UP: सूबे के दस फिसड्डी जिलोें में आखिर क्यों शामिल है गोरखपुर, जानिए वजह
परिवार नियोजन के तहत चलाये जा रहे पुरुष नसबंदी अभियान में गोरखपुर ने प्रदेश में 69वां स्थान प्राप्त किया है जो बेहद खराब है।

Gorakhpur News: एक तरफ जहां गोरखपुर में विकास के नए कीर्तिमान स्थापति हो रहे हैं। उद्योग,व्यापार,शिक्षा,स्वास्थ्य सभी क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तन हुए हैं। उसके साथ ही पुुरुष नसबंदी मामले में यह जिला सूबे के दस फिसड्डी जिलों में शामिल है। प्रदेश के 75 जिलों में यह जिला 69वें पायदान पर है।
स्वास्थ्य विभाग ने दिसम्बर माह तक के परिवार नियोजन उपलब्धि के आंकड़े प्रस्तुत किए हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक जिले में लक्ष्य का सिर्फ 10.4 प्रतिशत प्राप्त हुआ है। जबकि प्रदेश में आंकड़ा 44.98 का है। सिद्धार्थनगर जिले की स्थिति गोरखपुर से भी खराब है। यहां लक्ष्य के सापेक्ष 5 प्रतिशत की ही प्राप्त हुए हैं।
वहीं देवरिया जिले ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए लक्ष्य का 91 प्रतिशत प्राप्त किया है। देवरिया प्रदेश के टॉप पांच जिलों में शामिल हैं।
सरकार परिवार नियोजन को बढ़ावा दे रही है। इसी क्रम में पुरुष नसबंदी का लक्ष्य जिलों को दिया गया है। पिछले वित्तीय वर्ष में गोरखपुर को 250 पुरुष नसबंदी का लक्ष्य मिला था, जिसमें दिसम्बर 2022 तक मात्र 26 पुरुषों की नसबंदी हुई है। देवरिया को छोड़कर गोरखपुर सहित अन्य जिले भी पुरुष नसबंदी में उदासीन दिखे। बस्ती में बीस पुरुषों के लक्ष्य में 12, देवरिया में 32 में 29, कुशीनगर में 20 में 15,संत कबीर नगर में 20 में 15 नसबंदी हुई है।
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नोडल अधिकारी डॉक्टर नंद कुमार ने बताया कि परिवार नियोजन का एक हिस्सा पुरुष नसबंदी भी है। इसके लिए पुरुषों को जागरुक किया जा रहा है। जिले को जो भी लक्ष्य मिला है उसे 31 मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा।












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