राम और रावण में है एक समानता, फूलन देवी से भी है कनेक्शन

ग्रेटर नोएडा। देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर में बसे ग्रेटर नोएडा में रहने वाालों को जब रावण से जुड़ा यह तथ्य पता चलेगा तो वे भी चौंक जाएंगे।

dussehra 2016 special story on ram ravan connection & birthplace; bisrakh is place where ravan born and there is no temple of lord shiva, goddess durga or lord ram. देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर में बसे ग्रेटर नोएडा में रहने वाालों को जब रावण से जुड़ा यह तथ्य पता चलेगा तो वे भी चौंक जाएंगे।

ग्रेटर नोएडा के दक्षिण में तकरीबन 10 किलोमीटर दूर बसा बिसरख गांव रावण का पैतृक निवास स्थान है। यहां परंपरा है कि न तो रामलीला आयोजित होती है और न ही रावण का दहन किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि यहां कुछ भी मांगने पर मुराद पूरी होती है।

बिसरख गांव का नाम रावण के पिता विश्वकर्मा के नाम पर पड़ा। इस गांव में एक मंदिर है, जिसका नाम रावण का मंदिर है। गांव वालों का यकीन है कि यहां ऋषि विश्वकर्मा द्वारा स्थापित लिंग आज भी मौजूद है।

दुर्गा मंदिर भी नहीं है गांव में

बिसरख गांव में भगवान राम या उनके परिवार के किसी भी सदस्य का मंदिर नहीं है। यहां तक कि इस गांव में दुर्गा माता का भी मंदिर नहीं है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि रावण को युद्ध में हराने में उन्होंने राम की मदद की थी।

यहां पाए गए हैं अवशेष

खगोलशास्त्र के मुताबिक, गांव वालों का यकीन सच है। यहां पुरातनकाल के प्रतीक और अवशेष पाए गए हैं। इनमें भगवान शिव, गणेश, पार्वती आदि हैं लेकिन राम से जुड़ा कुछ भी इस गांव में नहीं पाया गया।

दो विरोधी राजाओं के जन्मस्थान समान

एक तरफ जहां भगवाग राम की जन्मस्थली अयोध्या राजनीति का मुख्य केंद्र हैं वहीं दूसरी तरफ एक महान राजा रहे रावण के जन्मस्थान की कोई सुध लेने वाला तक नहीं है। यह इत्तेफाक है कि दोनों का जन्म उत्तर प्रदेश में ही हुआ।

गांव में नहीं है राम का मंदिर

बिसरख गांव में शिव मंदिर तो है, लेकिन भगवान राम का कोई मंदिर नहीं है। आज जब देशभर में जहां असत्य पर सत्य की और बुराई पर अच्छाई की विजय के रूप में बड़े हर्षोल्लास से दशहरा मनाया जाएगा, वहीं दूसरी तरफ रावण के पैतृक गांव बिसरख में उदासी का माहौल रहता है।

dussehra 2016 special story on ram ravan connection & birthplace; bisrakh is place where ravan born and there is no temple of lord shiva, goddess durga or lord ram. देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर में बसे ग्रेटर नोएडा में रहने वाालों को जब रावण से जुड़ा यह तथ्य पता चलेगा तो वे भी चौंक जाएंगे।

फूलन देवी का भी है कनेक्शन

जहां रावण का बचपन बीता, आज वह गांव हाशिए पर पड़ा है। यहां के मुख्य मंदिर की दीवार को कुख्यात डकैत से राजीतिज्ञ बनी फूलन देवी के भाई उमेद सिंह ने बनवाया था।

ऐसे तय किया सोने की लंका का रास्ता

यहां से निकलकर रावण दुनिया पर राज करने के इरादे से चल बढ़ा। लक्ष्मी, पार्वती से प्रतिस्पर्धा के इरादे से उसने भगवान शिव से वरदान में उसके लिए दुनिया की सबसे खूबसूरत जगह बनाने को कहा। शिव ने फलस्वरूप रावण के लिए सोने की लंका बना दी। इस तरह से वह सबसे धनी बन गया।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+