Indians in Foreign Jails: विदेशों में 8330 भारतीय कैदी, जानें क्या है स्थानांतरण की प्रक्रिया?

Indians in Foreign Jails: भारत सरकार ने गुरुवार (27 जुलाई 2023) को बताया कि विदेशी जेलों में 8,330 भारतीय नागरिक कैद हैं। दरअसल राज्यसभा में विदेश मंत्री से सीपीआई के राज्यसभा सांसद बिनोय विश्वम द्वारा पूछे गये एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी गई। बिनोय विश्वम ने पूछा था कि क्या विदेश मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि विदेश में कैद भारतीय नागरिकों की संख्या के साथ-साथ विचारणाधीन नागरिकों की संख्या कितनी है? देश-वार आंकड़े क्या हैं?

इस पर विदेश राज्यमंत्री वी. मुरलीधरन ने जवाब देते हुए बताया कि सरकार विदेशों में मौजूद भारतीयों की सुरक्षा, हिफाजत और सलामती को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है, जिसमें विदेशी जेलों में मौजूद भारतीय भी शामिल हैं। उन्होंने आगे कहा कि विदेश स्थित भारतीय दूतावास सतर्क रहते हैं और स्थानीय कानूनों के उल्लंघन/कथित उल्लंघन के लिए विदेशी जेल में डाले जा रहे भारतीय नागरिकों की घटनाओं की बारीकी से निगरानी करते हैं। मंत्रालय के पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार वर्तमान में विदेशी जेलों में विचाराधीन कैदियों सहित भारतीय कैदियों की संख्या लगभग 8,330 है।

Indians in Foreign Jails know what is the process of transfer?

'वकीलों के लिए सरकार नहीं लेती फीस'

राज्यसभा में विदेश राज्यमंत्री ने कहा कि जैसे ही किसी भारतीय मिशन या केंद्र को किसी भारतीय नागरिक के हिरासत या गिरफ्तारी के बारे में सूचना मिलती है, वह तुरंत स्थानीय विदेशी कार्यालय और अन्य संबंधित स्थानीय अधिकारियों से उस भारतीय नागरिक को कांसुलर (एक ऐसा एक्सपर्ट जो लोगों को सोशल और प्रोफेशनल लाइफ में सलाह देने का काम करता है) उपलब्ध करवाता है। ताकि, संबंधित मामले के तथ्यों का पता लगाया जा सके। उसकी भारतीय नागरिकता की पुष्टि की जा सके और उसकी सलामती सुनिश्चित की जा सके।

साथ ही भारतीय मिशन या केंद्र यह सुनिश्चित करने का काम करते हैं कि विदेशी जेलों में मौजूद भारतीय कैदियों के अधिकारों का सरंक्षण हो सके। इसके अलावा मिशनों और केन्द्रों के पास वहां पर वकीलों का एक स्थानीय पैनल भी होता है। जहां भारतीय समुदाय बड़ी संख्या में निवास करते हैं। संबंधित भारतीय दूतावास द्वारा सुविधाएं प्रदान करने के लिए किसी भी भारतीय कैदी से कोई शुल्क नहीं लिया जाता है।

भारत आने के लिए पैसे नहीं लिये जाते

उनकी इस संकट की स्थिति में माली हालत के आधार पर प्रवासी भारतीय नागरिकों की सहायता करने के लिए विदेश स्थित भारतीय मिशनों और केंद्रों में भारतीय सामुदायिक कल्याण कोष (आईसीडब्ल्यूएफ) की स्थापना की गई है। आईसीडब्ल्यूएफ के तहत प्रदान की गयी सहायता में भारतीय कैदियों को कानूनी सहायता के साथ-साथ प्रत्यावर्तन (स्वदेश के आगमन) के दौरान यात्रा दस्तावेजों और हवाई टिकटों के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है। वहीं हमारी भारतीय एजेंसियां उस संबंधित भारतीय की जांच और न्यायिक कार्यवाही को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों से संपर्क करते है।

31 देशों के साथ स्थानांतरण करार पर हस्ताक्षर

विदेश राज्यमंत्री मुरलीधरन ने 27 जुलाई को यह भी बताया कि भारत ने 2018 तक 31 देशों के साथ सजायाफ्ता व्यक्तियों के स्थानांतरण पर समझौते पर हस्ताक्षर किये थे। जिनमें ऑस्ट्रेलिया, बहरीन, बांग्लादेश, बोस्निया और हर्जेगोविना, ब्राजील, बुल्गारिया, कंबोडिया, मिस्र, एस्तोनिया, फ्रांस, हांगकांग, ईरान, इज़राइल, इटली, कजाखस्तान, कोरिया, कुवैत, मालदीव, मॉरीशस, मंगोलिया, कतर, रूस, सऊदी अरब, सोमालिया, स्पेन, श्रीलंका, थाईलैंड, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), यूनाइटेड किंगडम और वियतनाम शामिल हैं। जिसके आधार पर विदेशों में मौजूद भारतीय कैदियों को उनकी शेष सजा के लिए भारत में और भारत में मौजूद विदेशी कैदियों को उनकी शेष सजा के लिए विदेश स्थानांतरित किया जा सकता है। हालांकि, पिछले पांच वर्षों में कोई नया समझौता नहीं हुआ है।

खाड़ी देशों में सबसे ज्यादा भारतीय बंद

केंद्र सरकार द्वरा जारी किये गये आंकड़ों के मुताबिक खाड़ी देशों जैसे बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की जेलों में 4,630 भारतीय कैदी बंद हैं। वहीं इनमें से यूएई में सबसे ज्यादा 1,611 कैदी हैं। इसके बाद सऊदी अरब में 1,461 भारतीय कैदी हैं। इसके बाद कतर में 696 भारतीय कैदी हैं। जबकि भारत के पड़ोसी मुल्कों जैसे नेपाल में 1,222 भारतीय कैदी बंद हैं। साथ ही पाकिस्तान में 308 भारतीय बंद है। चीन में 178 भारतीय कैदी हैं। बांग्लादेश में 60 और श्रीलंका में 20 भारतीय कैदी हैं।

66 प्रतिशत भारतीय खाड़ी देशों में

'द इकोनॉमिक्स टाइम्स' ने नागपुर स्थित बैंकर अभय कोलारकर की एक आरटीआई के हवाले से लिखा है कि विदेश मंत्रालय के मुताबिक अनुमानित 1.34 करोड़ एनआरआई (अनिवासी भारतीय) में से 66 प्रतिशत से अधिक संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कुवैत, कतर, ओमान और बहरीन के खाड़ी देशों में रहते हैं। वहीं मंत्रालय ने कहा, यह आंकड़ा मार्च, 2022 तक का है।

अनुमानित तौर पर 1.34 करोड़ एनआरआई 210 देशों में रहते है। इनमें से 88.8 लाख प्रवासी भारतीय छह खाड़ी देशों में रहते हैं। जबकि 34.1 लाख एनआरआई संयुक्त अरब अमीरात में रहते है। 25.9 लाख सऊदी अरब में रहते हैं। इसके बाद कुवैत में 10.2 लाख, कतर में 7.4 लाख, ओमान में 7.7 और बहरीन में 3.2 लाख रहते है। जबकि आरटीआई जवाब के मुताबिक, अमेरिका में 12.8 लाख एनआरआई रहते है। यूके में यह संख्या 3.5 लाख, ऑस्ट्रेलिया में 2.4 लाख, मलेशिया में 2.2 लाख और कनाडा में 1.7 लाख है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+