Gangster Death: मुख्तार अंसारी से पहले भी कई गैंगस्टर्स की जेल में हो चुकी है मौत, कुछ की हुई हत्या
जेल में सजा काट रहे कुख्यात गैंगस्टर और उत्तर प्रदेश की मऊ विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी का दिल का दौरा पड़ने से बांदा में निधन हो गया है। स्वास्थ्य संबंधी समस्या के बाद अंसारी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद उनकी मृत्यु हो गई।
अस्पताल ने मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है, जबकि अंसारी के परिवार ने जेल में रहने के दौरान जहर दिए जाने की संभावना पर चिंता जताई है। मुख्तार पर लगभग 65 आपराधिक केस दर्ज थे, जिसमें हत्या से लेकर एक्सटॉर्शन तक के मामले शामिल थे।

लेकिन आपको बता दें कि मुख्तार अंसारी पहला गैंगस्टर नहीं है जिसकी जेल में रहने के दौरान मौत हुई है। ऐसे और भी कई गैंगस्टर हुए हैं जिनकी जेल के अंदर रहने के दौरान मौत हुई है, हालांकि ज्यादातर की हत्या हुई। आईए जानते हैं ऐसे ही कुछ गैंगस्टर्स के बारे में।
अमन सिंह
3 दिसंबर, 2023 को झारखंड में धनबाद के डिप्टी मेयर नीरज शर्मा हत्याकांड के आरोपी शार्पशूटर अमन सिंह की धनबाद जेल में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह घटना कैदियों के बीच हुए विवाद के बाद दिन के 3 बजे के आसपास हुई थी। अमन सिंह को सुंदर महतो नामक कैदी ने गोली मारी थी।
आपको बता दें कि अमन की हत्या से 8 दिन पहले ही पूरी जेल का मुआयना किया गया था, लेकिन उस समय पुलिस को कोई जानलेवा हथियार बरामद नहीं हुआ था। अमन की जेल में हत्या के बाद प्रशासन द्वारा जेलर और पांच जेल कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया था और साथ ही दो अन्य जेल कर्मियों के कॉन्ट्रैक्ट भी खत्म कर दिए गए थे।
प्रिंस तेवतिया
अप्रैल 2023 में दिल्ली की तिहाड़ जेल में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के सहयोगी और साथी कैदी प्रिंस तेवतिया की हत्या उसके दुश्मनों द्वारा कर दी गई थी। यह घटना तब हुई जब हत्या और हत्या के प्रयास सहित 16 आपराधिक मामलों में शामिल तेवतिया का दुश्मन गिरोह के एक कैदी अताउर रहमान के साथ झगड़ा हुआ।
दोनों बंदियों ने एक दूसरे के ऊपर धारदार हथियारों से हमला किया, जिसके बाद प्रिंस और रहमान सहित तीन लोग और जख्मी हुए। पांच लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पर प्रिंस को ज्यादा चोट लगने के बाद मृत घोषित कर दिया गया।
मनदीप सिंह और मनमोहन सिंह
फरवरी 2023 में पंजाबी गायक और राजनेता सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में आरोपी मनदीप सिंह तूफान उर्फ बटला और मनमोहन सिंह उर्फ मोहना की पंजाब की एक जेल में कैदियों के बीच झड़प में मौत हो गई। यह घटना तरनतारन की गोइंदवाल साहिब जेल में हुई, जहां जेल के अंदर गैंगस्टर गिरोहों के बीच लड़ाई के दौरान दोनों कैदियों- बटला और मोहना की जान चली गई।
घटना के बाद पुलिस ने बताया कि झड़प उस बैरक में हुई जहां जग्गू भगवानपुरिया और लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े सभी गैंगस्टर साथ में बंद थे, क्योंकि उनके बीच दोस्ती अच्छी थी। बता दें कि दोनों गिरोहों ने सिद्धू मूसेवाला को मारने के लिए साथ में काम किया था।
टिल्लू ताजपुरिया
सितंबर 2021 में जितेंद्र मान उर्फ गोगी की हत्या में शामिल होने का बदला लेने के लिए दुश्मन गिरोह के छह सदस्यों ने तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर सुनील मान उर्फ टिल्लू ताजपुरिया की बेरहमी से हत्या कर दी थी। ताजपुरिया को तिहाड़ जेल की जेल नंबर 8 में 100 से अधिक बार चाकू घोंपा गया था।
