गुजरात: जिन पंचायतों पर है कांग्रेस का कब्जा, उन्हें छीनने के लिए भाजपा ने आशा पटेल को लगाया
Gujarat News, गांधीनगर। गुजरात में मेहसाणा की जिन पंचायतों पर कांग्रेस काबिज है, उन्हें अपनी जद में लेने के लिए सत्तासीन भाजपा ने जोर लगाना शुरू कर दिया है। भाजपा ने मेहसाणा और ऊंझा तालुका पंचायतों पर कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए नेता एवं कार्यकर्ताओं के सहारे मोर्चा संभाला है। बता दें कि कांग्रेस से इस्तीफा दे चुकीं ऊंझा विधायक आशा पटेल भाजपा की इस मुहिम की अगुवाई कर रही हैं।

इस तरह कांग्रेस शासित पंचायतों पर भाजपा लड़ा रही पेंच
उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल के निर्वाचन क्षेत्र में, जहां कांग्रेस की अधिक पंचायतें हैं। वहां भी कांग्रेसी सदस्यों का समर्थन लेकर भाजपा पंचायतों में शासन लाने में जुटी है। उंझा तालुका पंचायत में प्रमुख भरतजी राजपूत और उपप्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव इसका उदाहरण है।
ऊंझा तालुका पंचायत में अविश्वास प्रस्ताव
ऊंझा तालुका पंचायत में कुल 18 सदस्य हैं, जिनमें से 12 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव दिया है। इन सदस्यों में कांग्रेस के 7, भाजपा के एक और निर्दलीय के 4 सदस्य शामिल हैं। तालुका पंचायत में कांग्रेस के 13 सदस्य हैं। साथ ही, महत्वपूर्ण बात यह भी है कि भाजपा का एक ही सदस्य होने के बावजूद, भाजपा नेता इस इलाके में पूरे जोर से जुट गए हैं।

यहां भी पारित करवाया अविश्वास प्रस्ताव
वहीं, दूसरी ओर मेहसाणा तालुका पंचायत में भी भाजपा सक्रिय हो गई है। इस पंचायत में कांग्रेस का बहुमत है, लेकिन पंचायत प्रमुख और उपप्रमुख के खिलाफ कांग्रेस के कुछ सदस्यों का समर्थन पाकर भाजपा ने अविश्वास प्रस्ताव पारित करवाया है। इस पंचायत में भाजपा के केवल 8 सदस्य हैं, जबकि कांग्रेस के 22 सदस्य हैं, जिनमें से 13 ने अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किया है। कुल 21 सदस्यों ने तालुका विकास अधिकारी को अविश्वास प्रस्ताव दिया है।
कांग्रेस दो भागों में बंटी, मंडराया संकट
भाजपा की सेंध के चलते मेहसाणा कांग्रेस दो हिस्सों में विभाजित हो गई है, जहां कांग्रेस की पूर्व विधायक आशा पटेल ने भी मदद की है। आशा पटेल उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल का समर्थन करती हैं। दूसरे, वह अब सत्ताधारी दल की ओर से मेहसाणा सीट से लोकसभा चुनाव भी लड़ सकती हैं। ऐसे में यह तय है कि आशा पटेल के कांग्रेस समर्थक किसी भी कीमत पर कांग्रेस को सपोर्ट नहीं करेंंगे।

शाह की आशा पटेल से मुलाकात के बाद शुरू हुआ मिशन
बता दें कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने गुजरात की अपनी यात्रा के दौरान आशा पटेल से मुलाकात की थी। उसी के बाद से कांग्रेस पार्टी पर संकट मंडरा गया है। अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि लोकसभा चुनाव में जीतने के लिए, भाजपा ने कांग्रेस शासित स्थानीय पंचायतों को तोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया हैं।












Click it and Unblock the Notifications