कार्तिक पूर्णिमा के दिन तुलसी पूजन का है विशेष महत्व, जानिए किस दिन है कार्तिक पूर्णिमा
नई दिल्ली, 13 नवंबर। हिंदू धर्म में कार्तिक पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। वैसे तो हर महीने की शुक्ल पक्ष की आखिरी तिथि को पूर्णिमा होती है और हर माह की पूर्णिमा विशेष होती है। पूर्णिमा के दिन चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है इसलिए इसे पूर्णिमा कहा जाता है, लेकिन कार्तिक पूर्णिमा उनमें से विशेष महत्व रखती है। इस साल कार्तिक पूर्णिमा 19 नवंबर को है। 20 तारीख से मार्घशीष का महीना लग जाएगा।

कार्तिक पूर्णिमा का महत्व
आपको बता दें कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा होती है। विष्णु पुराण के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा के दिन भगवान नारायण ने मत्स्यावतार लिया था। इस दिन स्नान करके दीपदान करना काफी शुभ और पुण्य प्राप्ति करने वाला माना जाता है। पूरे कार्तिक माह में लोग सुबह जल्दी उठकर स्नान करते हैं और भगवान विष्णु की पूजा करते हैं। कार्तिक पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में बड़ी संख्या में लोग स्नान और दान आदि का कार्य करते है।
कार्तिक पूर्णिमा के दिन तुलसी पूजन का विशेष महत्व
आपको बता दें कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन तुलसी पूजन का भी विशेष महत्व है, इसलिए इस दिन तुलसी के पौधे की पूजा जरूर करें। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा के दिन तुलसी पूजन से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। तुलसी की पूजा करने से यमदूतों का भय समाप्त होता है। जो भक्त सच्ची श्रद्धा से तुलसी पूजन करते हैं उनकी सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
कार्तिक पूर्णिमा के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त
कार्तिक पूर्णिमा तिथि आरंभ- 18 नवंबर 2021 दोपहर 12:00 बजे से
कार्तिक पूर्णिमा तिथि समाप्त- 19 नवंबर 2021 दोपहर 02:26 पर
कार्तिक पूर्णिमा पर चंद्रोदय का समय- 17:28:24
पूजा की विधि
सबसे पहले प्रात: जल्दी उठकर स्नान करें। हो सके तो किसी नदी या तालाब में स्नान करें नहीं तो घर में पानी में गंगाजल डालकर नहाएं। इसके बाद व्रत का संकल्प करके भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का पूजन करें। भगवान के समक्ष शुद्ध देसी घी का दीप जलाएं। इस दिन शाम को भी विष्णु पूजन करें। देसी घी में भूनकर बनाए आटे का कसार, पंचामृत चढ़ाएं। पूजन के दौरान विष्णु जी और मां लक्ष्मी की आरती भी करें।












Click it and Unblock the Notifications