400 करोड़ के मत्स्य घोटाले में गुजरात के मंत्री पुरुषोत्तम सोलंकी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी
Gandhinagar News, गांधीनगर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की विशेष अदालत ने गुजरात के विजय रूपाणी सरकार के राज्य मंत्री के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। यह वारंट 400 करोड़ रूपये के कथित मछली पालन घोटाले में राज्य मंत्री पुरुषोत्तम सोलंकी के खिलाफ जारी हुआ है। बता दें कि कथित मछली पालन घोटाले में कई और अधिकारियों के नाम भी सामने आये थे।

वारंट का जवाब देने में रहे विफल
एसीबी की अदालत के न्यायाधीश आर एम वोरा ने अपराधिक दंड संहिता (सीआरपीसी) की धारा 70 के तहत सोलंकी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। इसी अदालत ने उनके खिलाफ समन और जमानती वारंट जारी किया था जिसका जवाब देने में वह विफल रहे। बता दें कि यह घोटाला 2008-09 में सामने आया था। गुजरात राज्य में कथित 400 करोड़ का मछली पालन घोटाला सामने आने के बाद भाजपा सरकार बेकफुट पर आ गई थी। अब लोकसभा चुनाव 2019 एक बार फिर भाजपा की इस मुद्दे पर परेशानी बढ़ सकती है।

राज्य मंत्री के खिलाफ जारी हुआ गैर जमानती वारंट
शनिवार को गांधीनगर की एसीबी विशेष अदालत ने मंत्री पुरुषोत्तम सोलंकी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। इससे पहले पुरूषोत्तम सोलंकी के सामने अदालत में कोई गैर-जमानती वारंट जारी नहीं किया गया था। सोलंकी अदालत के सामने उपस्थित नहीं होने कि वजह से अदालत ने एक याचिका को मानते हुये गिरफ्तारी वारंट को मंजूरी दे दी है। बता दें कि 400 करोड रूपये के घोटाले में एसीबी ने अपनी जांच में सोलंकी को मुख्य आरोपी दिखाया है।

क्या है मछली पालन घोटाला
यह घोटाला 2008 में हुआ था। इसमें सोलंकी और संघाणी का नाम सामने आया था। बता दें कि पालनपुर निवासी इशाक भटडिया नामक व्यक्ति की शिकायत के बाद इस घोटाले का पर्दाफाश हुआ था। उस समय सोलंकी राज्य में मत्स्य पालन मंत्री थे। उन पर पद का दुरुपयोग कर टेंडर बिना ही राज्य के तालाबों को मछली पालन के लिए आवंटित करने का आरोप था। जांच से पता चला था कि कुल 58 लोगों को बिना टेंडर के ही तालाबों का आवंटन कर दिया गया था। इशाक भटडिया ने ठेका निरस्त करने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाई कोर्ट ने सभी ठेका रद कर नए सिरे से टेंडर जारी करने का आदेश दिया था।












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