Gorakhpur News: रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास को नए साल में मिलेगी गति, वर्ल्ड क्लास बनेगा गोरखपुर स्टेशन
Gorakhpur News: देश भर में 1300 रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प कर विश्वस्तरीय बनाया जा रहा है, जिसमें उत्तर प्रदेश के 156 स्टेशन सम्मिलित हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री ने गोरखपुर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की आधारशिला रखी थी, इसका कार्य तेजी से करने के लिये एजेंसी फाइनल कर ली गई है। नये वर्ष में इसका कार्य शुरू हो जायेगा। यह रेलवे स्टेशन सांस्कृतिक विरासत और मॉडर्न वास्तुकला का उत्कृष्ट नमूना होगा, जिसमें यात्रियों के लिये वर्ल्ड लेवल सुविधायें होंगी।
पूर्वाेत्तर रेलवे यात्री प्रधान रेलवे है, जो अपने उपभोक्ताओं की उन्नत यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने के लिये सतत प्रयत्नशील है। इसके लिये आधारभूत संरचना को सुदृढ़ एवं सुविकसित किया जा रहा है। इसी क्रम में गोरखपुर जं. स्टेशन को भी पुनर्विकसित किया जा रहा है और इसे वर्ल्ड क्लास स्टेशन बनाया जायेगा।

ज्ञातव्य है कि 07 जुलाई, 2023 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने गोरखपुर जं. स्टेशन के पुनर्विकास का शिलान्यास रखा था। गोरखपुर जं. स्टेशन का नया डिजाइन एप्रूव एवं डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डी.पी.आर.) भी तैयार हो गया है तथा इस स्टेशन के पुनर्विकास की लागत 498 करोड़ रूपये है। गोरखपुर जं. स्टेशन का पुनर्विकास आगामी 50 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जायेगा। उस समय गोरखपुर जं. स्टेशन पर यात्री आवागमन लगभग 1,68,000 प्रति दिन होगा।
15 जनवरी, 1885 को सोनपुर से मनकापुर तक मीटर गेज रेल लाइन के निर्माण के साथ ही गोरखपुर रेलवे स्टेशन अस्तित्व में आया। वर्ष 1886 में गोरखपुर से उस्का बाजार लाइन के निर्माण के साथ ही गोरखपुर जं. स्टेशन बना। वर्ष 1981 में छपरा से मल्हौर तक का आमान परिवर्तन पूर्ण हुआ और गोरखपुर जं. बड़ी लाइन के माध्यम से देश के अन्य महानगरों से जुड़ा। वर्ष 2004 में यहाँ दोहरीकरण का कार्य सम्पन्न हुआ। समय के साथ गोरखपुर जं. स्टेशन पर गाड़ियों एवं प्लेटफॉर्मों की संख्या में वृद्धि हुई और स्टेशन के यार्ड रिमॉडलिंग का कार्य अपरिहार्य हो गया। गोरखपुर जं. स्टेशन के यार्ड रिमॉडलिंग के साथ गोरखपुर जं. स्टेशन का प्लेटफॉर्म विश्व का सबसे लम्बा प्लेटफॉर्म बना था। वर्तमान में गोरखपुर जं. स्टेशन पर कुल 10 प्लेटफॉर्म हैं।












Click it and Unblock the Notifications