नरेंद्र मोदी के सामने कौन, विपक्ष के पास प्रधानमंत्री के लिए कितने चेहरे?
PM Face: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हैट्रिक लगाने से रोकने के लिए बने इंडी अलायंस के सहयोगी दलों और उनसे अलग, मगर एनडीए से नहीं जुड़ी पॉलिटिकल पार्टियों के पास पीएम पोस्ट के लिए चेहरे पर चर्चा तेज हो गई है।
मतदान से पहले भाजपा और उसके सहयोगी दलों की ओर से यह सवाल उठाया जा रहा है कि नरेंद्र मोदी का मुकाबला करने के लिए विपक्ष के पास प्रधानमंत्री पद का चेहरा कौन है?

पीएम फेस के सवाल पर चुप है विपक्ष
लोकतांत्रिक तौर पर इस वाजिब सवाल पर विपक्ष के ज्यादातर नेता या तो बगलें झांकने लगते हैं या अपने-अपने दल के प्रमुख का नाम लेते हैं। हालांकि, उनके दावों को मजबूत करने के लिए कोई ठोस दलील नहीं होता। बहरहाल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विकल्प बनने का दावा करने या इसको लेकर चर्चा में रहने वाले कुछ प्रमुख नेताओं के बारे में जानने हैं कि आखिर वे क्यों सुर्खियों में हैं और उनकी खासियतें क्या हैं?
ममता बनर्जी : तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और तीन बार से लगातार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी प्रधानमंत्री पद के लिए विपक्ष की सबसे मजबूत उम्मीदवारों में से एक हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के खिलाफ खुलकर लड़ने के चलते ममता बनर्जी विपक्ष में सबसे ज्यादा चर्चित भी हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में लगातार तीन बार जीत के बाद उनके तेवर भी काफी गर्म हैं।
69 साल की फायर ब्रांड नेता ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की पहली महिला मुख्यमंत्री हैं। मौजूदा वक्त में वह पूरे देश में इकलौती महिला सीएम भी हैं। लोकसभा चुनाव 2019 में उनकी पार्टी टीएमसी ने 22 सीटें जीती थीं। इस बार पश्चिम बंगाल की सभी 42 सीटों पर उनके उम्मीदवार हैं, ममता ने इंडी गठबंधन के दलों को एक भी सीट नहीं दी है।
केंद्र में भी मंत्री रहीं ममता बनर्जी राष्ट्रीय स्तर पर टीएमसी का विस्तार करने में भी जुटी हुईं हैं। उन्होंने नॉर्थ ईस्ट के कई राज्यों में कांग्रेस विधायकों और सांसदों को तोड़ लिया है। इसके अलावा गोवा, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में वह टीएमसी को बढ़ाने में जुटी हैं।
राहुल गांधी : गांधी-नेहरू परिवार के राजनीतिक वारिस, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और केरल की वायनाड लोकसभा सीट से सांसद उम्मीदवार बने राहुल गांधी को विपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा है। सोनिया गांधी के बाद कांग्रेस के सबसे बड़े नेता 53 साल के राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा और न्याय यात्रा के जरिए देश भर में मोदी सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश की। देश के बड़े उद्योगपति अडानी और अंबानी पर तीखे हमले किए। जाति जनगणना और उत्तर-दक्षिण का मुद्दा भी उठाया। हालांकि, कई बार अपने भाषणों के चलते वह खुद घिर जाते हैं।
तमाम सर्वे में भी पीएम मोदी के सामने विपक्ष के चेहरे के तौर पर राहुल गांधी को ही देखा जाता है, लेकिन वह इस लेवल पर खुद को मजबूती से पेश नहीं कर पाते। कांग्रेस के न्याय पत्र जारी करते समय भी विपक्ष की तरफ से प्रधानमंत्री पद के चेहरे के बारे में पूछे जाने पर राहुल गांधी ने कहा, 'इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस में फैसला किया गया है कि हम विचारधारा के आधार पर एकजुट होकर चुनाव लड़ रहे हैं। चुनाव नतीजे के बाद सभी मिलकर फैसला करेंगे कि प्रधानमंत्री कौन होगा।
