Richest Persons: हर देश के टॉप वन परसेंट अमीरों की संपत्ति में है अंतर, जानें भारत का आंकड़ा
दुनिया के अलग-अलग देशों में टॉप एक प्रतिशत अमीरों की लिस्ट में शामिल होने के लिए आवश्यक संपत्ति अलग-अलग है। जैसे मोनाको में $12.4 मिलियन चाहिए तो भारत में केवल $175 हजार।

ग्लोबल रियल एस्टेट कंसल्टेंसी नाइट फ्रैंक ने अपनी अपडेटेड वेल्थ रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया है कि दुनियाभर के देशों में सबसे अमीर एक प्रतिशत लोगों की लिस्ट में शामिल होने के लिए किसी व्यक्ति के पास आवश्यक संपत्ति कितनी होनी चाहिए?
नाइट फ्रैंक के 'वेल्थ साइजिंग मॉडल' पर आधारित अध्ययन के अनुसार 'द वेल्थ रिपोर्ट' में 25 देशों की लिस्ट जारी की गई है। जिसमें यूरोपीय देश मोनाको को सबसे ऊपर दिखाया गया है, जहां पर टॉप एक प्रतिशत सबसे अमीरों की लिस्ट में शामिल होने के लिए आपके पास $12.4 मिलियन की संपत्ति होनी चाहिए।
1% अमीर, संपत्ति के हिसाब से देशों की लिस्ट
'द वेल्थ रिपोर्ट' के मुताबिक टॉप एक प्रतिशत अमीर लोगों में शामिल होने के लिए मोनाको के बाद स्विटजरलैंड में $6.6 मिलियन, ऑस्ट्रेलिया $5.5 मिलियन, न्यूजीलैंड $5.2 मिलियन, अमेरिका $5.1 मिलियन, आयरलैंड $4.3 मिलियन, सिंगापुर $3.5 मिलियन, फ्रांस $3.5 मिलियन, हॉगकॉग $3.4 मिलियन, यूनाइटेड किंग्डम $3.3 मिलियन, इटली $2.6 मिलियन, स्पेन $2.5 मिलियन, जापान $1.7 मिलियन, यूएई $1.6 मिलियन, चीन $9 लाख 60 हजार, चेक रिपब्लिक $8 लाख 80 हजार, सऊदी अरब $7 लाख 40 हजार, रोमानिया $5 लाख 87 हजार, मलेशिया $4 लाख 85 हजार, ब्राजील $4 लाख 33 हजार, मैक्सिको $3 लाख 83 हजार, भारत में $1 लाख 75 हजार, साउथ अफ्रीका $1 लाख 9 हजार, फिलिपिंस $57 हजार, केन्या में $20 हजार होने होने चाहिए।
महाद्वीपों के हिसाब से इन देशों को मिली जगह
अगर महाद्वीपों के हिसाब से देखें तो सबसे ऊपर यूरोप के मोनाको, स्विटजरलैंड, आयरलैंड, फ्रांस, यूके, इटली, स्पेन, चेक रिपब्लिक, रोमानिया इस लिस्ट में हैं। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड आते है। जबकि नॉर्थ अमेरिका से सिर्फ यूएस शामिल है। लैटिन अमेरिका के दो देश ब्राजील और मैक्सिको का नाम भी इस लिस्ट में हैं। एशिया के सिंगापुर, हॉगकॉग, जापान, चीन, मलेशिया, भारत, और फिलिपींस हैं। मिडिल ईस्ट के देशों में यूएई और सऊदी अरब है। जबकि अफ्रीकन देशों में दक्षिण अफ्रीका और केन्या को इस लिस्ट में जगह दी गई है।
25 देशों की लिस्ट में भारत 22वें स्थान पर
रिपोर्ट में भारत को 25 देशों की सूची में 22वें स्थान पर शामिल किया गया है। जहां अमीरों की लिस्ट में शामिल होने के लिए एंट्री लेवल $1 लाख 75 हजार यानि आज की तारीख में 1,44,82,037.50 भारतीय रुपया है।
भारत में बढ़ेगी करोड़पतियों की संख्या
रिपोर्ट के मुताबिक साल 2027 तक भारत में अरबपतियों की संख्या 161 से 195 हो जाएगी। जबकि अल्ट्रा-हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (UHNWI) जिनकी कुल संपत्ति $30 मिलियन से अधिक है, जिसमें उनका घर भी शामिल है। साल 2027 तक ऐसे लोगों की संख्या में 58.4 प्रतिशत का इजाफा होगा। 2027 तक में देश में 19,119 लोग $30 मिलियन से अधिक की संपत्ति वाली कैटेगरी में आ जाएंगे। जबकि 2022 तक ऐसे लोगों की संख्या 12,069 है। जबकि 2027 तक भारत में हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNWI) की संख्या 16 लाख से अधिक हो जाएगी। जिनकी कुल संपत्ति का मूल्य $1 मिलियन (आठ करोड़ रुपए से अधिक) या इससे अधिक है। फिलहाल 2022 तक देश में ऐसे लोगों की कुल संख्या 797,714 है। रिपोर्ट के अनुसार पांच सालों में ऐसे धनी लोगों की संख्या 107 प्रतिशत बढ़ जाएगी।
5-7 प्रतिशत अमीर बढ़े एशियाई देशों में
दुनिया भर में टॉप-10 देश जहां अमीरों की आबादी सबसे अधिक बढ़ी है। उनमें तीन एशियाई देश सिंगापुर, मलेशिया और इंडोनेशिया शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक यहां धनी आबादी में 5 से 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है। इस क्षेत्र में अगले पांच वर्षों में अमीरों की संख्या में करीब 40 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। वहीं साल 2027 तक एशिया में 210,175 अत्यधिक अमीर लोग होंगे।
केवल एक प्रतिशत अमीरों के पास है 40 प्रतिशत संपत्ति
जनवरी 2023 में ऑक्सफैम इंडिया की एक रिपोर्ट 'सर्वाइवल ऑफ द रिचेस्ट: द इंडिया स्टोरी' आयी थी। इसके मुताबिक भारत में जहां 2020 में अरबपतियों की संख्या 102 थी, वहीं 2022 में यह आंकड़ा 166 पर पहुंच गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के 100 सबसे अमीर लोगों की संपत्ति $660 बिलियन (करीब 54 लाख 12 हजार करोड़ रुपये) के पार जा चुकी है। वहीं साल 2012 से 2021 तक 40 प्रतिशत भारतीय आबादी के बराबर की दौलत केवल एक प्रतिशत अमीरों के पास ट्रांसफर हो गई। वहीं, 50 प्रतिशत जनता के हाथ में महज 3 प्रतिशत संपत्ति ही है।












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