नवाजुद्दीन सिद्दीकी तुम अच्छे एक्टर हो, पर गिरे हुए इंसान, तुम पर मुझे घिन आती है
नवाजुद्दीन सिद्दीकी बॉलीवु़ड के उन चुनिंदा कलाकारों में से एक हैं जिन्हें स्टार नहीं, बल्कि एक्टर कहा जाता है। एक्टिंग की दुनिया में उनकी अलग पहचान है।
नवाजुद्दीन सिद्दीकी बॉलीवु़ड के उन चुनिंदा कलाकारों में से एक हैं जिन्हें स्टार नहीं, बल्कि एक्टर कहा जाता है। एक्टिंग की दुनिया में उनकी अलग पहचान है। वो मेरे पसंदीदा कलाकारों में से एक रहे हैं। फिर चाहे वो 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' हो या 'लंचबॉक्स' या फिर 'बदलापुर', हर फिल्म के साथ मेरी मोहब्बत उनके लिए बढ़ती गई। लेकिन पिछले एक-दो दिनों से नवाज के खुलासे ने मेरी सारी मोहब्बत नफरत में बदल दी है। अब उस इंसान के मन में कोई इज्जत ही नहीं बची जो लड़कियों का इस्तेमाल करता हो। ऐसे इंसान के लिए तो किसी के मन में इज्जत नहीं होनी चाहिए।


उनका बस एक ही उद्देश्य था, लड़की के घर जाओ, सेक्स करो
कितनी आसानी से नवाज ने अपनी किताब में लिख दिया कि वो अपनी जरूरतों को मिटाने के लिए लड़कियों के पास जाते थे। कि उनका बस एक ही उद्देश्य था, लड़की के घर जाओ, सेक्स करो और लौट आओ। छी... घिन आती है मुझे ऐसे नवाज से। ऐसा नवाज जो अपनी हवस के लिए किसी भी हद तक चला गया। नवाजुद्दीन सिद्दीकी का ये रूप निंदनीय है ,घिनौना है। अपनी किताब बेचने के लिए उसमें सेक्स का छौंका लगाने से वो भी नहीं रुके। उसे बेचने के लिए उन्होंने एक लड़की की निजी जिंदगी खुली किताब बना दी।

उन्हें तो केवल अपने जिस्म की भूख मिटानी थी
नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने अपनी किताब में लिखा है कि निहारिका बाकी लड़कियों की तरह अपने ब्वॉयफ्रेंड से कुछ उम्मीदें रखती थीं। वो चाहती थीं कि नवाज उनके साथ बातें करें, वक्त बिताएं। तो इसमें क्या गलत था। हर लड़की की तो यही ख्वाहिश होती है। हर लड़की चाहती है कि उसका ब्वॉयफ्रेंड उससे प्यार की दो बातें करे, उसके साथ वक्त बिताए। लेकिन नवाज को इन सबकी कहां पड़ी थी, उन्हें तो केवल अपने जिस्म की भूख मिटानी थी। उन्हें निहारिका की फीलिंग्स की कोई परवाह नहीं थी। वो उनके घर आते, उनके साथ सेक्स करते और नौ-दो ग्यारह हो जाते। ऐसा नवाज ने न जाने कितनी लड़कियों के साथ किया होगा। एक बार दो-दो लड़कियों के साथ रहने की बात तो उन्होंने खुद किताब में कबूली है। मतलब वो लड़कियों के पास बस एक चीज को लेकर जाते थे। जब उन्हें ये नहीं मिलता, तो वो लड़की से दूरी बना लेते। निहारिका के लिए उन्होंने सुजैन से दूरी बनाई, और जब निहारिका रिश्ते में सीरियस हो गईं तो वो फिर उनसे भी पीछा छुड़ाने लगे।

बड़े अभिनेता तो बन गए लेकिन उनका दिमाग वही छोटा और गंदा रह गया
नवाजुद्दीन सिद्दीकी मुंबई जैसे बड़े शहर में तो आ गए, बड़े अभिनेता तो बन गए लेकिन उनका दिमाग वही छोटा और गंदा रह गया। उसी छोटे से शहर की गंदगी लेकर वो मुंबई आ गए। एक्टिंग के लिए उन्होंने जी-तोड़ मेहनत की और अच्छे अभिनेता भी बने। लेकिन एक भले इंसान वो नहीं बन पाए। नवाज की बातों ने जब मुझे इतना दुख पहुंचाया है तो निहारिका के बारे में तो मैं सोच भी नहीं सकती। अपना दुख वो दुनिया के सामने पहले ही रख चुकी हैं। कि नवाज ने उनसे किताब में सबकुछ बिना पूछे छापा है। नवाज अब इन सवालों का जवाब क्यों नहीं देते। क्या वो इसके लिए भी नई किताब लिखेंगे और बताएंगे कि वो कैसे लड़कियों से बिना पूछे उनकी निजी जानकारी दुनिया के सामने रखते हैं?

नवाजुद्दीन जैसे शख्स से ऐसी बिल्कुल उम्मीद नहीं थी
नवाजुद्दीन जैसे शख्स से ऐसी बिल्कुल उम्मीद नहीं थी। उन्होंने सिर्फ निहारिका की ही नहीं, बल्कि सभी लड़कियों की बेज्जती की है। अपनी किताब को बेचने के लिए उन्होंने सबसे पहले वही किस्सा क्यों पेश किया? क्योंकि उन्हें मालूम था कि किताबें ऐसे ही बिकती हैं। उनकी ये हरकत घटिया ही नहीं, बल्कि नीच भी है। मेरे पसंदीदा अभिनेता होने का हक तो उन्होंने खो ही दिया है। वो किसी के भी फेवरेट होना डिजर्व नहीं करते












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