Rakesh Jhunjhunwala: शेयर बाजार के किंग राकेश झुनझुनवाला ने ₹5000 से की थी अपने निवेश की शुरुआत
Rakesh Jhunjhunwala: राकेश झुनझुनवाला को हर कोई जानता है। शेयर बाजार में निवेश करने वाले लोग तो खासकर उन्हें जानते ही हैं। शेयर बाजार के बिग बुल राकेश झुनझुनवाला का जन्म 5 जुलाई 1960 में मुंबई में हुआ था। इनके पिता इनकम टैक्स ऑफिसर थे। राकेश ने अपनी सीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने पिता से कहा कि मुझे शेयर बाजार में जाना है। इस पर उनके पिता ने पैसे देने के से साफ मना कर दिया और कहा कि शेयर बाजार के लिए मैं तुमको पैसे नहीं दूंगा। पिता ने यह भी कहा कि तुम शेयर बाजार के लिए अपने दोस्तों से भी पैसे नहीं लोगे। पिता ने कहा कि अगर तुम शेयर बाजार में उतरना चाहते हो, तो इसके लिए खुद की मेहनत से पैसे कमाओ और फिर शेयर बाजार में लगाओ।
शेयर बाजार में राकेश की एंट्री
1985 में राकेश झुनझुनवाला ने शेयर बाजार में अपना कदम रखा और महज पांच हजार रुपये का निवेश कर इन्वेस्टर के रूप में शुरुआत की। उनका कहना था कि कोशिश नहीं करने के बजाय प्रयास करने के बाद नाकाम होना बेहतर है। कुछ कमाई करने के बाद उन्होंने टाटा समूह की कंपनी टाटा टी के पांच हजार शेयर ₹43 के हिसाब से खरीदे। इसके बाद तीन महीने में ही टाटा टी का शेयर काफी चढ़ गया। तब राकेश झुनझुनवाला ने 143 रुपये के हिसाब से शेयर बेचे थे। तीन महीने में ही 2.15 लाख रुपये के निवेश पर उनको पांच लाख का मुनाफा हो गया था।

इसके बाद उन्होंने टाटा ग्रुप की एक और कंपनी के शेयर में दांव लगाया। यह 2003 की बात है। झुनझुनवाला ने 2003 में पत्नी रेखा के कहने पर अपनी खुद की स्टॉक ट्रेडिंग फर्म रेयर एंटरप्राइजेज की स्थापना की थी। उसी वर्ष उन्होंने तीन रुपये के हिसाब से टाटा की कंपनी टाइटन के छह करोड़ शेयर खरीदे लिए थे। एक समय ऐसा आया था कि झुनझुनवाला के पास टाइटन के करीब 4.5 करोड़ शेयर हो गए थे। जिनकी वैल्यू ₹7000 करोड़ से अधिक थी।
अकासा एयरलाइन की शुरुआत
शेयर बाजार के बिग बुल माने जाने वाले राकेश झुनझुनवाला ने अपनी मृत्यु से कुछ महीने पहले ही अकासा एयरलाइन में लगभग ₹278 करोड़ का निवेश किया था। अकासा एयर के लॉन्चिंग पर उन्होंने कहा था कि बहुत से लोगों के मन में सवाल है कि मैंने एक एयरलाइन क्यों शुरू की? तो उनके सवाल का जवाब देने के बजाय मैं सिर्फ कहूंगा कि मैं फेल होने के लिए तैयार हूं। मुझे रिस्क लेने में कोई संकोच नहीं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राकेश अपनी कमाई का 25 प्रतिशत हिस्सा दान कर देते थे। एक बार किसी कार्यक्रम में उनसे पूछा गया कि वह अपने शेयर्स कैसे चुनते हैं। तब उन्होंने कहा था कि वह '3F' के सिद्धांत पर निवेश करते है। जिसमें फेयर वैल्यू, फंडामेंटल और फ्यूचर प्रॉस्पेक्ट शामिल हैं। शेयर की कीमत अच्छी हो या सस्ते वैल्यूएशंस पर मिल रहा हो तो बहुत बढ़िया है। वहीं, कंपनी के फंडामेंटल मजबूत होने चाहिए। इसके अलावा कंपनी का फ्यूचर प्लान क्या है, इसका ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है। इन तीन बातों को ध्यान में रखते हुए ही वह निवेश करते थे। राकेश झुनझुनवाला ने कहा था कि उन्होंने बाजार में इस सिद्धांत के साथ 1985 से निवेश किया था और आज नतीजा सबके सामने है।
'बाजार की भविष्यवाणी संभव नहीं'
राकेश झुनझुनवाला की शेयर बाजार पर पूरी पकड़ थी। वे कहते थे कि शेयर बाजार का कोई किंग नहीं होता है। बाजार ही किंग होता है। साथ ही उनका कहना था कि मौसम, मृत्यु और बाजार की आप भविष्यवाणी नहीं कर सकते। एक समय ऐसा आया था जब राकेश झुनझुनवाला के शेयर गिर रहे थे। यह बात 2011 की है। उस समय झुनझुनवाला के शेयर 30 प्रतिशत तक गिर गये थे। हालांकि उन्होंने फरवरी 2012 में अपनी हानि वसूल कर ली थी। राकेश झुनझुनवाला प्रोड्यूसर भी रह चुके हैं। साथ ही वह टॉप्स सिक्योरिटी लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर भी रहे। मशहूर दिग्गज निवेशक राकेश झुनझुनवाला ने 62 साल की उम्र में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में इस दुनिया को अलविदा कह दिया।












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