लोकसभा चुनाव के लिए 2014 में गुजरात आए थे 8 हजार से ज्यादा NRI, इस बार पहुंचे केवल हजार

Lok sabha elections 2019 news, गांधीनगर। लोकसभा चुनाव 2019 के लिए स्वदेश से बाहर रह रहे भारतीयों ने 2014 के चुनावों जैसी दिलचस्पी नहीं ली। यही कारण है कि 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए विदेशों से 8 हजार से ज्यादा लोग गुजरात आए थे, इस बार महज एक हजार ही आ पाए हैं। इन अनिवासी भारतीयों (NRI) में ज्यादातर केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए प्रचार कर रहे हैं। रिकॉर्ड के मुताबिक, जो परिवार बाहर से चुनाव में हिस्सा लेने पहुंचे हैं, वे उत्तर गुजरात और मध्य गुजरात में ही ज्यादा सक्रिय हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के लिए आए, लेकिन बहुत ही कम पहुंचे

प्रधानमंत्री मोदी के लिए आए, लेकिन बहुत ही कम पहुंचे

आठ हजार के मुकाबले हजार ही एनआरआई के गुजरात आने को चुनाव आयोग ने भी निराशा के रूप में लिया है। जबकि, प्रधानमंत्री मोदी के लिए यह ज्यादातर निराशाजनक माना जा रहा है। इसकी वजह यह है कि अपने पांच साल के कार्यकाल में मोदी जब भी विदेश जाते थे, तो वह अपील करते थे कि, भारत में जब चुनाव आएं तो वे भारत जरूर लौटा करें। मोदी की इस अपील का असर 2014 में तो हुआ था, लेकिन इस बार के चुनावों में विदेशों में रह रहे भारतीयों ने दिलचस्पी नहीं ली है। गुजरात में कल, 23 अप्रैल को वोट पड़ेंगे और अभी तक महज हजार एनआरआई ही राज्य में मौजूद हैं।

अपनी भागीदारी को लेकर यह बोले एनआरआई

अपनी भागीदारी को लेकर यह बोले एनआरआई

ज्यादातर एनआरआई में मोदी समर्थक शामिल हैं। कोई 'सबका साथ, सबका विकास' के नारे लगा रहा है तो कोई 'एक बार फिर मोदी सरकार' जैसी टी-शर्ट पहनकर मोदी का प्रचार कर रहा है। गांवों में, वह लोगों के साथ बैठक करके भाजपा उम्मीदवार को विजयी बनाने के लिए नसीहत दे रहे हैं। शिकागो में एक आईटी कंपनी चलाने वाले 29 वर्षीय नीरव पटेल कहते हैं कि वह 10 दिनों के लिए गुजरात आए हैं। मकसद यही है कि प्रधानमंत्री मोदी के लिए वोट डलवाना। उन्होंने कहा कि मैंने भाजपा की छवि को बदलते हुए देखा है। प्रधानमंत्री मोदी भारत के विश्व नेता हैं। हम चाहते हैं कि वह फिर से प्रधानमंत्री बनें।

युंगाडा से आए नरेन मेहता ने यह कहा

युंगाडा से आए नरेन मेहता ने यह कहा

वहीं, युगांडा के कंपाला में काम करने वाले 73 वर्षीय नरेन मेहता का कहना है कि वह नरेंद्र मोदी के कुछ फैसलों से प्रभावित हैं। मुझे विशेष रूप से स्वच्छ भारत योजना पसंद है। शिकागो के 82 वर्षीय डॉक्टर इंद्रवदन पटेल ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में योगदान दिया है। कलोल के पास स्थित यह एनआरआई चुनाव प्रचार के लिए खेड़ा, मेहसाणा और गांधीनगर गया है।

अमेरिका में भी मांग रहे मोदी के लिए सम​र्थन

अमेरिका में भी मांग रहे मोदी के लिए सम​र्थन

मोदी का समर्थन करने के लिए बाइक रैली का आयोजन करने वाले और कनाडा में रहने वाले नरेश चावला, चाई पर चर्चा के तहत मोदी के लिए विदेशों में प्रचार कर रहे हैं। बोस्टन की एनआरआई अनार मेहता का कहना है कि वह महिला सशक्तीकरण योजना से बहुत प्रभावित हैं। इसके अलावा, बेटी बचाओ अभियान और स्टार्ट-अप जैसी पहल की वजह से भी वे मोदी प्रशंसक हैं।

गुजरात: लोकसभा चुनाव 2019 से जुड़ी सभी जानकारी यहां पढ़ें

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