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आप सोचेंगे और कहेंगे- हम क्या खाक कमा रहे हैं!

By Annu Mishra
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नई दिल्ली (अन्नू मिश्रा)। आज तक आपने बहुत सुना होगा कि इस नौकरी से आप इतना कमा सकते हैं तो उस नौकरी से आप की दुनिया बदल जाएगी। पर आज जो हम आपको बताने जा रहे हैं उसे पढ़ कर आप भी एक बार जरुर सोचेंगे और कहेंगे अरे हम क्या खाक कमा रहे हैं।

अरे चौंकिये मत हमारा मकसद आपको चौंकाना नहीं है, बल्कि आपको यह बताना है कि भारत की जनता अपने भारी बहुमतों से अपने लिए जिन सो कॉल्ड सेवक कम सांसदों का चुनाव करती है, उन सांसदों की भारत सरकार को कितनी सेवा करनी पड़ती है। जी हाँ आपको भी यह जान लेना चाहिए कि भारत में सांसदों की ठाठ बाट क्या है ऑर क्या क्या फायदा है सांसद बनने का।

जहां आज देश का नौजवान रोजगार के लिए भटक रहा है कई घरों में अब भी दो वक्त का खाना नहीं नसीब हो रहा ऑर बेचारा मध्यम वर्ग किसी भी तरह से दिन भर खप कर मुश्किल से अपने घर की जरुरतों को पूरा कर रहा है, वहीं हमारे भारतीय सांसदों ने अपने वेतन में तीन गुणा वृद्धि कर ली है ऑर अब उनकी कमाई देश की ऑसत कमाई का अरसठ गुणा है।

इतना ही नहीं इतना वेतन मिलने के बावजूद भी हमारे सांसदों को भत्तों की सुविधाएं भी दी जाती हैं। हम आपको इन भत्तों के बारे में भी बताएंगे पर इससे पहले आपको यह धारणा स्पष्ट कर लेनी चाहिए की आपके समक्ष बैठकर चुनाव के समय जो लोग अपनापन जता के अपने आपको आपका सेवक कहकर आप से वोट की याचना करते हैं वो आम आदमी नहीं है वो खास आदमी है। आइये अब आपको बताते है क्यों ये सांसद आम नहीं हैं बल्कि खास हैं।

सांसद की सैलरी प्रति माह- 50,000 रुपए

सांसद की सैलरी प्रति माह- 50,000 रुपए

सांसदों का मासिक वेतन लगभग 50,000 रुपये है। खास बात यह है कि इस वेतन को खर्च करने की नौबत ही नहीं आती, क्योंकि सरकार उन्हें इतनी सुविधाएं दे देती है कि वेतन मात्र बैंक अकाउंट को भरने के लिये काम आता है। 10 साल पहले यह वेतन 16 हजार रुपए प्रति माह था।

सांसदों को अतिरिक्त भत्ते

सांसदों को अतिरिक्त भत्ते

इसके अलावा प्रत्येक सांसद का दैनिक भत्ता 2,000 रुपये है। इतना ही नहीं सांसदों को 45,000 रुपये निर्वाचन कार्यालय भत्ता के तौर पर मिलते हैं। वहीं देखा जाए तो भारत की न्यूनतम मजदूरी दर लगभग 4,000 रुपये प्रति माह है। तो अंतर आप खुद समझ सकते हैं आम ऑर खास का।

सांसदों को यात्रा में छूट

सांसदों को यात्रा में छूट

हमारे सांसदों को यात्रा में इतनी छूट दी गई है कि वो रेल में एसी फस्ट क्लास का सफर सॅकेण्ड क्लास एसी के किराये के बराबर भुगतान में ही कर सकते हैं।

किराए की केवल एक चौथाई

किराए की केवल एक चौथाई

हवाई यात्रा की तो वास्तविक किराए की केवल एक चौथाई राशि से कर ही ये हवाई यात्रा का लुफ्त उठा सकते हैं। वहीं दूसरी ऑर देखें तो भारत के वो सामान्य नागरिक जो सालाना 1,32,697 करोड़ का सर्विस टेक्स भारत सरकार को देते हैं उन्हें किसी भी प्रकार के किराए में कोई रियायत नहीं मिलती। क्या मिसाल है समानता की।

34 हवाई यात्राओं की सुविधा

34 हवाई यात्राओं की सुविधा

सांसदों को संसदीय कार्यकाल में 34 हवाई यात्राओं की सुविधा प्राप्त है, जिसमें वो अपने साथ दूसरे निजी सदस्य को भी ले जा सकते हैं। साथ ही सांसद जी से मिलने आने वाला कोई अन्य पारिवारिक सदस्य अकेले आठ बार यात्रा कर सकता है। इसी तरह रेल यात्रा की बात करें तो सांसदों को रेल पास की सुविधा दी गई है जिससे वे किसी भी समय अपने किसी भी निजी ससस्य के साथ रेल के किसी भी कोच में यात्रा कर सकते हैं।

मुफ्त में आवास मिलता है

मुफ्त में आवास मिलता है

प्रत्येक सांसद को भारत सरकार की तरफ से आवासीय सुविधा दी गई है। जिसमें की हर प्रकार की रिहायषी सुविधाएँ मौजूद हैं।

बिजली में 50 हजार यूनिट की छूट

बिजली में 50 हजार यूनिट की छूट

सांसदों को बिजली में हर साल 50,000 युनिट की छूट।

टूट नहीं जाता तबतक चलाते हैं फर्नीचर

टूट नहीं जाता तबतक चलाते हैं फर्नीचर

24,000 रुपये टिकाऊ फर्नीचर के लिए, 6,000 रुपये गैर टिकाऊ फर्नीचर के लिए, किसी भी प्रकार की मरम्मत के लिए खर्च में 24 फीसदी छूट।

आम आदमी: खुद धोता है अपने कपड़े

आम आदमी: खुद धोता है अपने कपड़े

सांसदों को हर तीन महीने में सोफे ऑर पर्दे धुलवाने की सुविधा।

पानी के लिये चक्कर काटते हैं

पानी के लिये चक्कर काटते हैं

सांसदों को पानी पर 4,000 रुपए तक प्रतिवर्श छूट दी जाती है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक सांसद को वाहन की सुविधा भी प्रदत्त है ऑर इसके लिए 4,0000 रुपये अग्रिम रुप से सांसदो को को दिए जाते हैं।

आम आदमी: पैसा नहीं तो इलाज नहीं

आम आदमी: पैसा नहीं तो इलाज नहीं

भारत सरकार के अधीन प्रत्येक सांसद को परिवार सहित मेडिकल सुविधा दी गई है। जिसके लिए उन्हें मासिक 150 रुपये का भुगतान करना होता है।

क्या हो अगर ऐसा हो

क्या हो अगर ऐसा हो

अगर सांसद के खर्चे में से दस से बीस प्रतिशत की कटौती भी करती है ऑर इसे देश के गरीबों पर किसी योजना के तहत खर्च करती है तो देश के गरीबों की कुछ समस्याएँ तो कम होंगी।

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English summary
If you talk about financial expenses of Member of Parliament and compare it with that of common man then you could get depressed for a while.
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