Cross Border Love: प्यार की खातिर पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते भारत आई थी खदीजा नूर, मगर नसीब में मिली जेल

Cross Border Love: भारतीय मीडिया में दिन-रात सुर्खियां बटोरने वाली पाकिस्तानी महिला सीमा हैदर की लव स्टोरी की चर्चाएं अब पूरी दुनियाभर में होने लगी है। लेकिन, क्या सीमा और सचिन की लव स्टोरी भारत और पाकिस्तान के बीच का कोई पहला मामला है? जी नहीं! भारत-पाकिस्तान के बीच ऐसी कई लव स्टोरीज के किस्से भरे पड़े हैं। जिसमें एक लव स्टोरी पाकिस्तानी महिला खदीजा नूर और भारतीय युवक अहमद की भी है।

जब बॉर्डर पर पकड़ी गई नूर

9 अगस्त 2022 को भारत-नेपाल बॉर्डर (बिहार में सुरसंड के पास) पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों ने दो युवक मोहम्मद महमूद और जीवन के साथ-साथ एक युवती (खदीजा नूर) को जांच के लिए रोका। एसएसबी के जवानों ने उन सभी से उनके पहचान पत्र दिखाने को कहा। इस दौरान दोनों युवकों सहित युवती ने अपने-अपने पहचान पत्र दिखा दिये।

story of Khadija Noor who came to india from pakistan for love

पहचान पत्र में एक युवक मोहम्मद महमूद भारत के हैदराबाद का, जबकि अन्य युवक ने अपना नाम जीवन बताया। जबकि युवती का नाम खदीजा नूर था और उसने अपनी पहचान महमूद की पत्नी के रूप में बताई। बावजूद इसके बॉर्डर पर तैनात एसएसबी के जवानों को युवती पर कुछ शक हुआ। दरअसल, खदीजा नूर ने जिस पहचान पत्र को दिखाया, वह वास्तव में महमूद की बेगम का ही था, न कि खदीजा नूर का। दरअसल उन सभी का मकसद बस इतना था कि कैसे भी नूर को सीमा पर सुरक्षाकर्मियों को आधार कार्ड दिखाकर भारत में एंट्री करा दें।

जवान को युवती के हावभाव पर होता है शक

एसएसबी को युवती के पहचान पत्र दिखाने के बाद उसके हावभाव पर शक हो गया था। फिर एसएसबी के जवानों ने युवती से और ज्यादा पूछताछ की क्योंकि तबतक उसके पास से एटीएम कार्ड, नेपाल और पाकिस्तान का सिम कार्ड बरामद हो गया। अतः शक के आधार पर जवानों ने उन तीनों को हिरासत में ले लिया। इन तीनों को 9 अगस्त 2022 को बिहार में सुरसंड के पास भारत-नेपाल सीमा पर पकड़ा गया था।

खुलासे में पाकिस्तान का आता है नाम

तीनों एक-एक कर अपने-अपने खुलासे करते हैं। दोनों युवकों की पहचान तो सही थी लेकिन युवती की पहचान पाकिस्तान के फैसलाबाद की रहने वाली खदीजा नूर के रूप में हुई। युवक खुलासा करते हैं कि उनका मकसद बस पाकिस्तान की रहने वाली नूर को अवैध रूप से भारत में प्रवेश कराना होता है क्योंकि मामला लव एंगल का है।

सोशल मीडिया पर हुआ था प्यार

वे बताते हैं कि पाकिस्तान की खदीजा नूर को हैदराबाद के रहने वाले सईद अहमद नाम के शख्स से सोशल मीडिया के जरिये प्यार हो गया था। इसलिए वह शादी करने के लिए पाकिस्तान से भागकर दुबई से नेपाल और नेपाल से भारत में प्रवेश करना चाहती थी। सईद अहमद तब सऊदी अरब के एक होटल में काम करता था। वह खुद नहीं आ सकता था, इसलिए उसने अपने भाई महमूद जो एक शिक्षक था, उसे नूर को नेपाल के रास्ते भारत में प्रवेश कराने की व्यवस्था करने को कहा। नूर जब दुबई से नेपाल पहुंची, तो अहमद ने अपने भाई मोहम्मद महमूद को नेपाल जाने और नूर को हैदराबाद लाने के लिए सूचित किया।

अहमद ने सऊदी से बनाया प्लान?

खदीजा नूर को नेपाल से भारत में अवैध प्रवेश कराने के काम में अहमद के भाई महमूद की मदद एक नेपाली युवक जीवन भी कर रहा था। क्योंकि नूर के प्रेमी अहमद ने नेपाल के अपने दोस्तों के साथ एक योजना बनाई थी, जोकि उसके साथ सऊदी अरब में रहते थे। नूर ने खुलासा किया कि उसने अपने माता-पिता से अपनी मर्जी से शादी करने को कहा था। इसलिए नूर ने मां-बाप से शादी के लिए इजाजत मांगी थी, लेकिन वे हिंदुस्तानी लड़के से शादी करने के खिलाफ थे। इसलिए नूर ने पाकिस्तान से भागने का फैसला किया। जिसमें उसकी मदद उसके प्रेमी अहमद ने की थी। साथ ही सारी प्लानिंग भी अहमद की थी।

नूर जासूस नहीं, प्यार का है मामला!

इसके बाद एसएसबी ने तीनों को गिरफ्तार करके बिहार में सुरसंड पुलिस को आगे की जांच के लिए सौंप दी थी। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले पर अगस्त 2022 में ही सीतामढ़ी के जिला पुलिस अधीक्षक हरकिशोर राय ने कहा था कि नूर नाम की युवती भारत में गलत दस्तावेज दिखाकर अवैध तरीके से प्रवेश करने की कोशिश कर रही थी। क्योंकि, वह हैदराबाद के एक व्यक्ति अहमद से प्यार करती है। सीमा पुलिस ने उनसे पूछताछ की तो नूर के पास आधार कार्ड सहित जाली दस्तावेज पाये गये। इस मामले में तीनों को स्थानीय मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया है।

हालांकि, शुरुआत में यह जासूसी का मामला लगा था। बाद में जांच के आधार पर एहसास हुआ कि वह अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने की कोशिश कर रही थी। न्यूइंडियन वेबसाइट के मुताबिक नवंबर 2022 में इस मामले अधिकारियों ने किसी भी जासूसी एंगल से इंकार कर दिया था। साथ ही नूर को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए कोई खतरा नहीं माना। हालांकि, खदीजा को जमानत तो मिल गयी लेकिन पाकिस्तानी महिला को रिहा नहीं किया जा सका क्योंकि वह जमानत के लिए अनिवार्य दो गारंटर पेश नहीं कर सकी।

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