इंडियन आर्मी में शामिल होगा बांदीपोर का जावेद, कुछ सीखो उमर खालिद
श्रीनगर।पूरा देश और देश का एक बड़ा तबका जवाहर लाल नेहरु यानी जेएनयू के उमर खालिद पर चर्चा कर रहा है और सेना के खिलाफ भी काफी कुछ बोला जा रहा है। अगर आपको ऐसी खबरें निराश करती हैं तो आप इस खबर को जरूर पढ़िए क्योंकि यह खबर कश्मीर के उस हिस्से का प्रतिनिधित्व करती है जो देश और सेना का सम्मान करते हैं।

कश्मीर के बांदीपोर के अब्दुल रशिद पारी के बेटे जावेद जल्द ही चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी यानी ओटीए में शामिल होकर अपने आर्मी ऑफिसर बनने का ख्वाब पूरा करने वाले हैं।
जावेद के पिता एक गरीब मजदूर
जावेद के पिता अहमद एक रोजाना की मजदूरी पर जिंदगी बसर करने वाले मजदूर हैं। जावेद एक अप्रैल 2016 से ओटीए के कोर्स का हिस्सा बनेंगे।
उनकी इस उपलब्धि पर उनके परिवार के साथ ही साथ उनके दोस्तों और राज्य को भी गर्व की अनुभूति है। जावेद पिछले कई दशकों में यहां से नेशनल कैडेट कोर यानी एनसीसी के लिए चुने जाने वाले पहले युवा भी बने हैं।
अपने सैनिकों का सम्मान नहीं करते हैं आप!
तो बदलेगी बांदीपोर की फिजा
यहां हम आपको एक बात और बता दें कि जावेदी उसी बांदीपोर से आते हैं जो अक्सर सेना और देश विरोधी गतिविधियों के लिए मशहूर रहता है।
यह घाटी की कुछ अति संवेदनशील जगहों में से एक है। जावेद के बारे में इंडियन आर्मी का कहना है कि उसके सेलेक्शन ने हर किसी को गौरव महसूस करने कर मौका दिया है।
श्रीनगर में रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल एनएन जोशी ने कहा कि निश्चित तौर पर जावेद के सेलेक्शन से घाटी में एक सकारात्मक माहौल है और उसने यहां के लोगों को खुश होने का एक मौका भी दिया है।
वर्ष 2011 में बना एनसीसी का हिस्सा
जावेद ने वर्ष 2011 में एनसीसी ज्वॉइन की थी। कड़ी मेहनत और उसके समर्पण की वजह से उसे 'बी' और 'सी' सर्टिफिकेट्स से सम्मानित किया गया था। उसे यह सर्टिफिकेट्स एनसीसी के श्रीनगर स्थित हेडक्वार्टर से मिले थे।
जावेद को एनसीसी के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर एसएस रत्नापारखी और दूसरे अधिकारियों से आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती रही।
पंपोर में एनकाउंटर के समय फेंके जा रहे थे सैनिकों पर पत्थर
सेना ने अदा किया एक बड़ा रोल
इंडियन आर्मी के चिनार कॉर्प्स ने जावेद को एसएसबी कोचिंग मुहैया कराने में एक बड़ा रोल अदा किया। जावेद और दूसरे कैडेट्स को श्रीनगर के बादामी बाग कैंटोनमेंट में एसएसबी के लिए तैयार किया जाता था।
अब अधिकारियों को इस बात का भरोसा है कि जावेद का सेलेक्शन कश्मीर घाटी के दूसरे युवाओं को भी प्रेरित कर सकेगा।
वाॅलीवॉल का अच्छा खिलाड़ी
जम्मू कश्मीर नेवल यूनिट के कमांडिंग ऑफिसर कमांडर सुजीत कुमार ने बताया कि जावेद एक बहुत ही उम्दा कैडेट रहा है।
तीन वर्ष पहले जब उसने एनसीसी ज्वॉइन की थी, उसकी अंग्रेजी बहुत अच्छी थी। उसने श्रीनगर के श्रीप्रताप कॉलेज से अपना ग्रेजुएशन पूरा किया है।
अब वह एलएलबी की पढ़ाई भी करना चाहता है। जावेद वॉलीवॉल का भी एक अच्छा खिलाड़ी है।
उमर खालिद जैसे लोगों के मुंह पर तमाचा
जावेद न सिर्फ उमर खालिद जैसे उन तमाम लोगों के मुंह पर एक तमाचा है जो घाटी में सेना और सुरक्षाबलों की ओर से मानवाधिकारों के हनन की बात करते हैं।
जो सेना और सुरक्षाबलों के खिलाफ साजिशों को अंजाम देने की कोशिशों में लगे रहते हैं और उनके योगदान को मानने से इंकार कर देते हैं।
जावेद, उमर खालिद जैसे तमाम लोगों के लिए शायद एक सबक हैं जो मुश्किल स्थितियों में अपने मुसलमान होने की वजह से उन्हें परेशान करने का कार्ड खेल जाते हैं।












Click it and Unblock the Notifications