छूटती है नौकरी लेकिन टूट जाता है भरोसा और आत्मविश्वास
लंदन। मशहूर फिल्म '3 इडियट्स' का बड़ा ही फेमस डॉयलॉग है..हर बच्चा यही सोचता है कि कॉलेज अगर डिग्री नहीं देगा, तो जॉब नहीं मिलेगी..जॉब नहीं मिलेगी तो कोई बाप अपनी बेटी नहीं देगा, बैंक क्रेडिट कार्ड नहीं देगा और सोसायटी इज्जत नहीं देगी। जो कि आजकल के परिवेश में काफी सही भी है।
इसलिए लोग अपनी जॉब और नौकरी को दिल से प्यार करते हैं और शिद्दत से चाहते हैं और जब यह इंसान के पास से किसी कारणवश चली जाती है तो इंसान ना चाहते हुए भी अपना आत्मविश्वास खो देता है। यह बात एक शोध में भी निकलकर सामने आयी है।
छूटती है नौकरी लेकिन टूट जाता है भरोसा और आत्मविश्वास
इस शोध में साफ तौर पर कहा गया है कि नौकरी हाथ से जाने के बाद लोग लंबे समय तक दूसरों पर भरोसा नहीं कर पाते हैं। यही नहीं नौकरी से निकाल दिए गए लोग दूसरी नौकरी मिलने के बाद भी दूसरों पर भरोसा करने से कतराते हैं और यह प्रवृत्ति लंबे समय तक उनके व्यवहार शामिल रहती है।
युनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के शोधकर्ता जेम्स लॉरेंस ने बताया कि नौकरी जाने के बाद खाली बैठने से लोगों का दुनिया के प्रति नजरिया बदल जाता है और यह बदलाव लंबे समय तक बना रहता है, वो काफी हद निगेटिस सोचने लगते हैं, उन्हें दूसरों के साथ घुलने-मिलने और बात करने में इनसेक्योरिटी पैदा होती है और यह सिर्फ उस इंसान से जुड़ी बात नहीं है, जो इस अनुभव से गुजरता है, बल्कि यह उसके आसपास के समाज से भी जुड़ी बात है, क्योंकि एक-दूसरे पर भरोसा स्वास्थ्य और खुशहाली से लेकर सामाजिक एकता, कुशल लोकतंत्र और आर्थिक विकास क नजरिए से लाभदायक होता है।
इसलिए ऐसी स्थिति में परेशान व्यक्ति का साथ उसके घरवालों और दोस्तों को देना चाहिए क्योंकि वो ही पीड़ित इंसान के निगेटिव एप्रोच को सकारात्मक कर सकते हैं। आपको बता दें कि यह अध्ययन जर्नल सोशल साइंस रिसर्च में प्रकाशित हुआ है।













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