Migrants in USA: अमेरिका में प्रवेश के लिए उमड़ी प्रवासियों की भीड़, जानें क्या है पूरा मामला?
दस साल पहले अमेरिका की दक्षिणी सीमा पर कोई अवैध प्रवासी जब पहुंचता था, तो यह माना जाता था कि वह मैक्सिको से होगा। लेकिन, अब हालात बदल गये है।

Migrants in USA: काफी समय से अमेरिका में अवैध प्रवासियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। सीमा पार करने की कोशिश करने वाले लोगों में एशिया, दक्षिणी अमेरिका के दर्जनों देशों के लोग हैं। खासकर पेरू, वेनेजुएला, हैती, और रूस के नागरिकों की भारी तादाद है। साल 2011 में जहां 85 प्रतिशत तक ऐसे लोग मेक्सिको के होते थे, अब वे एक-तिहाई से भी कम हो चुके हैं।
अमेरिका में हर रोज 10 हजार लोग घुस रहे हैं?
इस बीच 11 मई 2023 को अमेरिका में कोरोना के दौरान प्रवासियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने वाले टाइटल 42 की सीमा खत्म हो गई है। जिसके बाद से अमेरिका-मैक्सिको के बॉर्डर पर लोगों की भारी भीड़ जुटने लगी है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक टाइटल 42 खत्म होने के बावजूद बॉर्डर बंद रखे गए हैं। शरणार्थी शिविरों पर प्रवासियों की भीड़ जुट गई है। बीबीसी के मुताबिक टाइटल 42 के अंत होने के बाद 2,000 मील (3,200 किमी) यूएस-मैक्सिको सीमा के पास लोगों की 'अंधी दौड़' शुरू हो चुकी है। प्रत्येक दिन लगभग 10,000 लोग सीमा पार कर रहे हैं।
क्या है टाइटल 42?
टाइटल 42 को कोविड-19 महामारी के मद्देनजर 2020 में लागू किया गया था। इसके तहत अमेरिकी सरकार ने वहां रहने वाले कई प्रवासियों को वापस अपने-अपने मुल्क भेज दिया था। हालांकि, कितनी संख्या में लोगों को वापस भेजा गया था, इसका कोई स्पष्ट आंकड़ा नहीं है। इसे तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लागू किया गया था। जिसकी समय सीमा 11 मई, 2023 को खत्म हो गयी है। अब अमेरिका से 'टाइटल 42' की समय सीमा समाप्त होने के साथ ही प्रवासियों के भीतर नई उम्मीद की किरण जगी है। वहीं मैक्सिको के हजारों-लाखों प्रवासी बेहतर जिंदगी की चाहत लिए अमेरिका में बसने के लिए व्याकुल हैं और वे उस ओर भाग रहे हैं।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक कई प्रवासी रियो ग्रांदे नदी को पार करने की मशक्कत में जुटे हैं। प्रवासी बच्चों को सिर पर लादकर और सामान लिए आगे बढ़ रहे हैं। कुछ कंटीली तार पार कर अमेरिका में दाखिल होने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं सरकार को डर है कि रोजाना 13 हजार लोग बॉर्डर पार करेंगे। इसलिए टाइटल 42 की समय सीमा खत्म होने से पहले ही अमेरिका ने बॉर्डर पर 1500 सैनिक तैनात कर दिये थे।
इन चार देशों के लिए अमेरिका में है कोटा?
