Plant Based Milk: क्या है ‘प्लांट बेस्ड मिल्क’, जो ‘दूध’ तो है लेकिन ‘दूध’ नहीं है!
Plant Based Milk: शार्क टैंक इंडिया सीजन 3 में अल्ट को (AltCo.) नाम की एक प्लांट बेस्ड मिल्क कंपनी दिखाई दी थी, जो मात्र 2% इक्विटी के लिए ₹1.5 करोड़ के निवेश की मांग कर रही थी, जिससे उनके स्टार्टअप का मूल्य ₹75 करोड़ आंका गया था।
लेकिन क्या आप जानते हैं क्या होता है 'प्लांट बेस्ड मिल्क' जिसको लेकर इस कंपनी के फाउंडर शार्क टैंक इंडिया पर आए थे? अगर नहीं तो आईए जानते हैं!

वो दूध जो दूध नहीं है!
क्या आपका दिमाग भी चकरा गया यह लाइन पढ़ कर। आपको बताते हैं उस दूध के बारे में जो दूध है लेकिन दूध नहीं है। 'प्लांट बेस्ड मिल्क' एक ऐसा दूध है जो दूध नहीं है और वीगन है। यह दूध मुख्य रूप से नट्स (काजू, बादाम), बीज (तिल), अनाज (चावल, जई), फलियां (सोया, मटर), फल (केला) और नारियल जैसे पौधों के साथ पानी से बनाया जाता है।
प्लांट बेस्ड मिल्क लैक्टोज मुक्त और शाकाहारी होता है और इसमें जानवरों की भूमिका नहीं होती। यह दूध लेक्टोज इंटोलेरेंट लोगों द्वारा, डाइटिंग कर रहे लोगों द्वारा और पर्यावरण जागरूकता वाले लोगों द्वारा पसंद किया जाता है। आपको बता दें कि भारत की 60% आबादी लैक्टोज इंटोलेरेंट है, यानी कि ये आबादी पशुओं के दूध में पाई जाने वाली शर्करा को पूरी तरह पचा नहीं पाती। गौर करने वाली बात यह भी है कि यह दूध गाय के दूध की तरह विटामिन और मिनरल से भरपूर होता है।
अलग-अलग प्रकार के प्लांट बेस्ड मिल्क!
वैसे तो प्लांट बेस्ड मिल्क 15 से 20 प्रकार के होते हैं लेकिन हम प्रमुख पांच पर नजर डालेंगे:
● सोया मिल्क: सोया मिल्क एक प्लांट बेस्ड मिल्क है, जो भीगे हुए सोयाबीन को पानी के साथ मिलाकर, सोयाबीन छानकर एक चिकना दूध जैसा लिक्विड बनाकर उपयोग जाता है। सोया मिल्क कैलोरी में कम, प्रोटीन और विटामिन बी6, मैग्नीशियम, फोलेट और जिंक सहित कई विटामिन और मिनरल से भरपूर होता है।
● आलमंड मिल्क: आलमंड मिल्क एक प्लांट बेस्ड मिल्क है, जो बादाम और पानी से बनाया जाता है। आलमंड मिल्क का स्वाद हल्का होता है, इसलिए कई लोगों को यह अन्य प्लांट बेस्ड मिल्क की तुलना में अधिक स्वादिष्ट लगता है। इसमें कैलोरी, फैट और चीनी कम होती है और यह विटामिन डी, विटामिन ई और कैल्शियम का अच्छा स्रोत है।
● कोकोनट मिल्क: कोकोनट मिल्क एक प्लांट बेस्ड मिल्क है, जो पके हुए नारियल का गूदा और गर्म पानी मिलाकर बनाया जाता है। कोकोनट मिल्क लोरिक एसिड से भरपूर होता है, जिसके बारे में माना जाता है कि इसमें इम्युनिटी बढ़ाने की क्षमता होती है। कोकोनट मिल्क विटामिन डी, बी2, बी12, कैल्शियम के साथ-साथ मिनरल का भी अच्छा स्रोत है।
● राइस मिल्क: राइस मिल्क भी एक प्रमुख प्लांट बेस्ड मिल्क है। यह दूध आमतौर पर पके हुए चावल को पानी के साथ मिलाकर और उसे छान कर निकलने वाले लिक्विड के साथ बनाया जाता है। राइस मिल्क प्राकृतिक रूप से मीठा होता है और पतला होता है। इसमें फैट और प्रोटीन कम होता है, लेकिन कैल्शियम, विटामिन बी12 और आयरन जैसे विटामिन और मिनरल भरपूर होते हैं।
● कैश्यू मिल्क: कैश्यू मिल्क भी एक प्लांट बेस्ड मिल्क है, जो साबुत काजू और पानी से बनाया जाता है। कैश्यू मिल्क प्रोटीन और विटामिन और खनिजों से भरपूर होता है। इस दूध को किसी भी खाने के व्यंजन को गाढ़ापन देने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह दूध उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद है जिनका हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल होता है।
शार्क टैंक इंडिया में प्लांट बेस्ड मिल्क कंपनी!
