भारत में सिंगल विमेन से जुड़ी चौंकाने वाली बातें
अगर आप सोचते हैं कि पुरुषों के बगैर महिलाएं कुछ नहीं कर सकती हैं, तो आप गलत हैं। भारत में सिंगल विमेन की संख्या 7.14 करोड़ हो गई है। यह जानकर आपको आश्चर्य होगा कि पिछले 10 साल में इस संख्या में 35 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
इंडिया स्पेंड की रिपोर्ट के आधार पर हम आपको बताने जा रहे हैं भारत और भारत के कुछ महत्वपूर्ण राज्यों में सिंगल विमेन का स्टेटस। हम यहां उन महिलाओं की बात कर रहे हैं, जो विधवा हैं, जिन्होंने शादी नहीं की, जिनका तलाक हो गया या फिर जिनके पति ने उन्हें छोड़ दिया।
चौंकाने वाले तथ्य इस प्रकार हैं:
- भारत में 12% महिलाएं सिंगल विमेन के रूप में जीवन यापन कर रही हैं।
- 2001 में सिंगल विमेन की संख्या 5.1 करोड़ थी।
- सिंगल महिलाओं में सबसे ज्यादा महिलाएं 25-29 वर्ष की आयु की हैं।
- 23 प्रतिशत 20 से 24 वर्ष की हैं। यानि शादी की आयु बढ़ गई है।
- महिलाओं की शादी की उम्र 19.1 वष से बढ़ कर 21.2 वर्ष हो गई है।
और भी हैं चौंकाने वाले तथ्य जो आप पढ़ सकते हैं स्लाइडर में-

1.23 महिलाओं ने शादी नहीं
शहरों में 1.36 करोड़ विधवा हैं, जबकि 1.23 महिलाएं हैं जिन्होंने शादी नहीं की।

गांवों में सिंगल विमेन
गांवों में 4.44 करोड़ महिलाएं सिंगल रहती हैं। जो कुल सिंगल महिलाओं की 62 प्रतिशत हैं।

उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा
उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा सिंगल विमेन हैं। संख्या 1.2 करोड़। इनमें अधिकांश ने शादी नहीं की।

महाराष्ट्र दूसरे नंबर पर
महाराष्ट्र में 62 लाख और आंध्र प्रदेश में 47 लाख।

वृद्ध महिलाएं
60 से 64 वर्ष की आयु की सिंगल महिलाओं की संख्या 70 लाख है।

घर की मुखिया सिंगल विमेन
उत्तर प्रदेश में 25 लाख घरों की बागडोर सिंगल महिलाओं के हाथों में हैं।

तमिलनाडु का हाल
आंध्र प्रदेश में 25 लाख और तमिल नाडु में 24 लाख घरों को केवल महिलाएं संभालती हैं।

तेजी से बढ़ी संख्या
2001 की तुलना में 2011 में 25-29 वर्ष की आयु की सिंगल महिलाओं की संख्या में 68% का इजाफा हुआ है।

कितनी करोड़ विधवा
2.92 करोड़ महिलाएं विधवा हैं, जबकि 1.32 करोड़ वो हैं, जिन्होंने कभी शादी नहीं करने का फैसला कर लिया है।












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