Repo Rate: क्या है रेपो रेट? जानें इसका प्रभाव आम नागरिकों पर
फिलहाल, जहां अनेक देशों में रेपो रेट में वृद्धि दर्ज की गई है, वहीं आरबीआई द्वारा रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिस कारण लोगों ने राहत की सांस ली है।

Repo Rate: हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 'रेपो रेट' नहीं बढ़ाने का अहम फैसला लिया है। अभी भी आरबीआई की रेपो रेट 6.50 प्रतिशत ही रहेगी। जबकि अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों का अनुमान था कि इसबार रेपो रेट बढ़ाई जायेगी। गौरतलब है कि दुनियाभर के अधिकतर केंद्रीय बैंकों जैसे फेडरल रिजर्व, यूरोपियन सेंट्रल बैंक, बैंक ऑफ इंग्लैंड समेत सभी ने अपनी रेपो रेट बढ़ाई है।
इस फैसले को लेकर आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास का कहना है कि ''अर्थव्यवस्था में जारी रिकवरी को बरकरार रखने के लिए हमने पॉलिसी रेट में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन जरूरत पड़ने पर हम स्थिति के अनुसार कदम उठायेंगे।'' आपको बता दें कि वित्त वर्ष 2022-23 में आरबीआई ने 6 बार रेपो रेट को बढ़ाया था।
क्या होती है 'रेपो रेट'
'रेपो रेट' (Repurchase Options) भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित वह ब्याज दर है जिस पर आरबीआई भारत के कॉमर्शियल बैंकों को पैसा उधार देता है। इसको सामान्य अर्थों में हम ऐसे समझ सकते हैं कि जैसे हम बैंक से ब्याज पर लोन लेते हैं, वैसे ही कॉमर्शियल बैंक भारत के केंद्रीय बैंक 'आरबीआई' से जिस ब्याज दर पर लोन/पैसा लेते हैं, उस दर को ही रेपो रेट कहते है। वहीं अगर हम रिवर्स रेपो रेट की बात करे तो, रिवर्स रेपो रेट वह ब्याज दर होती है जो कॉमर्शियल बैंक को अपना पैसा केंद्रीय बैंक 'आरबीआई' के पास जमा कराने पर मिलती है।
रेपो रेट कैसे प्रभावित करती है आमजन को
मंहगाई से लड़ने के लिए आरबीआई के पास रेपो रेट के रूप में एक शक्तिशाली विकल्प है। जब मंहगाई ज्यादा होती है तो आरबीआई रेपो रेट बढ़ाकर अर्थव्यवस्था में 'मनी फ्लो (धन के प्रवाह)' को कम करने की कोशिश करता है। इसका अर्थ यह हुआ कि अगर रेपो रेट ज्यादा होगी तो बैंकों को आरबीआई से मंहगा कर्ज मिलेगा। जिसके चलते ग्राहकों को भी लोन महंगा मिलेगा। जिसके कारण बाजार में मनी फ्लो कम हो जाता है और डिमांड घट जाती है तथा महंगाई पर लगाम लगती है।
वहीं, जब अर्थव्यवस्था में गिरावट होती है तो मनी फ्लो को बढ़ाने के लिए आरबीआई रेपो रेट को कम कर देता है। जिसके चलते कर्ज सस्ता हो जाता है और आमजन को भी सस्ता लोन मिलता है। जिससे बाजार में पूंजी की अधिकता के चलते अर्थव्यवस्था में भी सुधार होता है। कोरोना संकट के दौरान अर्थव्यवस्था को बढ़ाने के लिए आरबीआई ने रेपो रेट में कमी की थी।
रेपो रेट बढ़ने से ग्राहकों को यह होता है फायदा
इन सबके विपरीत, जब आरबीआई अपनी रेपो रेट बढ़ाता है तो बैंक, ग्राहकों के लोन की दरों में वृद्धि को तुरंत लागू कर देते हैं। वहीं, जब रेपो रेट घटती है तो लोन दरों को तुरंत कम नहीं करते, बल्कि काफी समय इंतजार करते हैं। वहीं रेपो रेट बढ़ने से ग्राहकों के जमा धन पर ब्याज दर भी बढ़ जाती है अर्थात ग्राहकों को अपने जमा धन पर ब्याज ज्यादा मिलने लगता है।
2010 से अभी तक कब-कब कितनी बढ़ी/घटी रेपो रेट
भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्तीय वर्ष 2010-11 में रेपो रेट में 7 बार वृद्धि (कुल 1.75 प्रतिशत की वृद्धि) की, जिससे रेपो रेट 5.00 प्रतिशत से 6.75 प्रतिशत हो गई।
वित्तीय वर्ष 2011-12 व 2012-13 में आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया। वर्ष 2013-14 में रेपो रेट में 4 बार वृद्धि (कुल 1.25 प्रतिशत की वृद्धि) की गई, जिससे रेपो रेट 6.75 से 8.00 प्रतिशत तक पहुंच गई।
आरबीआई द्वारा वर्ष 2014-15 में 2 बार रेपो रेट में कटौती (कुल 0.50 प्रतिशत) की गई। जिस कारण रेपो रेट 8.00 प्रतिशत से 7.50 पर आ गई। यह गिरावट अगले वित्तीय वर्ष 2015-16 में भी जारी रही। जिससे रेपो रेट 7.50 से गिरकर 6.75 तक (0.75 प्रतिशत गिरावट) आ गई। यह गिरावट का सिलसिला वर्ष 2016-17 में भी जारी रहा। इस वर्ष रेपो रेट में दो बार गिरावट (0.50 प्रतिशत) के साथ 6.25 प्रतिशत हो गई। वर्ष 2017-18 में भी रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 6.00 प्रतिशत हो गई।
वर्ष 2018-19 में आरबीआई ने फिर रेपो रेट दो बार बढ़ोत्तरी (0.50 प्रतिशत) व एक बार कटौती (0.25 प्रतिशत) की। जिसे रेपो रेट 6.00 प्रतिशत से 6.25 प्रतिशत हो गई।
Recommended Video

