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Love Jihad: इन राज्यों में है लव जिहाद के खिलाफ कानून, कोर्ट भी कर चुका है सख्त टिप्पणी

लव जिहाद को लेकर आये दिन चर्चा होती रहती है। उत्तर प्रदेश, हिमाचल और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में इसके खिलाफ सख्त कानून बनाया गया है।

Law against Love Jihad in these states of India court statements on Love Jihad cases

Love Jihad: लव जिहाद को लेकर पिछले कुछ समय से देश की राजनीति एक बार फिर से गरमा गई है। श्रद्धा हत्याकांड के बाद से लव जिहाद सुर्खियों में है। वहीं बीते दिन ही एक्ट्रेस तुनिशा शर्मा की सुसाइड मामले को भी लव जिहाद का एंगल दिया जा रहा है, तो बीजेपी सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर के एक बयान से मामला और भड़क गया है।

लव जिहाद का सामान्य मतलब है कि एक समुदाय विशेष के लोग दूसरे समुदाय की लड़कियों को गलत पहचान बताकर प्यार के नाम पर उनका शारीरिक शोषण करते हैं और उसके बाद उन लड़कियों पर दबाव डालकर जबरदस्ती उनका धर्म परिवर्तन कराया जाता है। ऐसे मामलों को 'लव जिहाद' का नाम दिया गया है।

सरकार के पास कोई आंकड़े नहीं

देश की किसी भी एजेंसी के पास लव जिहाद से जुड़ा कोई आंकड़ा नहीं है। दरअसल सरकार यह बताने में असमर्थ है कि ऐसे कितने मामले देशभर के थानों में दर्ज हुये हैं। साल 2020 में केंद्र सरकार ने संसद में कहा था कि लव जिहाद के तहत कोई केस किसी भी एजेंसी ने दर्ज नहीं किया है। लव जिहाद शब्द का इस्तेमाल तब से शुरू हुआ, जब अक्टूबर, 2009 में केरल कैथोलिक बिशप काउंसिल ने दावा किया था कि लगभग 4,500 लड़कियों को लव जिहाद का निशाना बनाया गया। वहीं हिंदू जनजागृति समिति का आरोप था कि अकेले कर्नाटक में ही 30 हजार लड़कियों का धर्म परिवर्तन किया गया है।

क्या है 'लव जिहाद' से जुड़ा कानून?

केंद्र के स्तर पर लव जिहाद को लेकर सीधे-सीधे कोई कानून नहीं है लेकिन कुछ राज्यों ने इस पर कानून बनाया है। दरअसल, भारत में हिंदू धर्म के लोग हिंदू विवाह अधिनियम 1955 के तहत और मुस्लिम धर्मावलंबी मुस्लिम परंपराओं के अनुसार शादी कर सकते हैं। यहां पर गलत एफिडेविट देने, उम्र या धर्म छिपाने, वैवाहिक स्थिति छुपाने जैसी गलत जानकारी देने पर भारतीय कानूनों के तहत सजा का प्रावधान है। आईपीसी की धारा 366 के तहत अपहरण के मामलों में 10 साल की सजा हो सकती है। जबकि शारीरिक शोषण के लिए झूठ बोलकर की गई शादी के मामले को ह्यूमन ट्रैफिकिंग और दुष्कर्म से जोड़ा गया है। लव जिहाद को लेकर उत्‍तर प्रदेश, मध्‍य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश ने कानूनी प्रक्रिया को अपनाया है।

उत्तर प्रदेश : योगी सरकार ने लव जिहाद और धर्म परिवर्तन जोड़कर कानून पारित किया। इसके तहत 'धर्म परिवर्तन के लिए इच्छा संबंधी घोषणापत्र' जिला मजिस्ट्रेट के पास 60 दिन पहले देना होगा। यदि इसमें कोई दोषी पाया जाता है तो 'लव जिहाद कानून' के तहत गैर जमानती धाराओं में मामला दर्ज करने और 10 साल की कड़ी सजा का प्रावधान है।

मध्य प्रदेश : उत्तर प्रदेश की तरह मध्‍य प्रदेश में भी 'लव जिहाद कानून' को बिल्कुल उसी तरह से पास किया गया है। यहां भी 'धर्म परिवर्तन के लिए इच्छा संबंधी घोषणापत्र' जिला मजिस्ट्रेट के पास 60 दिन पहले देना होगा। यदि इसमें कोई दोषी पाया जाता है तो 'लव जिहाद कानून' के तहत गैर जमानती धाराओं में मामला दर्ज करने और 10 साल की कड़ी सजा का प्रावधान है।

