Bittu Bajrangi: कौन है बिट्टू बजरंगी और क्यों है चर्चा में?
नूंह में 31 जुलाई, 2023 को सांप्रदायिक हिंसा के बाद से चर्चा में आये बिट्टू बजरंगी को गिरफ्तार कर लिया गया है। 15 अगस्त को पुलिस ने फरीदाबाद से उसे गिरफ्तार किया था। बिट्टू बजरंगी खुद को गो रक्षक बताता है। वह एक समुदाय विशेष के लिए नफरती बयान देने के लिए भी कुख्यात है।बता दें कि नूंह में हुए दंगे के बाद से ही उसके एक भड़काऊ वायरल वीडियो को लेकर उसकी गिरफ्तारी की मांग की जा रही थी। बिट्टू बजरंगी को मोनू मानेसर का भी करीबी बताया जाता है। जो नूंह हिंसा का आरोपी भी है। फिलहाल वह अभी फरार चल रहा है।

कौन है बिट्टू बजरंगी?
बिट्टू बजरंगी का घर हरियाणा के ही फरीदाबाद के पर्वतीय कॉलोनी में है। बिट्टू का असली नाम राजकुमार है। खुद को हनुमान भक्त बताने के कारण लोग उन्हें बिट्टू बजरंगी कहने लगे। जिसके बाद अब उसे इसी नाम से जाना जाता है। बिट्टू बजरंगी खुद को गोरक्षक बताता है और वह इस काम में एक्टिव भी है।
इस मामले में उसने कई लोगों के खिलाफ काफी केस दर्ज कराये हैं। उसने गोरक्षा बजरंग फोर्स नामक संगठन बनाया हुआ है। जिसका वह अध्यक्ष है। नूंह हिंसा से पहले बिट्टू बजरंगी के संगठन गोरक्षा बजरंग फोर्स ने ही ब्रज मंडल यात्रा में आने की अपील वाले पोस्टर बांटे थे।
बिट्टू बजंरगी का आपराधिक इतिहास?
बिट्टू बजरंगी का विवादों से पुराना नाता रहा है। पिछले महीने (जुलाई) ही उसके खिलाफ फरीदाबाद में तीन दिन में तीन केस दर्ज हो गये थे। तीनों केस सौहार्द बिगाड़ने के मामले में थे।आरोप है कि गोरक्षा के नाम 50 से 60 लोग खोरी जमालपुर से एक पशुपालक की 60 गाय, 16 बकरी व अन्य पशुओं को बाड़े से खोलकर ले गये। साथ ही हथियारों के दम पर उन्हें मारा और गाली-गलौच की। इस मामले में गुड़गांव के बाईखेड़ा निवासी जमात अली व इरफान ने धौज थाने में बिट्टू-बजरंगी व उसके साथियों के खिलाफ केस दर्ज कराया था।
इसके बाद फरीदाबाद के मुजेसर एरिया में एक किशोरी के साथ यौन शौषण के मामले पर दूसरे समुदाय के खिलाफ सोशल मीडिया पर हेट स्पीच दी। अब इस मामले में भी मुजेसर थाने में बजरंगी पर केस दर्ज किया गया।इसके बाद पर्वतीय कॉलोनी चौकी में तैनात एसआई सुरेश ने सारन थाने में बजरंगी के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। आरोप था कि बिट्टू बजरंगी बाबा मार्केट के पास सोशल मीडिया पर लाइव आकर हेट स्पीच कर रहा था।
नूंह हिंसा में बिट्टू पर कई धाराओं में मामला दर्ज
आरोप है कि बिट्टू बजरंगी तलवार लेकर नूंह पहुंचा था। जब उससे हथियार छीना गया तब उनसे पुलिसकर्मियों पर हमला किया और महिला पुलिस अधिकारी से बदतमीजी की थी। ये घटना नलहर महादेव मंदिर के पास हुई थी। इसके बाद बिट्टू अपने सहयोगियों के साथ वहां से भाग गया। इससे पहले बिट्टू ने एक वीडियो वायरल किया था।
नूंह में जैसे ही ब्रज मंडल जलाभिषेक यात्रा झंडा चौक पहुंची वैसे ही उस यात्रा में शामिल लोगों पर पत्थर बरसने लगे और घातक हथियारों से लैस भीड़ ने मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं पर हमला कर दिया था। इस हिंसा में 2 होमगार्ड समेत 6 लोगों की मौत हो गयी थी।
वीएचपी ने भी बिट्टू बजरंगी से 'झाड़ा पल्ला'
बिट्टू बजरंगी की गिरफ्तारी के बाद विश्व हिंदू परिषद ने अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से दावा किया कि राज कुमार उर्फ बिट्टू बजरंगी, जिसे बजरंग दल कार्यकर्ता बताया जा रहा है। उसका बजरंग दल से कभी कोई संबंध नहीं रहा। उसके द्वारा कथित रूप से जारी किये गये वीडियो की सामग्री को भी विश्व हिन्दू परिषद उचित नहीं मानती।
बेल पर बाहर था बिट्टू बजरंगी?
दरअसल बिट्टू बजरंगी फरीदाबाद के एक मामले में जमानत पर चल रहा था। उसे 4 अगस्त को कोर्ट से बेल मिली थी। अब 15 अगस्त को हरियाणा पुलिस ने छापा मारकर उसके ठिकाने से उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद उसे धकियाते हुए उसे अपने साथ ले गयी। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।












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