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कोरोना योद्धा बने IAS मियां-बीवी, जान की परवाह किए बिना निभा रहे हैं ड्यूटी

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गोरखपुर। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए देश में 21 दिनों का लॉकडाउन लगा हुआ है। लॉकडाउन में सड़क और रेल यातायात बंद है। वहीं, पुलिस और जिला प्रशासन लॉकडाउन के नियमों का पालन करवाने में जुटा हुआ है। ऐसे में लोगों से अपील की जा रही है कि वे अपने घरों में ही रहें, घर से बाहर निकलने पर कोरोना का खतरा हो सकता है। ऐसे में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर में एक आईएएस दंपती लोगों की सेवा में लगे हुए है। लोग इन्हें कोरोना योद्धा बता रहे हैं।

जान की परवाह किए बिना लोगों की कर रहे मदद

जान की परवाह किए बिना लोगों की कर रहे मदद

अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की मदद कर रहे इन आईएएस कोरोना योद्धा का नाम है गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के उपाध्यक्ष अनुज सिंह और उनकी पत्नी व गोरखपुर की मुख्य विकास अधिकारी हर्षिता माथुर। जीडीए उपाध्यक्ष अनुज सिंह दैनिक मजदूरों, सड़क किनारे रहने वाले गरीबों की देख-रेख और उन्हें समय से भोजन मुहैया कराने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। साथ ही बेजुबान जानवरों के चारे और दवा का भी इंतजाम कर रहे। चिड़ियाघर, एम्स, खाद कारखाना समेत निर्माणाधीन योजनाओं में काम करने वाले मजदूरों को खाना और उनकी दूसरी जरूरतें पूरी हो रही हैं या नहीं, इसका भी ध्यान रख रहे है।

सैनिटाइजेशन की व्यवस्था करा रहे है दोनों

सैनिटाइजेशन की व्यवस्था करा रहे है दोनों

प्राधिकरण की सभी कॉलोनियों में सफाई और सैनिटाइजेशन की व्यवस्था करा रहे। क्वारंटाइन और आइसोलेट किए गए लोगों के स्वास्थ्य की देखभाल में जुटे डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए तारामंडल स्थित लोहिया एंक्लेव में खाली पड़े 24 फ्लैट सुरक्षित करने के साथ ही वहां बिजली, पानी का इंतजाम किया। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर औैर पैरामेडिकल स्टाफ को वहां भी क्वारंटाइन किया जा सकता है।

14 हजार लोगों तक पहुंचाई स्वच्छता किट

14 हजार लोगों तक पहुंचाई स्वच्छता किट

वहीं, सीडीओ हर्षिता माथुर ने ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए अब तक 14 हजार से अधिक लोगों तक स्वच्छता किट पहुंचा चुकी हैं। रोजाना कई ब्लाकों का निरीक्षण कर क्वारंटाइन किए गए बाहर से आए लोगों का हाल जानने के साथ ही उनके भोजन, पानी और उन्हें मच्छर से बचाने के लिए मच्छरदानी बंटवा रही हैं। जिले के मुसहर और वनटांगिया गांवों पर विशेष नजर है। उन्हें कोरोना के संक्रमण से बचाने के लिए घर-घर जाकर जागरूक करती हैं।

सीडीओ हर्षिता निभाती है यह जिम्मेदारी

सीडीओ हर्षिता निभाती है यह जिम्मेदारी

हर्षिता यह सुनिश्चित करती हैं कि उन्हें समय से राशन और अन्य जरूरी सेवाएं मिलती रहें। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को ज्यादा से ज्यादा सहूलियत पहुंचाने के लिए बनने वाली योजनाओं में डीएम को महत्वपूर्ण इनपुट उपलब्ध कराकर उनकी सहयोग करती हैं। मनरेगा मजदूरों, वृद्धा एवं निराश्रितों को समय से पेंशन दिलाने के साथ ही इस पर भी नजर रख रही हैं कि कोई इन गरीबों की पेंशन और मजदूरी पर डाका न डाल सके। हाल ही में चिलुआताल थाना क्षेत्र के एक गांव में प्रधान ने कई मनरेगा मजदूरों की मजदूरी पर डाका डालने का प्रयास किया था जिस पर प्रधान पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दूसरी पंचायतों में प्रशासनिक सख्ती का संदेश दिया।

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English summary
IAS couple of Gorakhpur helping people in coronavirus lockdown
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