साल 2015 में होगी मोदी सरकार की योजनाओं की परीक्षा
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। नरेन्द्र मोदी सरकार के लिए आगामी 2015 बेहद अहम रहेगा। तब तक उसकी बहुत सी योजनाएं लागू हो चुकी होंगी । उनके नतीजे भी आने लगेंगे। तब पता चलेगा कि नई योजनाओं से जनता को कितना लाभ हुआ। इनमें एकीकृत राष्ट्रीय आवास मिशन, प्रधानमंत्री जन धन योजना, स्वच्छ भारत' मिशन शामिल हैं।
वगैरह शामिल हैं।

एकीकृत राष्ट्रीय आवास मिशन
इस लिहाज से हम एकीकृत राष्ट्रीय आवास मिशन से बात शुरू कर सकते हैं। सरकार देश में सभी को 2022 तक घर मुहैया कराने के लक्ष्य के तहत एक नया एकीकृत राष्ट्रीय आवास मिशन शुरू करने जा रही है। बेशक,सभी को घर उपलब्ध कराना काफी बड़ा काम है और इसमें बड़े पैमाने पर निजी क्षेत्र की भागीदारी की जरूरत है।
इसकी सफलता के लिए सरकार सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के प्रोत्साहन के लिए प्रतिबद्ध है। मंजूरियां तेज कर व भूमि उपलब्ध कराकर परिचालनगत अड़चनों को दूर किया जाएगा। अगले साल पता चल जाएगा कि किस मिशन ने कितनी लंबी य़ात्रा तय की।
प्रधानमंत्री जन धन योजना
मोदी सरकार की यह बेहद महत्वाकांक्षी योजना है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के हर नागरिक को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने के लिए उनका बैंक अकाउंट खुलवाने से जुड़ी 'प्रधानमंत्री जन धन योजना' कुछ समय पहले शुरू की। योजना के पहले ही दिन डेढ़ करोड़ अकाउंट खोले गए। विशेषज्ञों का कहना है कि इस योजना को गति देनी होगी 2015 में भी ताकि देश के अंतिम व्यक्ति को भी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
वीज़ा ऑन अराइवल
मोदी सरकार ने टूरिस्ट वीजा आन एराइवल योजना का शुभारंभ किया है। इसके चलते कुछेक देशों के नागरिकों को छोड़कर सभी देशों के नागरिकों को भारत में आते ही वीजा मिलेगा। बेहतर होगा कि सरकार इस योजना को बहुत ईमानदारी से लागू करे ताकि भारत में दुनियाभर में पर्यटकों की तादाद बढ़े।
दरअसल भारत प्राचीनकाल से ही विश्व के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है।प्राचीन काल से लोग दर्शन और आध्यात्म का अनुभव करने के लिए भारत की यात्रा करते रहे हैं। उम्मीद की जानी चाहिए कि पर्यटन मंत्रालय विदेश से आने वाले लोगों के लिए सुरक्षित व खुशनुमा माहौल उपलब्ध कराएगा ।

स्वच्छ भारत' मिशन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तमाम योजनाओं और कार्यक्रमों में 'स्वच्छ भारत' मिशन का खास महत्व है। वे इसे खुद देख रहे हैं। उन्होंने गांधी जयंती के अवसर पर खुद झाड़ू लगाकर अपने 'स्वच्छ भारत' मिशन की शुरूआत की। इस अभियान का उद्देश्य अगले पांच साल में पूरे देश में स्वच्छता कायम करना है।
अब देखने वाली बात यह है कि सरकार इस मिशन को लेकर आगे कितना गंभीर रहती है। इसका टेस्ट आने वाले साल में हो जाएगा। हालांकि य़ह बात तो मानी जा सकती है कि देश में इस मिशन के चलते स्वच्छता को लेकर एक माहौल तो बन गया है।
नया ‘योजना आयोग'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर योजना आयोग के विकल्प के रूप में नई संस्था की स्थापना के लिए काम चल रहा है। उम्मीद की जानी चाहिए नई संस्था जल्दी ही स्थापित हो जाएगी। नई संस्था के लिए अगला साल अहम होने वाला है कि वह किस तरह से देश को विकास योजनाओं के लिए सुझाव देती हैं। मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद ट्विटर पर लिखा था, "योजना आयोग की जगह लेने वाली नई संस्था की रूपरेखा पर अपने सुझाव भेजिए।"

मेक इन इंडिया अभियान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि भारत दुनिया का प्रमुख मैन्यूफैक्चरिंग हब बन जाए। मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘मेक इन इंडिया' की घोषणा की थी ताकि विदेशी निवेश आकर्षित किया जा सके और देश को विनिर्माण का बड़ा केंद्र बनाया जा सके। हालांकि मोदी सरकार की यह बेहद खासमखास योजना है, पर इसे पूरी ईमानदारी के साथ लागू करने की जरूरत है।
अगर ये बेहतर तरीके से लागू होगी तो देश में विदेशी पूंजी आएगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इस बीच, ‘मेक इन इंडिया' अभियान के प्रति सतर्क रूख अख्तियार करते हुए रिजर्व बैंक गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि इसके तहत सिर्फ विनिर्माण पर ही ध्यान नहीं दिया जाना चाहिये।












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