मल्लिकार्जुन खड़गे : कांग्रेस अध्यक्ष और विपक्षी दलों के इंडी गठबंधन के चेयरमैन 82 साल के मल्लिकार्जुन खड़गे भी विपक्षी दलों की ओर से प्रधानमंत्री पद के चेहरे की सूची में शामिल हैं। कर्नाटक के रहने वाले और दलित समुदाय से आने वाले खड़गे वकील और मजदूर नेता भी रह चुके हैं। हालांकि, कांग्रेस की ओर से उनके नाम पर राहुल गांधी के बाद ही सोचा जा सकता है, लेकिन अलायंस के बाकी सहयोगी दलों ने शुरू से ही उन पर यकीन जताया हुआ है। नेहरू-गांधी परिवार के भरोसेमंद और सियासत के काफी अनुभवी खड़गे समय आने पर कांग्रेस के डार्क हॉर्स साबित हो सकते हैं।
शरद पवार : विपक्ष के सबसे वरिष्ठ और उम्रदराज नेताओं में एक शरद पवार भी प्रधानमंत्री पद के दावेदारों में शामिल हैं। शरद पवार की एनसीपी में दो फाड़ के बावजूद विपक्षी इंडी अलायंस में उनकी अहमियत बरकरार है। 90 प्रतिशत महाराष्ट्र तक ही सीमित उनकी पार्टी की ताकत से ज्यादा शरद पवार को पार्टी लाइन से हटकर सियासी दोस्ती और समीकरणों का भरोसा है कि अगर किसी सूरत में विपक्ष को केंद्र में सरकार बनाने का मौका मिला तो उनका नाम आगे बढ़ सकता है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री 84 साल के शरद पवार कैंसर जैसी बीमारी को मात देकर राजनीति में आज भी सक्रिय बने हुए हैं। देश में पक्ष और विपक्ष के सभी दलों के नेताओं के साथ उनके काफी अच्छे रिश्ते हैं।
अखिलेश यादव: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री 50 साल के अखिलेश यादव भी विपक्ष से पीएम फेस की दावेदारी की लाइन में हैं। सपा इंडी गठबंधन में शामिल है। यूपी में कांग्रेस के साथ सीटों का समझौता कर लोकसभा चुनाव में उतरी सपा को फिलहाल पीडीए से उम्मीद है। कहा भी जाता है कि उत्तर प्रदेश से होकर दिल्ली का रास्ता निकलता है।
अरविंद केजरीवाल : आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी विपक्ष की ओर से पीएम फेस होने के दावेदारों की लिस्ट में हैं। दिल्ली में लगातार तीन बार और पंजाब विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत के बाद केजरीवाल की पार्टी को राष्ट्रीय दर्जा भी मिल गया है। लोकसभा चुनाव 2014 में वाराणसी से मैदान में उतर चुके केजरीवाल फिलहाल तिहाड़ जेल में हैं।
भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से निकले केजरीवाल को दिल्ली शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया है। सुप्रीम कोर्ट में जमानत की अर्जी पर फैसला आना बाकी है। जेल से ही सरकार चलाने की जिद पर अड़े 55 साल के केजरीवाल विपक्षी इंडी अलायंस का हिस्सा हैं। उनकी पार्टी के कई नेता फिलहाल जेल में हैं।
के. चंद्रशेखर राव : भारत राष्ट्र समिति (पहले तेलंगाना राष्ट्र समिति) प्रमुख और तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव भी विपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री पद के संभावित दावेदारों में शामिल हैं। तेलंगाना के बाहर हिंदी में ही भाषण देते 70 साल के केसीआर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने में जुटे हैं। राष्ट्रपति चुनाव के समय उन्होंने खुलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला किया था। मुख्यमंत्री रहने के दौरान उन्होंने एक बार भी पीएम मोदी की आधिकारिक आगवानी नहीं की थी। उनकी आक्रामक भाषण शैली को भी मोदी विरोधी पसंद करते हैं।












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