Mass Shootings in US: बीते 24 सालों में अमेरिका के 376 स्कूलों में चल चुकी हैं गोलियां

अमेरिका जैसे सुपरपावर देश में गन ‘कल्चर’ की वजह से वहां के स्कूलों में गोलीबारी की घटना कोई नयी बात नहीं है। हर वर्ष ऐसी अनेक घटनाएं होती हैं जिनमें निर्दोष बच्चे हत्यारों के शिकार हो जाते हैं।

Mass Shootings in US firing incidents in 376 schools in America In the last 24 years

Mass Shootings in US: अमेरिकी राज्य टेनेसी के नैशविले में 27 मार्च 2023 को एक क्रिश्चियन स्कूल में जबरदस्त गोलीबारी हुई। इस घटना में तीन बच्चों समेत 7 लोगों की मौत हो गयी, जबकि कई लोग घायल हैं। पुलिस के मुताबिक हमलावर 28 साल की एक युवती थी, जिसके पास दो असॉल्ट राइफलें और एक हैंडगन मौजूद थी। इस घटना के समय स्कूल में नर्सरी से लेकर छठी कक्षा तक के लगभग 200 छात्र मौजूद थे।

मेट्रोपॉलिटन नैशविले पुलिस विभाग ने एक ट्वीट में कहा कि संदिग्ध हमलावर मर चुकी है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि उस युवती ने यह हमला क्यों किया था? पुलिस ने यह नहीं बताया कि हमलावर पुलिस की गोली से मरी या उसने आत्महत्या कर ली? वैसे यह पहली बार नहीं है जब अमेरिका के किसी स्कूल में गोलीबारी की घटना हुई हो। इससे पहले भी कई बार इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं।

तीन लाख से ज्यादा छात्र हुए हैं प्रभावित

'द वाशिंगटन पोस्ट' के मुताबिक पिछले दो दशकों के अन्दर स्कूलों में गोलीबारी की घटनाओं का 348,000 से अधिक छात्रों पर प्रभाव पड़ा है। जबकि 1999 से अबतक लगभग 376 स्कूलों में गोलीबारी की घटना हो चुकी है। इस दौरान 180 ऐसे मामलें सामने आये जहां किशोरों अथवा युवाओं द्वारा गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया गया।

पहली बड़ी घटना

साल 1999 में अमेरिका के इतिहास में किसी स्कूल में गोलीबारी की सबसे दर्दनाक घटना हुई थी। इस घटना को कोलोराडो के कोलंबिन हाई स्कूल में पढ़ने वाले दो छात्रों ने अंजाम दिया था। वे दोनों छात्र अपने साथ राइफलें, पिस्तौलें और विस्फोटक लेकर स्कूल में घुसे और अंधाधुंध गोलियां चलाकर अपने 12 सहपाठियों को मार डाला। इस दौरान 21 लोग घायल भी हुए। 20 अप्रैल 1999 को हुई इस दुखद घटना में इन दोनों छात्रों ने तकरीबन 20 मिनट तक गोलियां चलाईं और बाद में खुद को भी गोली मार ली थी।

मां और दादा की हत्या फिर स्कूल में गोलीबारी

मार्च 2005 में एक 16 साल के छात्र ने अपने मिनेसोटा स्थित घर पर अपने दादा और उनके दोस्त की हत्या कर दी थी। फिर पास के रेड लेक हाईस्कूल में गया जहां 5 छात्रों, एक शिक्षक और एक सुरक्षा गार्ड की भी गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने खुद को गोली मार ली।

इसी तरह दिसंबर 2012 में एक 19 साल के युवक ने पहले अपने घर पर मां की हत्या कर दी। फिर पास के सैंडी हुक प्राथमिक स्कूल में गया और 20 फर्स्ट ग्रेड स्टूडेंट और छह शिक्षकों की हत्या कर दी। इसके बाद खुद को गोली मार ली थी। इस गोलीबारी में 26 लोगों की मौत हुई थी।

बंधक बनाकर की हत्या

2 अक्टूबर 2006 को पेन्सिलवेनिया के वेस्ट निकेल माइन्स स्कूल में 32 साल के युवक ने 10 लड़कियों (6-13 वर्ष की आयु) को बंधक बना लिया और गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया। इस घटना में पांच लड़कियों की मौके पर मौत हो गई, जबकि पांच अन्य को घायल कर दिया। इसके बाद हमलवार ने खुद को गोली मार दी।

