Slavery in USA: अनेक अमेरिकी नेताओं के पूर्वज रखते थे अश्वेत गुलाम, बाइडेन और ओबामा के परिवार शामिल
Slavery in USA: अमेरिकी न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने 27 जून 2023 को अमेरिका के बड़े व प्रतिष्ठित नेताओं की एक सूची प्रकाशित की थी। जिसमें कुल 118 लोगों के नाम प्रकाशित किये गये थे। गौरतलब है कि यह नाम उनके किसी कारनामे की तारीफ या भ्रष्टाचार से जुड़े किसी मामले के लिए नहीं छापे गये। बल्कि रायटर्स का दावा है कि इन नेताओं के पूर्वजों ने अमेरिका में स्लेवरी यानी गुलामी को बढ़ावा दिया।
दरअसल रायटर्स ने बीतें दिनों Slavery's Descendants नाम की एक श्रृखंला अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित की। जिसमें 'अमेरिका के पॉलिटिकल इलिट क्लास' के नाम से एक आंकड़ा जारी किया गया है। जिसके मुताबिक पांच जीवित राष्ट्रपतियों सहित दो सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश, 11 गवर्नर और 100 सांसद ऐसे हैं, जिनके पूर्वजों ने अश्वेत लोगों को अपना गुलाम बनाकर रखा था।

राष्ट्रपति और उनके गुलाम
इस रिपोर्ट के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के इकलौते जीवित पूर्व राष्ट्रपति हैं, जिनके पूर्वजों के पास कोई गुलाम नहीं था। न्यूयार्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप के दादा फ्रेडरिक ट्रम्प (1869-1918) जो एक बिजनेसमैन थे, वह अपनी पत्नी एलिजाबेथ क्राइस्ट के साथ जर्मनी के एक छोटे से शहर कल्स्टेड को छोड़ अमेरिका में शिफ्ट हो गये थे। तब (1865) गुलाम प्रथा अमेरिका में खत्म हो गयी थी।
जबकि अमेरिका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति बराक ओबामा भी इससे अछूते नहीं है। ओबामा की मां श्वेत (white) अमेरिकी थी और उनके परिजन भी दो अश्वेत गुलाम रखते थे। इसके अलावा इस लिस्ट में वर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडेन (1 अश्वेत गुलाम के मालिक) और उनके सभी पूर्ववर्ती - जिमी कार्टर (54 अश्वेत गुलामों के मालिक), जॉर्ज बुश (25 अश्वेत गुलामों के मालिक), बिल क्लिंटन (1 अश्वेत गुलाम के मालिक) के पूर्वज भी अश्वेत गुलाम रखते थे।
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश और गवर्नर्स के अश्वेत गुलाम
● एमी कोनी बैरेट (न्यायधीश) - 21 अश्वेत गुलाम
● नील गोरसच (न्यायधीश) - एक अश्वेत गुलाम
● एंडी बेशियर (केंटुकी के गवर्नर) - 15 अश्वेत गुलाम
● डौग बर्गम (नॉर्थ डकोटा के गवर्नर)- 13 अश्वेत गुलाम
● रॉय कूपर (उत्तरी कैरोलिना के गवर्नर) - 7 अश्वेत गुलाम
● जॉन बेल एडवर्ड्स (लुइसियाना के गवर्नर) - 57 अश्वेत गुलाम
● आसा हचिंसन (अर्कांसस के पूर्व गवर्नर) - 42 अश्वेत गुलाम
● के आइवे (अलबामा के गवर्नर) - 33 अश्वेत गुलाम
● ब्रायन केम्प (जॉर्जिया के गवर्नर) - 56 अश्वेत गुलाम
● बिल ली (टेनेसी के गवर्नर) - 4 अश्वेत गुलाम
● हेनरी मैकमास्टर (दक्षिण कैरोलिना के गवर्नर) - 4 अश्वेत गुलाम
● माइकल पार्सन (मिसौरी के गवर्नर) - 6 अश्वेत गुलाम