भारत में भी प्लांट बेस्ड मिल्क प्रोडक्ट्स की शुरुआत हो चुकी है। बीते दिनों AltCo. नाम की एक कंपनी के फाउंडर्स ₹1.5 करोड़ के लिए 2% की मांग लेकर शार्क टैंक इंडिया पर पहुंचे थे। AltCo. एक प्लांट बेस्ड मिल्क और प्रोटीन ब्रांड है। इस कंपनी के फाउंडर ऋतिक रमेश और बसन पाटिल ने अपने 'डेयरी-फ्री' प्रोडक्ट्स शार्क टैंक पर पेश किए, जिसमें ओट मिल्क, सोया मिल्क, आलमंड मिल्क और Alt प्रोटीन और वीगन चॉकलेट शामिल थी।
हालांकि, AltCo. को शार्क टैंक पर कोई डील नहीं मिली क्योंकि शार्क्स को कंपनी की पैकेजिंग, कीमत, प्रोडक्ट प्लेसमेंट, भविष्य के विकास और प्रोडक्ट के लिए बाजार में मांग अभी होने के बारे में चिंताएं थी। आपको यह भी बता दे की AltCo. प्रॉफिटेबल नहीं है और वो लोग महीने के ₹1 करोड़ कमाने के लिए ₹45 लाख खर्च कर रहे हैं।
FSSAI के क्या दिशा निर्देश!
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने प्लांट बेस्ड मिल्क सहित नॉन-डेयरी उत्पादों के लेबलिंग और मार्केटिंग पर दिशा-निर्देश जारी किए है। FSSAI के नियमों के अनुसार, जो उत्पाद दूध या दूध उत्पाद नहीं है, वे लेबलिंग के लिए किसी भी डेयरी शब्द का उपयोग नहीं कर सकते, जिसमें प्लांट बेस्ड मिल्क भी शामिल है।
FSSAI के दिशानिर्देशों के अनुसार, प्लांट बेस्ड मिल्क उत्पादों को 'प्लांट बेस्ड ड्रिंक' के रूप में लेबल किया जाना चाहिए। वे अपनी पैकेजिंग और मार्केटिंग पर 'दूध', 'दही' या पनीर जैसे शब्दों का उपयोग नहीं कर सकते हैं। डेयरी कंपनियों ने इस मामले में FSSAI के दिशानिर्देशों की पूर्व में मांग की थी। एक रिपोर्ट के अनुसार, 2021-2026 के बीच प्लांट बेस्ड ड्रिंक बाजार के भारत में प्रतिवर्ष 14.8% बढ़ोतरी करने की उम्मीद है।
प्लांट बेस्ड मिल्क का अमेरिका में बहुत बड़ा बाजार!
मेटिकुलस रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में प्लांट बेस्ड मिल्क का बाजार 2023 से 2030 की अनुमानित अवधि के दौरान 11.7% सीएजीआर के साथ 2030 तक 47.55 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। उत्तरी अमेरिका में, प्लांट बेस्ड मिल्क का बाजार 2030 तक 10,821.40 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है, जो 12.0% की सीएजीआर से बढ़ रहा है। उत्तरी अमेरिका के आसपास वीगन आबादी में वृद्धि से बाजार की वृद्धि दर बढ़ने की उम्मीद है। 2023 में उत्तरी अमेरिका में आलमंड मिल्क की 38.30% बाजार हिस्सेदारी थी।












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