सबसे पुराने बंदरगाह का गुजरात सरकार ने रोका काम, पहली बार विधानसभा पहुंचा था प्रोजेक्ट

Gujarat News, गांधीनगर। गुजरात में सरकार ने सबसे पुराने खंभात पोर्ट प्रोजेक्ट को पोस्टपॉन कर दिया है। इस प्रोजेक्ट को IL & FS एग्रीमेंट के तहत पूरा किया जाना था, मगर सरकार ने कंपनी से एंग्रीमेंट कैंसिल कर दिया। अब इस काम के लिए नए इन्वेस्टर्स के आने का इंतजार करना होगा।

इसलिए रोका गया खंभात बंदरगाह का काम

इसलिए रोका गया खंभात बंदरगाह का काम

बता दें कि गुजरात सरकार ने सालों पहले एक निजी कंपनी को खंभात बंदरगाह का तीसरा महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट दिया, जो कि पहली बार विधानसभा में सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, सरकार ने प्रोजेक्ट के लिए जो जगह पसंद की थी, उस जगह राज्य के कल्पसर प्रोजेक्ट का स्थान पड़ता है, इसी के चलते सरकार ने बंदरगाह की जगह को बदलने पर विचाराधीन है।
ऐसे में खंभात बंदरगाह को डेवपल करने के लिये जो निजी कंपनी से एग्रीमेंट हुआ था, वो इस बंदरगाह के विकास का स्थान कल्पसर क्षेत्र में आ जाने की वजह से रद्द किया गया है। यह जानकारी इस मामले के गुजरात विधानसभा में पहुंचने पर सामने आई है।

2008 में हुआ था इस बंदरगाह के लिए एग्रीमेंट

2008 में हुआ था इस बंदरगाह के लिए एग्रीमेंट

विधानसभा में विधायक सुनील गामित द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा, ''सरकार ने खंभात पोर्ट को विकसित करने के लिए IL & FS कंपनी को चुना था। यह वही कंपनी है जिसके साथ बडा विवाद हुआ है। वर्ष 2008 में खंभात पोर्ट के विकास के लिये निजी डेवलपर्स को आमंत्रित किया गया था, जिसमें गुजरात मैरीटाइम बोर्ड ने IL&FS कंपनी को प्रोजेक्ट के लिये चुना था। 19 दिसंबर 2008 में उसके साथ इस एग्रीमेंट पर साइन हुए।'

वित्तीय संकट से जूझ रही IL&FS, विवाद में भी फंसी

वित्तीय संकट से जूझ रही IL&FS, विवाद में भी फंसी

वहीं, IL&FS कंपनी के वित्तीय संकट में फंसे होने का सबको मालूम ही होगा। उसने फिर भी गुजरात के गिफ्ट सिटी में 1100 करोड़ से अधिक का निवेश किया है। इतना ही नहीं, गुजरात सरकार ने अहमदाबाद मेट्रो रेल परियोजना में कंपनी को अनुबंध दिया था। कंपनी जब विवाद में फंसी तो गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा, "हम अब IL&FS के बजाय गिफ्ट सिटी में अन्य डेवलपर्स की तलाश कर रहे हैं।"

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प्रोजेक्ट में सबसे बड़ी बाधा बनी कल्पसर परियोजना
खंभात की खाड़ी में बंदरगाह के लिए निजी निवेश करने का इरादा देने के बाद बड़ी अड़चन कल्पसर परियोजना ही बन गई। दरअसल, खंभात का प्रस्तावित बंदरगाह कल्पसर परियोजना के शीर्ष पर स्थित था। ऐसे में अब यह परियोजना बाधित होती। सरकार ने कल्पसर परियोजना को अंतिम रूप देते हुए खंभात के बंदरगाह का काम रोकने का फैसला लिया है।

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