SORA AI: क्या है सोरा एआई और कैसे करता है काम? क्रिएटिव इंडस्ट्री के लिए साबित होगा मील का पत्थर
SORA AI: चैटजीपीटी एआई के बाद ओपनएआई ने एक और नया टूल "सोरा" लॉन्च किया है। यह टूल किसी भी टेक्स्ट स्क्रिप्ट को वीडियो में कन्वर्ट कर सकता है। इंडस्ट्री से जुड़े जानकारों का मानना है कि सोरा आने वाले दिनों में क्रिएटिव इंडस्ट्री के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है।
चैटजीपीटी एआई टूल बनाने वाली कंपनी ओपनएआई ने पिछले दिनों एक और कमाल की टेक्नोलॉजी पेश की है। इसे कंपनी ने 'सोरा' नाम दिया है। इस एआई की खास बात यह है कि ये किसी भी टेक्स्ट कमांड या स्क्रिप्ट को पढ़कर उसे वीडियो में कन्वर्ट कर देता है।

सोशल मीडिया रील्स, शॉर्ट वीडियो जिस तरह से लोकप्रिय हो रहे हैं, कॉन्टेंट क्रिएटर्स को इस टूल से मदद मिलने वाली है। ओपनएआई ने फिलहाल इस टूल को केवल बीटा टेस्टिंग के लिए पेश किया है यानी सीमित यूजर्स ही इसे फिलहाल इस्तेमाल कर सकते हैं। बाद में इसे चैटजीपीटी की तरह ही सभी यूजर्स के लिए लाया जाएगा। आइए, जानते हैं सोरा के बारे में कुछ रोचक बातें...
टेक्सट टू वीडियो कन्वर्जन
ओपनएआई का यह खास प्लेटफॉर्म वीडियो व्लॉगिंग करने वाले करोड़ों सोशल मीडिया क्रिएटर्स के लिए है। इस एआई टूल के जरिए व्लॉगर्स अपनी स्क्रिप्ट को टेक्स्ट के फॉर्म में अपलोड करेंगे और यह टूल उस स्क्रिप्ट के आधार पर क्रिएटिव वीडियो बनाएगा।
बिना फुटेज और क्रिएटिव्स के बनाएगा वीडियो
इस टूल की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें वीडियो क्रिएट करने के लिए आपको न तो किसी फुटेज का इस्तेमाल करना है और न ही किसी क्रिएटिव का। यह टूल केवल आपके स्क्रिप्ट को पढ़कर उसके आधार पर फुटेज और क्रिएटिव्स बना देता है।
ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन के मुताबिक, यह टूल एडवांस लैंग्वेज मॉडल DALL-E पर काम करता है। इसे फिलहाल केवल सीमित क्रिएटर्स के लिए इन्वाइट के आधार पर टेस्टिंग के लिए रोल आउट किया गया है।
यूजर के इमेजिनेशन को करेगा कैप्चर
यह यूजर के इमेजिनेशन और मूड को भी अपने द्वारा बनाए गए वीडियो में कैप्चर कर सकता है। उदाहरण के तौर पर अगर आप किसी वॉर जोन का वीडियो क्रिएट करना चाहते हैं, तो उसमें यह ऐसा बैकग्राउंड और फुटेज इस्तेमाल करेगा, जो किसी युद्ध के परिवेश जैसा होगा। वहीं, अगर आप कोई ऐसा वीडियो क्रिएट करना चाहते हैं, जिसमें पहाड़ और झड़ने आदि हो, तो यह टूल उसमें वैसा ही म्यूजिक ऐड कर देगा।
60 सेकेंड्स का शॉर्ट वीडियो करेगा क्रिएट
सोरा फिलहाल केवल 60 सेकेंड्स तक का वीडियो क्रिएट कर सकता है, जिसका इस्तेमाल वीडियो क्रिएटर्स अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए कर सकते हैं।
अन्य वीडियो जेनरेशन टूल से है अलग
हालांकि, सोरा पहला एआई टूल नहीं है, जो वीडियो जेनरेट कर सकता है। इससे पहले गूगल और माइक्रोसॉफ्ट भी अपना ऐसा ही एआई टूल शोकेस कर सकते हैं। इस समय रनवे, पीका लैब्स जैसे कई एआई वीडियो जेनरेशन टूल हैं, जो 4 सेकेंड्स तक का वीडियो क्लिप जेनरेट कर सकते हैं। सोरा के बारे में सबसे अलग बात यह है कि इससे 60 सेकेंड्स की हाई क्वालिटी वीडियो जेनरेट की जा सकती है, जो इंडस्ट्री के स्तर के मुताबिक होती है।
पूरी तरह बदल जाएगी क्रिएटिव इंडस्ट्री
एआई इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स का मानना है कि चैटजीपीटी की तरह ही सोरा भी आने वाले दिनों में वीडियो क्रिएटर इंडस्ट्री के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। इस एआई टूल से हाई क्वालिटी और ग्राफिक्स वाले वीडियो क्रिएट किए जा सकते हैं। हालांकि, परम्परागत स्टॉक वीडियो जेनरेशन एजेंसी के लिए सोरा एक खतरा भी हो सकता है। जानकारों का मानना है कि यह एआई टूल क्रिएटिव इंडस्ट्री जैसे कि फिल्म मेकिंग, एडवर्टाइजिंग, ग्राफिक्स डिजाइन, गेमिंग आदि को पूरी तरह से बदल देगा।
बड़ी टेक कंपनियां कर रही जेनरेटिव एआई में निवेश
2022 के आखिर में चैटजीपीटी लॉन्च होने के बाद बड़ी-बड़ी टेक कंपनियां जैसे कि गूगल, एप्पल, मेटा, एक्स (ट्विटर) आदि ने भी जेनरेटिव एआई के क्षेत्र में बड़ा निवेश किया है। माइक्रोसॉफ्ट का को-पायलट और गूगल की एआई जेमिनी इसका उदाहरण हैं। गूगल ने अपनी सर्विसेज में एआई जेमिनी का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। वहीं, गूगल सर्च फीचर को भी नए लैंग्वेज मॉडल के जरिए अपग्रेड किया गया है। वहीं, माइक्रोसॉफ्ट का को-पायलट जेनरेटिव एआई विंडोज यूजर्स को एक अलग तरह का एक्सपीरियंस देता है।
ज्यादा जॉब्स होंगी क्रिएट?
आईबीएम इंडिया की हाल में आई रिपोर्ट के मुताबिक, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस ने पिछले साल वेब डिजाइन, डेटा साइंस, डिजिटल मार्केटिंग जैसे क्षेत्र में बड़ी मात्रा में नौकरियां क्रिएट की हैं। वहीं ईवाई इंडिया का अनुमान है कि 2030 तक जेनरेटिव आई के जरिए भारत की अर्थव्यवस्था बूस्ट होगी और रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे। यह एआई इंडस्ट्री के लिए एक पॉजिटिव साइन है। सोरा और चैटजीपीटी जैसे एआई टूल न सिर्फ एंड यूजर का काम आसान करेंगे, बल्कि इंडस्ट्री को भी इसका फायदा होने वाला है।












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