हमला कर की आत्महत्या

अप्रैल 2007 में एक 23 साल के छात्र ने वर्जीनिया टेक के ब्लैक्सबर्ग परिसर में 32 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वहीं दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गये थे। इसके बाद उस छात्र ने खुद को गोली मार ली।

इसी तरह 24 अक्टूबर 2014 में एक 15 साल के छात्र ने मैरीसविले पिलचक हाई स्कूल की गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया। इसमें 4 छात्रों की मौत हो गई। इसके बाद उस हमलावर छात्र ने भी खुद को भी गोली मार ली।

अक्टूबर 2015 में ओरेगॉन के रोजबर्ग में एक व्यक्ति ने UMPQUA कम्युनिटी कॉलेज में 9 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी और 9 अन्य लोगों को घायल कर दिया था। फिर खुद को भी गोली मार ली।

बीते सालों में प्रमुख घटनाएं

मई 2018 में ह्यूस्टन क्षेत्र के सांता फे हाईस्कूल में 17 साल के लड़के ने गोलीबारी की, जिसमें 10 लोग मारे गये। जिनमें से अधिकांश छात्र थे। वहीं फरवरी 2018 में ही फ्लोरिडा के पार्कलैंड स्थित मारजोरी स्टोनमैन डगलस हाईस्कूल में गोलीबारी हुई। इसमें 14 छात्रों सहित तीन स्टाफ सदस्यों की मौत और कई अन्य घायल हो गये। 20 साल के एक युवक ने इस घटना को अंजाम दिया था।

मई 2022 में अमेरिका के टेक्सास शहर में एक प्राथमिक स्कूल (रॉब ऐलेमेंट्री स्कूल) के अंदर अंधाधुंध फायरिंग में 18 मासूम बच्चों समेत 21 लोगों की जान चली गई। इसके बाद, टेक्सास के गवर्नर ने बयान दिया कि पुलिस ने 18 साल के हमलावर को मार दिया है।

जनवरी 2023 में भी अमेरिका के वर्जीनिया में एक स्कूल में 6 साल के बच्चे ने स्कूल में फायरिंग कर दी। जिसमें उसके 30 साल की महिला शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गयीं। जवाबी कार्यवाही में पुलिस ने उस 6 साल के बच्चे को हिरासत में ले लिया था।

घटनाओं के पीछे का कारण

अमेरिकी स्कूलों में गोलीबारी की घटनाओं के पीछे के कई कारण बताये गये हैं। सामान्यतः इन घटनाओं में शामिल आरोपियों के बयान सामने नहीं आते। दरअसल, अभीतक स्कूलों में जितनी भी घटनाएं हुईं हैं उसमें ज्यादातर आरोपी पकड़े नहीं गये क्योंकि उन्होंने हमले के बाद खुद को भी गोली मार ली थी।

हालांकि, यूएस सीक्रेट सर्विस और यूएस डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन की 2002 की एक रिपोर्ट के अनुसार स्कूलों में फायरिंग के पीछे कई अन्य मनोवैज्ञानिक कारण भी बताए हैं। इसमें परिवार की शिथिलता, परिवार में एक दूसरे के बीच दूरियां और कम बातचीत, बच्चों में पारिवारिक देखरेख की कमी और मानसिक बीमारी शामिल हैं।

जबकि कई अध्ययन में ऐसा पाया गया कि जो बच्चे गोलीबारी की घटना को अंजाम देते हैं। उनमें से ज्यादातर का लालन-पालन इकलौती मां या पिता, समलैंगिक अभिभावक कर रहे हैं। जांचकर्ताओं का मानना है कि शायद इसलिए विवाहित माता-पिता की तुलना में इन बच्चों का मानसिक विकास सामाजिक ज्ञान के हिसाब से उतना बेहतर नहीं हो रहा है।

यह भी पढ़ेंः Watch: नैशविले स्कूल में महिला शूटर का एनकाउंटर, बॉडी कैमरे से रिकॉर्डेड वीडियो में देखिए खौफनाक ऑपरेशन

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+