Gorakhpur: नगर निगम में रिटायर होने के 3 साल बाद भी कर रहा था नौकरी,ऐसे खुली पोल
सीएम सिटी गोरखपुर नगर निगम में एक बाबू रिटायर होने के बाद भी तीन साल तक नौकरी करता रहा।उसने जन्मतिथि में बदलावकर रिटायर होने की बाद तीन साल से नौकरी कर रहा था।कनिष्ठ लिपिक पद पर तैनात कर्मचारी शरीफ अहमद रिटायर होने के बा
गोरखपुर,24 जुलाई:सीएम सिटी गोरखपुर नगर निगम में एक बाबू रिटायर होने के बाद भी तीन साल तक नौकरी करता रहा।उसने जन्मतिथि में बदलावकर रिटायर होने की बाद तीन साल से नौकरी कर रहा था।कनिष्ठ लिपिक पद पर तैनात कर्मचारी शरीफ अहमद रिटायर होने के बाद भी नौकरी कर रहा था।जन्म तिथि में संशोधन के लिए आवेदन देने के बाद नगर निगम कर्मचारी का फर्जीवाड़ा सामने आया।

नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। साथ ही कहा कि कर्मचारी से अतिरिक्त वेतन की रिकवरी भी की जाएगी। नगर निगम के जन्म-मृत्यु कार्यालय में तैनात कनिष्ठ लिपिक शरीफ अहमद को 2019 में ही रिटायर होना था, लेकिन वे अपनी जन्मतिथि बदलवा कर अभी तक नौकरी कर रहा था।
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, रिटायर्ड कनिष्ठ लिपिक एक बार पहले भी अपनी जन्मतिथि में बदलवा चुका है। दूसरी बार जन्मतिथि बदलवाने की कोशिश में था, लेकिन पकड़ा गया। कनिष्ठ लिपिक की वास्तविक जन्मतिथि 1959 है। इसमें बदलाव कराके उसने 1964 करा लिया था। इस फर्जीवाड़ा के बाद उसे 2024 में रिटायर होना था, लेकिन एक बार और जन्मतिथि में बदलाव कराने का प्रयास शुरू कर दिया।
ऐसे खुली पोल
इस पूरे फर्जीवाड़े की पोल उस समय खुली जब मामला अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा के पास गया।उन्होंने एमएसआई इंटर कॉलेज से शरीफ के जन्मतिथि का सत्यापन कराया तो फर्जीवाड़ा खुलकर सामने आ गया।
जांच के लिए गठित की गई कमेटी
मामला संज्ञान में आने के बाद नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। इसमें अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, अपर नगर आयुक्त मृत्युंजय, उप नगर आयुक्त संजय शुक्ला और लेखाधिकारी रवि सिंह को शामिल किया गया है। कमेटी इस बात की भी जांच करेगी कि पहली बार जन्मतिथि में बदलाव किस आधार पर और किसके द्वारा किया गया।












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