हिमाचल प्रदेश : यहां पर यूपी और एमपी की तरह 60 नहीं बल्कि 30 दिन का समय दिया गया है। सरकार ने 'धर्म परिवर्तन के लिए इच्छा संबंधी घोषणापत्र' जिला मजिस्ट्रेट के पास जमा करने की अवधि 30 दिन रखी है। इस दौरान जांच में यदि यह साबित होता है कि धर्म परिवर्तन जबरन हो रहा है तो लव जिहाद का कानून लागू होगा और दोषी को एक से पांच साल तक की जेल होगी।

'लव जिहाद' पर कोर्ट के कुछ खास बयान

9 दिसंबर 2009 को केरल हाईकोर्ट के न्यायाधीश केटी शंकरन (अब सेवानिवृत्त) ने लव जिहाद एंगल से जोड़कर एक फैसले में जबरन धर्मांतरण को लेकर सख्त टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि प्यार के नाम पर यहां जबरन धर्मांतरण कराया जा रहा है और सरकार को इस तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए कानून बनाना चाहिए। न्यायाधीश ने यह भी कहा था कि प्यार के नाम पर किसी प्रकार का कपटपूर्ण अथवा जबरन धर्मांतरण नहीं हो सकता।

अगस्त 2021 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लव जिहाद (धर्मांतरण) से जुड़े एक केस की सुनवाई करते हुए कहा था कि महज शादी के लिए धर्म परिवर्तन करना सरासर गलत है, धर्म आस्‍था का विषय है। जबरन धर्म परिवर्तन में धर्म विशेष के प्रति कोई आस्‍था नहीं होती। ऐसा फैसला दबाव में लिया जाता है। महज शादी के लिए किया गया धर्म परिवर्तन निरर्थक है, इसकी कोई संवैधानिक मान्‍यता नहीं है।

17 सितंबर, 2022 को देश में पहली बार उत्तर प्रदेश में लव जिहाद कानून लागू होने के बाद अमरोहा के जिला कोर्ट द्वारा सजा सुनाई गयी। जिला सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट प्रथम डॉ. कपिल राघव ने मोहम्मद अफजल नाम के शख्स को एक नाबालिग को प्रेम जाल में फंसाकर शादी की कोशिश करने के मामले में 5 साल कैद और 40 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया था।

'लव जिहाद' से जुड़ी कुछ बड़ी घटनाएं

एक्ट्रेस तुनिषा शर्मा मामला: यह मामला फिलहाल 'लव जिहाद' को लेकर मीडिया की सुर्खियों में बना हुआ है। दरअसल 23 दिसंबर 2022 को एक्ट्रेस ने शुटिंग स्थल पर ही फांसी लगाकर सुसाइड कर ली थी। इसके बाद तुनिषा की मां वनीता शर्मा ने कहा कि मेरी बेटी की मौत के लिये को-स्टार शीजान खान जिम्मेदार है। उसका पहले किसी लड़की के साथ रिश्ता था, उसके बावजूद उसने तुनिषा से संपर्क बनाये रखा और तीन-चार महीनों तक उसका 'यूज' किया। इस आत्महत्या को सोशल मीडिया में लव जिहाद बताया जा रहा है।

श्रद्धा हत्याकांड: यह साल 2022 का सबसे चर्चित केस है। इस केस में आफताब नाम के शख्स ने लिव-इन पार्टनर श्रृद्धा की हत्या कर दी। उसके बाद श्रृद्धा के शव के टुकड़े कर फ्रीज में डाल दिया और कई दिनों तक उन टुकड़ों को ठिकाने लगाता रहा। इस मामले को भी 'लव जिहाद' के एंगल से देखा जा रहा है।

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    रेबिका हत्याकांड: झारखंड के साहिबगंज जिले में 16-17 दिसंबर को रेबिका पहाड़िन नामक युवती की हत्या के बाद उसके शव के 50 टुकड़े कर फेंक दिया गया था। उसकी शादी मात्र डेढ़ महीने पहले लव मैरिज करने वाले दिलदार अंसारी से हुई थी। उसकी हत्या के बाद पिता ने आरोप लगाया कि रेबिका को अंसारी और उसके घरवाले मारते-पीटते थे और उस पर धर्म बदलने का दबाव डाला जा रहा था। जिसके लिए रेबिका तैयार नहीं थी।

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