City Bank: 121 सालों से भारत में मौजूद सिटी बैंक ने एक झटके में क्यों समेटा अपना कंज्यूमर बैंकिंग कारोबार?

भारत में 1902 से मौजूद अमेरिका के सिटी बैंक के भारतीय व्यापार का अधिग्रहण अब एक्सिस बैंक ने कर लिया है। जानें क्यों समेटा सिटी बैंक ने कारोबार और अधिग्रहण से एक्सिस बैंक को क्या लाभ होगा?

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हाल ही में एक्सिस बैंक ने अमेरिकी सिटी बैंक के भारतीय ग्राहक व्यापार का अधिग्रहण कर लिया है। यह सौदा 11,630 करोड़ रूपये में एक मार्च 2023 को हुआ। गौरतलब है कि सिटी बैंक 1902 से भारत में मौजूद है और 1985 से यह कंज्यूमर बैंकिंग व्यापार में कार्य कर रहा था। आपको जानकर यह आश्चर्य होगा कि भारत में मानदेय खाता अर्थात सैलरी एकाउंट सिटी बैंक द्वारा ही प्रारंभ किये गये।

जानें सिटी बैंक के बारे में
सिटी बैंक एक अमेरिकी बैंक है। इसकी शुरुआत 16 जून 1812 में सिटी बैंक ऑफ न्यूयार्क के रूप में हुई थी। साल 1865 में यह बैंक न्यूयार्क का नेशनल सिटी बैंक बन गया। फिर 1893 तक यह न्यूयार्क का सबसे बड़ा बैंक बना। साल 1919 में सिटी बैंक अमेरिका का एक अरब डॉलर की संपत्ति रखने वाला पहला बैंक बन गया। इस बीच, सिटी बैंक ने भारत की राजधानी कोलकता में अपनी पहली शाखा 1902 में खोली। फिलहाल सिटी बैंक कई देशों में अपना व्यापार करता है और इसके पास 20 करोड़ खाताधारक ग्राहक हैं। हालांकि अब एशिया का कारोबार बैंक ने लगभग समेट लिया है।

सिटी बैंक ने क्यों लिया कारोबार बेचने का निर्णय
सिटी बैंक पिछले कई सालों से कई तरह की अनियमितताओं के आरोपों से गुजर रहा है। आगे बढ़ने से पहले आपको बता दे कि 1992 के इंडियन स्टॉक मार्केट घोटाले में भी सिटी बैंक पर मिलीभगत के आरोप लगे थे लेकिन बैंक ने इन्हें कभी स्वीकार नहीं किया।

फिलहाल, अमेरिका मुद्रा नियंत्रक ने भी सिटी बैंक पर नियमों की अवहेलना करने पर अक्टूबर 2020 में 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर का जुर्माना लगाया है। सिटी ग्रुप के सीईओ जेन फ्रेजर ने दिसम्बर 2021 में कहा था कि एशिया में सिटी बैंक का मुनाफा 2021 की पहली तिमाही में 2020 की पहली तिमाही में हुए मुनाफे की तुलना में 9 प्रतिशत कम है। बड़े आर्थिक जुर्मानों सहित लाभांश में लगातार कमी ने सिटी बैंक के लिए कई मुसीबतों को पैदा कर दिया है।

इसलिए भारत, ऑस्ट्रेलिया, बहरीन, चीन, इंडोनेशिया, कोरिया, मलेशिया, फिलिपिंस, पोलैंड, रूस, ताइवान, थाइलैंड और वियतनाम में बैंक ने अपना कारोबार समेटने का निर्णय लिया था। खास बात यह है कि इन देशों के स्थानीय बैंको से सिटी बैंक प्रतिस्पर्धा करने में भी नाकामयाब हो गया है।

अपनी इस घोषणा के बाद सिटी बैंक ने मलेशिया, थाईलैंड, वियतनाम और इंडोनेशिया में अपनी कंज्यूमर बैंकिंग फ्रेंचाइज को साल 2022 में यूनाइटेड ओवरसीज बैंक लिमिटेड को बेच दिया था। इसी क्रम में बैंक ने भारत से अपने व्यापार को समेटने का निर्णय लिया है।

