Fifa World Cup Final : कौन है फुटबॉल का ‘किंग’ ? मेसी या एमबाप्पे ?

विश्वकप फुटबॉल प्रतियोगिता 2022 अपने अंतिम पड़ाव पर और दिलचस्प हो गयी है। दो सितारों के बीच जोरदार टक्कर है। एक की उम्र 35 साल है और दूसरे की सिर्फ 23 साल। दोनों की उम्र में 12 साल का फासला है लेकिन क्या जबर्दस्त कांटे का मुकाबला चल रहा है। दोनों ने अब तक छह मुकाबलों में 5-5 गोल किये हैं। क्लब (पेरिस सेंट जरमैन) स्तर पर साथ खेल चुके हैं। लेकिन अब अपने-अपने देश को कप दिलाने के लिए आमने-सामने हैं। फुटबॉल के जादूगर लियोनेल मेसी अपना आखिरी विश्वकप खेल रहे हैं। उनका सपना है अपनी कप्तानी में अर्जेंटीना को एक और विश्वकप दिलाना। दूसरी तरफ फ्रांस के युवा सितारे किलियन एमबाप्पे अपनी टीम को लगातार दूसरा खिताब दिलाने के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहे हैं। अब 18 दिसम्बर को पता चलेगा कि किसके माथे पर जीत का ताज सजता है।
मेसी बनाम एमबाप्पे
फ्रांस और अर्जेंटीना के बीच विश्वकप का फाइनल खेला जाने वाला है। मेसी और एमबाप्पे ने अब तक छह मैचों में पांच-पांच गोल किये हैं। अब सारी दुनिया की निगाह इस बात पर टिकी है कि फाइनल में मेसी और एमबाप्पे कैसा खेल दिखाते हैं। वैसे तो फुटबॉल टीम गेम है लेकिन उन खिलाड़ियों पर खास नजर रहती है जो आक्रमण का नेतृत्व करते हैं। इस बार विश्वकप का फाइनल एक तरह से मेसी बनाम एमबाप्पे का मुकाबला होगा।
अगर मेसी 'वैसा’ खेले तो फिर फाइनल में...
सेमीफाइनल में मेसी ने क्रोएशिया के खिलाफ जो फुटबॉल की जादूगरी दिखायी वह मंत्रमुग्ध कर देने वाली थी। 35 साल के मेसी ने स्पीड और ड्रिब्लिंग का ऐसा नजारा पेश किया कि दर्शकों ने दांतों तले उगलियां दबा लीं। हाफ लाइन से गेंद लेकर वे दाएं फ्लैंक से बिजली की रफ्तार से आगे बढ़े। उनकी रफ्तार उसैन बोल्ट की तरह थी। फ्रांस के खिलाड़ी उनकी स्पीड से मात खा गये। जब वो 18 यार्ड बॉक्स के पास पहुंचे तो फ्रांस के बैक को क्या खूब छकाया। इतनी गति के साथ बॉल पर कंट्रोल रखना अद्भुत था। फिर आखिरी लम्हे में उन्होंने अल्वारेज को इतना सटीक पास दिया कि धड़ाक से गोल हो गया। मेसी का यह 'गोल असिस्ट’ उनके पुराने रूप का नया अवतार है। अगर उन्होंने फाइनल में भी ऐसा ही प्रदर्शन किया तो उनके विश्वकप जीतने का सपना पूरा हो सकता है।
युवा एमबाप्पे का मजबूत आत्मविश्वास
किलियन एमबाप्पे और लियोनेल मेसी पेरिस के फुटबॉल क्लब 'पेरिस सेंट जर्मैन’ के लिए एक साथ खेल चुके हैं। लेकिन अब एक दूसरे के खिलाफ टक्कर ले रहे हैं। इस विश्वकप में एमबाप्पे ने भी अपनी प्रतिभा से सबको चमकृत कर दिया है। मेसी और एमबाप्पे में अनुभव और उम्र का बहुत बड़ा अंतर है इसलिए इनमें सटीक तुलना नहीं हो सकती। लेकिन इनकी प्रतिभा और मौजूदा प्रदर्शन की चर्चा तो हो ही सकती है। 2018 के विश्वकप में फ्रांस और अर्जेंटीना के बीच प्री क्वार्टर फाइनल में मुकाबला हुआ था। इस मैच में फ्रांस ने अर्जेंटीना को 4-3 से हरा दिया था। फ्रांस के चार में से दो गोल किलियन एमबाप्पे ने किये थे। जब कि मेसी इस मैच में कोई गोल नहीं कर पाये थे। एमबाप्पे ने अपने बेहतरीन खेल से पिछले विश्वकप में अर्जेंटीना के सफर को अंतिम 16 के बाद खत्म कर दिया था। इस विश्वकप में मेसी के सफर की शुरुआत बहुत निराशाजनक हुई थी। सऊदी अरब ने पहले मैच में ही अर्जेंटीना को हरा दिया था। शुरू में मेसी का खेल बहुत फीका था। उन्होंने झटके के बाद वापसी की। लेकिन एमबाप्पे शुरू से ही लाजवाब प्रदर्शन कर रहे हैं। डेनमार्क के खिलाफ उन्होंने दो गोल किये थे. उनकी वजह से ही फ्रांस 2-1 से जीत पाया था। उन्होंने पोलैंड के खिलाफ भी दो गोल किये थे जिससे फ्रांस 3-1 से जीता था।
फुटबॉल का 'किंग’ कौन है?
इस विश्वकप के फाइनल से ही तय होगा कि फुटबॉल का 'किंग’ कौन है ? तीन महीना पहले, किलियन एमबाप्पे ने न्यूयॉर्क टाइम्स को एक इंटरव्यू दिया था। इस इंटरव्यू में एक सवाल किया गया था, क्या आप 'बैलन डी ओर’ (फुटबॉल का एक फ्रांसीसी पुरस्कार) जीतने वाले हैं ? तब एमबाप्पे ने जवाब दिया था, मैं इसे जीतने वाला हूं। मैं हर सपना देखता हूं। मेरी कोई सीमा नहीं। जैसा आप कह रहे हैं, बेशक ये नयी पीढ़ी है। रोनाल्डो, मेसी अब रुकने वाले हैं। हमें किसी और को (हीरो) को ढूंढना होगा। कोई नया (सितारा)। इस इंटरव्यू में एमबाप्पे ने साफ संकेत दिया था कि वे नयी पीढ़ी के फुटबॉल सितारे हैं जब कि अब मेसी, रोनाल्डो के दिन खत्म होने वाले हैं। बहरहाल ये एमबाप्पे की निजी राय है। अब18 दिसम्बर को ही तय होगा कि उनके दावे में कितना दम है।












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