आश्चर्य की बात यह थी कि जब टिल्लू को मारा जा रहा था, तब मौके पर जेल सुरक्षाकर्मी भी मौजूद थे, लेकिन किसी ने भी बीच में दखलंदाजी करने की कोशिश नहीं की। घटना के कुछ दिनों बाद ही तिहाड़ जेल के पांच डिप्टी एसपी समेत 80 अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया गया था।
अंकित गुज्जर
4 अगस्त, 2021 को 29-वर्षीय गैंगस्टर अंकित गुज्जर की दिल्ली की तिहाड़ जेल में हत्या कर दी गई थी। अंकित 2014 में दादरी में भाजपा नेता विजय पंडित की हत्या सहित आठ अन्य हत्या के मामलों में नामजद था। अंकित पर 22 अन्य आपराधिक मामले भी दर्ज थे।
अंकित की हत्या मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपा गया था और उसने अपनी जांच में पाया कि अंकित की हत्या जेल कर्मचारियों ने बदला लेने के लिए की थी। इस घटना में गुज्जर को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किए जाने का विरोध करने पर जेल कर्मचारियों द्वारा पीटा गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
अंशु दीक्षित
मई 2021 में उत्तर प्रदेश की चित्रकूट जेल में गैंगस्टर अंशु दीक्षित की हत्या कर दी गई थी। दरअसल, अंशु ने चित्रकूट जेल में बंद दूसरे गुट के दो बदमाशों- मुकीम काला और मेराज अली पर फायरिंग करके उनकी हत्या कर दी, लेकिन फिर अंशु की पुलिस से मुठभेड़ हो गई, इसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अंशु को मार गिराया गया। आपको बता दें कि मेराज पूर्व विधायक और गैंगस्टर मुख्तार अंसारी की गैंग का सदस्य था, जबकि मुकीम को 2015 में एसटीएफ ने सहारनपुर में ज्वैलरी शोरूम में डकैती के लिए गिरफ्तार किया था।
मणि प्रताप
अप्रैल 2021 में उम्र कैद की सजा काट रहे गैंगस्टर मणि प्रताप उर्फ चेतन प्रताप की पंजाब के होशियारपुर सेंट्रल जेल में रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। जेल अधिकारियों ने इस मामले में मुंह नहीं खोला, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई थी।
मणि के परिवार ने जेल कर्मचारियों पर उत्पीड़न और परेशान करने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया कि वो मानसिक रूप से परेशान था और उसने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। परिवार ने यह भी आरोप लगाया था कि उन्होंने मणि के कहने पर एक जेल कर्मचारी के खाते में पैसे भी जमा किए थे।
मुन्ना बजरंगी
9 जुलाई, 2018 को उत्तर प्रदेश की बागपत जेल के अंदर कुख्यात गैंगस्टर मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 9 जुलाई की सुबह एक अन्य कैदी सुनील राठी ने मुन्ना की हत्या कर दी थी। मुन्ना बजरंगी, जिसका असली नाम प्रेम प्रकाश सिंह था, पर 2005 में भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या का आरोप था। मुन्ना की पत्नी ने पहले ही उसकी जान को खतरा होने की चिंता जताई थी।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में न्यायिक जांच का आदेश देते हुए जेलर को निलंबित कर दिया था। मुन्ना का आपराधिक गतिविधियों का इतिहास रहा था, और उसपर 40 से भी ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज थे, जिसमें हत्या, हत्या का प्रयास और एक्सटॉर्शन शामिल था।












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