इंटरनेशनल ओलंपिक डे मनाने का 1947 में रखा गया था प्रस्ताव, इन देशों में सबसे पहले हुआ था आयोजन
नई दिल्ली, जून 23। आज अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक डे है। हर साल 23 जून को ही इंटरनेशनल ओलंपिक डे मनाया जाता है। आपको बता दें कि आज ही के दिन 1894 में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की स्थापना हुई थी। आज का यह दिन खेल और फिटनेस को समर्पित होता है। साथ ही आज के दिन दुनियाभर में कई तरह के कार्यक्रम आयोजित होते हैं, जिसमें ओलंपिक जगत के दिग्गज खिलाड़ी शामिल होते हैं। इन कार्यक्रमों के जरिए यही संदेश देने का प्रयास होता है कि खेल को अपने जीवन का हिस्सा बनाया जाए।

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कैसे अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक डे की हुई शुरुआत
सबसे पहले इंटरनेशनल ओलंपिक डे 23 जून 1948 को मनाया गया था। उस समय पुर्तगाल, ग्रीस, ऑस्ट्रिया, कनाडा, स्विट्जरलैंड, ग्रेट ब्रिटेन, उरुग्वे, वेनेजुएला और बेल्जियम ने अपने-अपने देशों में ओलंपिक दिवस का आयोजन किया था। 1947 में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के एक सदस्य डॉक्टर ग्रस स्टॉकहोम ने चेकोस्लोवाकिया में अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के 41 वें सत्र में एक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी और ओलंपिक दिवस मनाने के लिए प्रस्ताव रखा था। इसके एक साल बाद 1948 में आयोजन समिति ने 23 जून को अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया।
इंटरनेशनल ओलंपिक डे का महत्व
ओलंपिक डे को मनाने का कारण यही है कि इस दिन अधिक से अधिक लोगों को ओलंपिक खेलों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। तीन स्तंभों के आधार पर ( Move, learn and discover) राष्ट्रीय ओलंपिक समितियां उम्र, लिंग, सामाजिक पृष्ठभूमि या खेल क्षमता की परवाह किए बिना खेलों में अपनी भागीदारी देने के लिए लोगों प्रोत्साहित करती हैं। यह दिवस मनाए जाने का प्रमुख उद्देश्य खेलों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हर वर्ग और आयु के लोगों की भागीदारी को बढ़ावा देना है।
आपको बता दें कि कुछ देशों में तो इस कार्यक्रम को स्कूल के पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है, जबकि कई एनओसी ने हाल के वर्षों में ओलंपिक दिवस को मनाने के लिए कई म्यूजिक प्रोग्राम और कई प्रदर्शनियों में शामिल किया है।
ओलंपिक दिवस पर इस साल की थीम है 'स्वस्थ रहें, मजबूत रहें'












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