नदियों में गिरते हैं। शुरू में इस विधि का लाभ मिला लेकिन पिछले वर्ष हुई वर्षा के बाद से जैवोपचारण नहीं हो पाया।

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महानगर में रोजाना निकलने वाला चार सौ टन से ज्यादा कूड़ा राप्ती नदी के किनारे बने एकला बांध पर गिराया जाता है। यहां कूड़ा का पहाड़ लग चुका है। एनजीटी के रिकार्ड के अनुसार 3.8 लाख टन से ज्यादा कूड़ा इकट्ठा हो चुका है। सहजनवां के सुथनी में सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की स्थापना का काम चल रहा है। एकला बांध पर कूड़ा गिराने का आसपास रहने वाले नागरिक भी लगातार विरोध कर रहे हैं।

प्रदूषण नियंत्रण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी पंकज यादव ने बताया कि नालों को बंद कर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में गंदे पानी को साफ कर नदियों में गिराने का काम जल निगम का है। जल निगम और नगर निगम को नोटिस भी भेजा जाता है। संबंधित विभाग के साथ बैठक कर आगे की रणनीति बनायी जाएगी।
डीएम कृष्णा करुणेश ने बताया कि रामगढ़ताल एवं नदियों में प्रदूषण रोकने के इंतजाम किए जा रहे हैं।

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