देश की तीसरी लोकसभा के चुनाव गुजरात में हुए पहली बार, अब तक नहीं हुई 1967 जितनी वोटिंग
Gujarat

जब पहले लोकसभा चुनाव हुए तो गुजरात में 22 सीटें थीं
सूबे में 1962 में जब पहला लोकसभा चुनाव हुआ था, तब लोकसभा सीटों की संख्या केवल 22 थी। जिसके बाद 1967 में 2 सीटों की वृद्धि हुई। 1977 में फिर एक बार 2 सीटें और बढ़ गईं, तब यह संख्या बढ़कर 26 हुई।

राज्य में वोटर्स बढ़े, लेकिन मतदान का औसत घटा
चुनाव आयोग की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, एक अन्य दिलचस्प बात रही गुजरात में मतदाताओं की संख्या तेजी से बढ़ना। 1967 में हुए लोकसभा चुनावों के दौरान यहां 1,06,92,948 मतदाता थे मगर, वोटिंग 63.77% हुई थी। करीब 4.85% वोट रिजेक्ट कर दिए गए थे। तब राज्य में 11554 पोलिंग स्टेशन भी बनाए गए थे। जबकि, 2014 के लोकसभा चुनाव में 63.66% वोटिंग हुई, वह भी तब जबकि मतदाताओं की संख्या बढ़कर 4.06 करोड़ हो गई थी।

2019 में बढ़कर साढ़े चार करोड़ वोटर्स हो गए
इस बार 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए गुजरात में वोटर्स की संख्या 4.47 करोड़ हो चुकी है। जिनमें से 80 साल से ऊपर के मतदाताओं की संख्या 7.38 लाख है। पिछले एक साल में मतदाताओं की संख्या में यहां 6.69 लाख की वृद्धि हुई है।

एक साल में 10 लाख से ज्यादा वोटर नए जुड़े
राज्य में पिछले एक साल में 10.69 लाख नये मतदाता जोड़े गए, जबकि 3.77 लाख मतदाता कम हुए हैं। इस बीच मतदाताओं की संख्या में 6.69 लाख की वृद्धि हुई। गुजरात की आबादी 6.25 करोड़ है और राज्य में मतदाता की संख्या करीब साढ़े चार करोड़ पहुंच गई हैं।

जानें, कितने महिला और पुरुष वोटर हैं राज्य में
31 जनवरी, 2019 को गुजरात में 10,69,239 मतदाताओं के नाम दर्ज किए गए, जिनमें से 18 से 19 वर्ष की आयु के मतदाताओं की संख्या 466320 है। ये युवा पहली बार लोकसभा चुनाव में मतदान करेंगे। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में पुरुष मतदाताओं की संख्या 2,32,55,937 और महिला मतदाताओं की संख्या 2,14,87,769 दर्ज हैं।
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