भगोड़े नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की वजह से सूरत SEZ घाटे में, हीरे-ज्वैलरी ​की ब्रिकी 58% गिरी

Gujarat News in Hindi, गांधीनगर। हजारों करोड़ के भगोड़े नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की वजह से भारत में आर्थिक तबके को अब भी चोट लग रही हैं। सूरत के विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज़ / SEZ) का डायमंड और ज्वैलरी निर्यात में खासा प्रभाव था, वृद्धि दर लगातार बढ़ रही थी, 2018-19 में इसका परिणाम बेहद निराशाजनक रहा। सूरत के 'एसईजेड' के निर्यात में 58 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। निर्यात में इस गिरावट की वजह नीरव मोदी और मेहुल चोकसी, ये दोनों चाचा-भतीजे ही बताए जा रहे हैं।

नीरव मोदी और मेहुल चोकसी, दोनों चाचा-भतीजे झटका देकर भाग गए

नीरव मोदी और मेहुल चोकसी, दोनों चाचा-भतीजे झटका देकर भाग गए

कांडला विशेष आर्थिक क्षेत्र की वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, सूरत सेज का भौतिक निर्यात 2018-19 में घटकर केवल 6774 करोड रुपये रह गया, जो 2017-18 में 16,166 करोड़ था।उससे भी पहले 2016-17 में सूरत से निर्यात 20,479 करोड़ रुपए से भी अधिक रहा था। गुजरात के सभी एसईजेड कांडला एसईजेड विकास आयुक्त के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। बता दें कि, नीरव मोदी 5 रत्नों और आभूषण इकाईयों का संचालन कर रहे थे, जबकि मेहुल चोकसी की भी कुछ इकाइयाँ थीं। निर्यात का अधिकांश योगदान नीरव मोदी की इकाइयों से आया था। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले का खुलासा होने के बाद चाचा-भतीजे की जोड़ी 2018 की शुरुआत में भारत छोड़कर भाग गई।

दोनों ने कुल रत्नों और आभूषण निर्यात का लगभग 70% योगदान दिया

दोनों ने कुल रत्नों और आभूषण निर्यात का लगभग 70% योगदान दिया

एसईजेड में आयातित रफ हीरों को कथित तौर पर बैंकों से अधिक धन प्राप्त करने के लिए चालान किया गया था। दूसरी ओर, सूरत इकाइयों से आयातित कम गुणवत्ता वाले हीरे हांगकांग और यूएई में निर्यात बाजारों को बेचे जाने वाले आभूषणों में स्थापित किए गए थे। मोदी और चोकसी ने कुल रत्नों और आभूषण निर्यात का लगभग 70% योगदान दिया। धोखाधड़ी के मामले के बाद, उनकी इकाइयां बंद हो गईं और परिणाम स्वरूप एसईजेड से निर्यात में नकारात्मक वृद्धि देखी गई।

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सूरत में घटी, लेकिन देश में बढ़ी बिक्री

सूरत में घटी, लेकिन देश में बढ़ी बिक्री

इसके विपरीत, भारतभर में एसईजेड से रत्न और आभूषणों के साथ-साथ हीरों का निर्यात 2018-19 में 53% बढ़कर 55,241 करोड़ रुपये हो गया है जो 2017-18 में 40,295 करोड़ रुपये रहा था। एक अन्य दिलचस्प बात यह है कि गुजरात में 20 ऑपरेशनल सेज में से अधिकांश ने 2018-19 के दौरान निर्यात में वृद्धि देखी है। कुल मिलाकर, इन एसईजेड से भौतिक निर्यात 2018-19 में 1.85 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष में 1.53 लाख करोड़ था।

सूरत एसइजेड की 120 से अधिक इकाईयां निर्यात में जुटी हैं

सूरत एसइजेड की 120 से अधिक इकाईयां निर्यात में जुटी हैं

हाल में, सूरत एसइजेड की 120 से अधिक इकाईयां दुनिया भर के विभिन्न देशों में परिचालन और निर्यात कर रही हैं। जिसमें प्रमुख श्रेणियां टेक्सटाइल, गारमेंट, मेडअप्स (तकिए, रजाई, बेडशीट, आदि), आईटी हार्डवेयर, इंजीनियरिंग सामान, फार्मास्यूटिकल्स, रसायन, रत्न और आभूषण, हीरा, तम्बाकू आदि हैं।

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