जर्मन बेवसाइट DW की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी अधिकारी कोशिश में हैं कि जो प्रवासी आ रहे हैं उनकी जल्द से जल्द जांच की जाए और जो जायज शरणार्थी नहीं हैं। उन्हें फौरन उनके देश लौटा दिया जाये। हालांकि, यहां गौर करने वाली बात ये है कि यहां पर जो शरणार्थी हैं उनकी राष्ट्रीयता के आधार पर उनके साथ अलग-अलग व्यवहार होता है। जैसे कि क्यूबा, हैती, निकारागुआ और वेनेजुएला (CHNV) के नाम से इनको अलग श्रेणी माना गया है। क्योंकि ट्रंप प्रशासन के दौरान बहुत से प्रवासियों को निकाला गया था।
दरअसल दिसंबर, 2022 में जितने लोग अमेरिकी सीमा पर रोके गये थे, उनमें से 40 प्रतिशत इन्हीं चार देशों से थे। क्योंकि टाइटल 42 तब लागू था। वहीं बीते 5 जनवरी, 2023 को बाइडेन सरकार ने ऐलान किया कि इन चार देशों से हर महीने अधिकतम 30 हजार प्रवासी लोग दो साल के अस्थायी मानवीय आधार पर सीमा पार कर सकते हैं, बशर्ते उन्होंने ऑनलाइन अर्जी दी हो और उनके पास समुचित धन हो।
अमेरिका में भारतीय शरणार्थी क्यों?
अमेरिका में शरणार्थियों की समस्या केवल पड़ोसी देशों से नहीं है बल्कि भारत जैसे दूर बसे देशों से भी है। मार्च, 2023 में अमेरिका में जितने अवैध प्रवासी अमेरिकी सीमा पर पहुंचे थे, उनमें से दो तिहाई अन्य देशों से ही थे। यहां अमेरिकी सीमा में प्रवेश करने वालों में भारतीयों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ी है।
हाल ही में अमेरिकी अधिकारियों द्वारा जारी एक आंकड़ा बताता है कि फरवरी 2019 से मार्च 2023 के बीच 1.19 लाख भारतीय लोग अमेरिका में अवैध रूप से घुसते हुए पकड़े गये थे। इनमें से ज्यादातर को कनाडा-अमेरिका सीमा पर पकड़ा गया था। हालांकि कुल पकड़े गए लोगों में भारतीयों की संख्या दो फीसदी है और बहुत कम लोगों को अभी तक डिपोर्ट किया गया है। बड़ी संख्या में लोगों को अमेरिका में मानवीय आधार पर शरण मिल रही है।
क्या कहता है संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक आपसी संघर्ष, उत्पीड़न, आतंकवाद, मानवाधिकारों के उल्लंघन, जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक आपदा, नौकरी, भूख या अन्य कारकों की वजह से लोग पूरी दुनिया में एक सुरक्षित जगह पर जाने और प्रवासी बनने को मजबूर हैं। वहीं आईओएम वर्ल्ड माइग्रेशन रिपोर्ट 2020 के अनुसार, जून 2019 तक अंतरराष्ट्रीय प्रवासियों की संख्या विश्व स्तर पर लगभग 272 मिलियन थी, जो 2010 की तुलना में 51 मिलियन अधिक थी। वहीं लगभग दो तिहाई श्रमिक प्रवासी थे।
Pew Research Center की एक रिपोर्ट के मुताबिक संयुक्त राज्य अमेरिका में दुनिया के किसी भी देश की तुलना में अधिक अप्रवासी रहते हैं। साल 2020 तक यू.एस. में रहने वाले 40 मिलियन से अधिक लोग ऐसे हैं, जो दूसरे देश में पैदा हुए थे लेकिन आज वो यूएस में रहे हैं। यह दुनिया के प्रवासियों का लगभग पांचवां हिस्सा है।
बता दें कि अमेरिका ने मैक्सिको सीमा पर मई 2019 में 1.44 लाख से ज्यादा शरणार्थियों को हिरासत में लिया था। इस साल मई तक अमेरिका-मैक्सिको सीमा पर 6 लाख लोग सीमा पार करते हुए पकड़े गए हैं जबकि 2,075 लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार मैक्सिको से लगी सीमा पर शरणार्थियों के पकड़े जाने के मामले अप्रैल की तुलना में 32 फीसदी बढ़ गए। 2006 से किसी एक महीने में यह आंकड़ा सबसे ज्यादा है। यह सभी लोग अवैध रूप से सीमा पार करने के तहत पकड़े गए। इनमें से करीब 10 फीसदी लोग बिना कागजात के यहां पहुंचे थे।












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