वर्ष 2019-20 में आरबीआई ने रेपो रेट में 5 बार कटौती (1.85 प्रतिशत) कर रेपो रेट 4.40 प्रतिशत कर दी। कोरोना काल के समय (वर्ष 2020-21) आरबीआई ने 0.40 की कटौती कर रेपो रेट को 4.00 प्रतिशत कर दिया। वर्ष 2021-22 में रेपो रेट में आरबीआई द्वारा कोई बदलाव नहीं किया गया। उसके उपरांत वर्ष 2022-23 में 6 बार (2.50 प्रतिशत) रेपो रेट को बढ़ाया गया, जो 6.50 प्रतिशत हो गई। इसमें अंतिम बढ़ोतरी 8 फरवरी 2023 को 0.25 प्रतिशत को हुई थी, उसके उपरांत अभी तक इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।
यह भी पढ़ें: Gold Reserve of India: रिजर्व बैंक ने खरीदा 3000 Kg सोना, जानिए RBI के पास कितना गोल्ड
-
Uttar Pradesh Silver Rate Today: ईद पर चांदी बुरी तरह UP में लुढकी? Lucknow समेत 8 शहरों का ताजा भाव क्या? -
US-Iran War: ‘पिछले हालात नहीं दोहराएंगे’, ईरान के विदेश मंत्री ने Ceasefire पर बढ़ाई Trump की टेंशन? -
iran Vs Israel War: ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला, अमेरिका-इजराइल की भीषण बमबारी से दहला नतांज -
Hyderabad Bengaluru Bullet Train: 626 किमी के प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, DPR पर बड़ा अपडेट आया -
Mathura News: 'फरसा वाले बाबा' की हत्या से ब्रज में उबाल! दिल्ली-आगरा हाईवे जाम, CM योगी ने लिया एक्शन -
Silver Rate Today: चांदी के दाम में भारी गिरावट, ₹5000 तक सस्ती,आपके शहर में क्या 100g और 1kg का ताजा भाव -
Himanta Biswa Sarma Net Worth: ₹64 लाख बढ़ी CM की संपत्ति, कौन हैं पत्नी रिनिकी, दोनों में कौन ज्यादा अमीर? -
LPG Crisis: 5 साल तक गैस और तेल की रहेगी किल्लत! दुनिया की सबसे बड़ी एनर्जी कंपनी के CEO के दावे से हड़कंप -
Dhurandhar-2 में 'अतीक अहमद' बनने वाले Salim Siddiqui कौन? कितनी ली फीस? UP माफिया का खुला PAK काला चिट्ठा! -
दुष्कर्म के आरोपी बाबा के चरण धोती दिखीं महिला आयोग अध्यक्ष, CM फडणवीस ने तुरंत मांगा इस्तीफा, छिनी कुर्सी -
Delhi Aaj Kya Khula Kya Bandh: दिल्ली में आज क्या खुला, क्या बंद? ईद पर बैंक, स्कूल-बाजारों की लेटेस्ट अपडेट -
Iran War Updates: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारत के लिए गुड न्यूज, एक साथ कितने टैंकर होंगे रवाना? आ गया अपडेट












Click it and Unblock the Notifications