● ग्लेन यंगकिन (वर्जीनिया के गवर्नर) - 1 अश्वेत गुलाम
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2022 के 50 अमेरिकी राज्यों में से 11 के गवर्नरों के पूर्वजों ने गुलाम रखा था। उन 11 गर्वनरों में से 8 के पूर्वजों ने कॉन्फेडरेट स्टेट्स ऑफ अमेरिका का गठन किया था (8 फरवरी 1861 से 9 मई 1865 तक अस्तित्व में था)। उन्होंने गुलामी को बनाये रखने के लिए युद्ध छेड़ दिया। जिनमें दो लोग राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन नामांकन की मांग कर रहे हैं वे हैं आरकेंसा के पूर्व गवर्नर आसा हचिंसन और नॉर्थ डकोटा के डुग बर्गम। हालांकि, बाकी नामों का खुलासा रॉयटर्स की ओर से नहीं किया गया है।
100 सांसदों के पूर्वज रखते थे गुलाम
इस रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी कांग्रेस के 100 सदस्य ऐसे हैं, जिनके पूर्वज गुलाम रखा करते थे। रिपोर्ट के मुताबिक इनमें अमेरिकी कांग्रेस के मौजूदा सदस्यों में कम से कम 28 प्रतिशत रिपब्लिकन और 8 प्रतिशत डेमोक्रेट शामिल हैं। सदन की बात करें तो 28 सीनेट सदस्य हैं और 72 हाउस ऑफ रिप्रेजेन्टेटिव्स के सदस्य हैं जिनके पूर्वजों ने गुलाम रखा था।
इस रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी कांग्रेस के दो सदस्य टिम स्कॉट और जेम्स क्लाइबर्न के पूर्वज खुद गुलाम थे। टिम स्कॉट रिपब्लिकन पार्टी की ओर से अमेरिका के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रह चुके हैं जबकि अश्वेत सीनेटर जेम्स क्लाइबर्न एक बड़े नेता हैं।
अमेरिका में कब खत्म हुई दास प्रथा
अमेरिका के 16वें राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन ने अमेरिका में दास प्रथा को खत्म किया था। वह 1860 में पहले रिपब्लिकन नेता थे जो अमेरिका के राष्ट्रपति बने थे। तब देश में दास प्रथा बहुत ज्यादा हावी था। दक्षिणी राज्यों के लोग (गोरे) दास प्रथा के खात्मे के बिल्कुल खिलाफ थे। वहीं दक्षिणी राज्य मिलाकर एक नया देश बनाने की तैयारी भी चल रही थी।
दास प्रथा व अन्य कारणों से उत्तरी और दक्षिणी राज्यों के बीच गृह युद्ध (सिविल वॉर) छिड़ गया था। अब्राहम लिंकन खुद एक गरीब परिवार से आये थे और वो दास प्रथा के बिल्कुल खिलाफ थे। वहीं उच्च कुल व धनी लोग लिंकन की भावना को समझ गये थे और विरोध शुरू कर दिया था। तब लिंकन ने ऐलान किया था कि एक राष्ट्र आधा आजाद और आधा दास नहीं रह सकता है। इस बाद उन्होंने देश में छिड़े गृहयुद्ध को शांत किया और देश को एकजुट रखा।
इसके बाद 1 जनवरी, 1863 तत्कालीन राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन ने मुक्ति की उद्घोषणा जारी की, जिसने गुलामों को हमेशा के लिए आजाद करने का ऐलान किया गया। गुलामी के खात्मे के प्रतीक के तौर पर अमेरिका में 19 जून, 1866 से जूनटींथ त्योहार मनाया जाता है।
(इस लेख में लेखक ने अपने निजी विचार व्यक्त किए हैं। लेख में प्रस्तुत किसी भी विचार एवं जानकारी के प्रति Oneindia उत्तरदायी नहीं है।)












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