भारत में कारोबार की स्थिति
भारत में सिटी बैंक के कारोबार की बात करें तो जनवरी 2022 तक बैंक के कुल 2561499 क्रेडिट कार्ड और 1454747 डेबिट कार्डधारक थे। यह संख्या एक साल बाद जनवरी 2023 में घटकर क्रमशः 2477654 और 1237591 ही रह गयी। यानी पिछले मात्र 12 महीनों में सिटी बैंक के क्रेडिट कार्ड 83845 (3.27 प्रतिशत) तथा डेबिट कार्ड 217156 (14.92 प्रतिशत) कम हो गये हैं। दरअसल, लम्बे समय से भारत में मौजूद रहने के बाद भी सिटी बैंक के कंज्यूमर बैंकिंग क्षेत्र में खास बढ़ोतरी नहीं हुई। इसके अलावा, जहां सिटी बैंक अपने क्रेडिट कार्ड कारोबार के लिये जाना जाता था अब वहीं बैंक को सबसे ज्यादा झटका लगा है।

अधिग्रहण के बाद सिटी बैंक का क्या होगा
इस अधिग्रहण के बावजूद भी सिटी बैंक भारत में संस्थागत (इंस्टीटयूशनल) बैंकिंग व्यापार और विश्व व्यापार सहायता केंद्र (ग्लोबल बिजनेस सपोर्ट सेंटर) के तौर पर मौजूद रहेगा। सिटी बैंक के मुंबई, पुणे, बेंगलूरू, चैन्नई व गुरूग्राम जैसे शहरों में विश्व व्यापार सहायता केंद्र हैं।

सिटी बैंक के ग्राहकों पर प्रभाव
सिटी बैंक की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, सिटी बैंक ग्राहकों के डेबिट कार्ड और नकद भुगतान सीमा (विड्रॉल लिमिट) में कोई बदलाव नहीं होगा। मौजूदा सभी कार्ड सभी वादों एवं फीचर्स के साथ पहले की तरह ही काम करेंगे।

बस अंतर इतना होगा कि सिटी बैंक के ग्राहकों को अपना लेनदेन अब एक्सिस बैंक के साथ करना होगा। वहीं बैंक अकाउंट नंबर, क्रेडिट व डेबिट कार्ड नंबर, चेकबुक और आईएफएससी में कोई बदलाव नहीं होगा। सिटी मोबाइल ऐप या सिटी बैंक ऑनलाइन भी जारी रहेंगे। अगर कोई बदलाव होता है, तो एक्सिस बैंक ग्राहकों को सूचित करेगा। सिटी बैंक के बीमा पॉलिसी धारकों को भी समान सुविधाएं अब एक्सिस बैंक देगा।

अगर ब्याज दर की बात करें तो ब्याज दर में भी कोई बदलाव नहीं होगा। जो ब्यार दर सिटी बैंक द्वारा मिल रही थी, वहीं जारी रहेगी। इसके अलावा होम लोन या अन्य लोन में भी कोई बदलाव नहीं होगा। म्यूचुअल फंड, पीएमएस या एआईएफ में निवेश एक्सिस बैंक को स्थानांतरित हो जायेगा।

यूटीआई बैंक से बना एक्सिस बैंक
एक्सिस बैंक, भारत में निजी क्षेत्र का एक बैंक है। इसकी स्थापना 1993 में यूटीआई बैंक के नाम से हुई थी। जिसको जुलाई 2007 में बदलकर एक्सिस बैंक किया गया। बैंक का केंद्रीय कार्यालय मुंबई में है और वर्तमान में इसकी कुल पूंजी 403.63 करोड़ रूपये है। बैंक की अधिकारिक वेबसाइट के अनुसार 31 मार्च 2020 तक एक्सिस बैंक की 9 देशों में 4,800 शाखाएं तथा लगभग 15,000 से भी ज्यादा एटीएम हैं।

अधिग्रहण से एक्सिस बैंक को क्या लाभ होगा
इस अधिग्रहण से सिटी बैंक के 30 लाख भारतीय ग्राहक, 7 कार्यालय, 21 ब्रांच और 18 शहरों के 449 एटीएम पर एक्सिस बैंक का अधिकार हो जायेगा। साथ ही एक्सिस बैंक के क्रेडिट कार्ड धारकों में बड़ी बढ़ोतरी होगी। अभी एक्सिस बैंक के पास 95 लाख क्रेडिट कार्ड धारक हैं। अधिग्रहण के उपरांत लगभग इसमें लगभग 24 लाख की वृद्धि होगी। इसके बाद एक्सिस बैंक तीसरे स्थान पर आ जायेगा। वहीं एक्सिस बैंक के फिलहाल 2.88 करोड़ डेबिट कार्ड्स होल्डर है। इसमें सिटी बैंक के 12 लाख से अधिक डेबिट कार्ड्स होल्डर भी जुड़ जायेंगे।

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