Japan: जापान के पूर्व प्रधानमंत्री की हत्या और यूनिफिकेशन चर्च का संबंध

क्या जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की हत्या का संबंध यूनिफिकेशन चर्च से है? जापान की सरकार के हाल के निर्णय से तो यही लगता है। टोक्यो जिला अदालत में चर्च का एक धार्मिक निगम के रूप में मान्यता समाप्त करने का आवेदन पिछले दिनों ही दिया गया है, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया है। यदि अदालत ने मान्यता समाप्त कर दी तो चर्च को कॉरपोरेट और संपत्ति करों से मिल रही छूट ख़त्म हो जाएगी और मिलने वाले डोनेशन पर कर भी लगेगा। यूनिफिकेशन चर्च और जापान की राजनीति के बीच के संबंध काफी घालमेल वाले है। यहाँ तक कहा जाता है कि जापान की संसद के आधे से ज्यादा सांसद चर्च की सहायता लेकर ही जीतते हैं।

shinzo abe

जापान में मुख्य रूप से सक्रिय यह यूनिफिकेशन चर्च चंदा और दान से पिछले कुछ साल में एक अरब डॉलर के बराबर पैसा इकट्ठा कर चुका है। आबे को गोली मारने के आरोपी तेत्सुया यामागामी ने पुलिस को यही बताया कि उसने पूर्व प्रधानमंत्री को गोली मारी ही इसलिए कि वह यूनिफिकेशन चर्च के बड़े समर्थक थे, जो उसकी जिंदगी को तबाह करने के लिए जिम्मेदार है।

यामागामी की माँ चर्च की सदस्य थी, और उन्होंने दो दशक पहले चर्च को 100 मिलियन येन से अधिक का दान दिया था। उसके बाद यामागामी का परिवार पैसे पैसे के लिए मुहताज हो गया। यामागामी के छोटे भाई ने आत्महत्या कर ली और वह भी ऐसा ही प्रयास कर चुका था।

क्या है यूनिफिकेशन चर्च
जापान के यूनिफिकेशन चर्च को मूनीज़ के नाम से भी जाना जाता है। इसका पूरा नाम है फैमिली फेडरेशन फॉर वर्ल्ड पीस एंड यूनिफिकेशन। यह ईसाई धर्म से निकला एक नया धार्मिक आंदोलन है। यूनिफिकेशन चर्च की स्थापना दक्षिण कोरिया में 1954 में सन मायुंग मून द्वारा की गई थी। चर्च के संस्थापक सन मायुंग मून के नाम पर इसके सदस्यों को मूनीज़ कहा जाता है। जैसे हिंदू धर्म में भगवत गीता सबसे मुख्य धार्मिक किताबों में से एक है, वैसे ही मून की पुस्तक, द डिवाइन प्रिंसिपल, चर्च के लिए सबसे प्रमुख धार्मिक किताब है। मून खुद को ईसा मसीह का दूसरा रूप बताते थे और दावा करते थे कि वह एक नए परिवार और पाप से मुक्त एक बड़े मानव वंश की शुरुआत के ईसा मसीह द्वारा शुरू किए गए मिशन को पूरा करेंगे। यूनिफिकेशन चर्च अपने सामूहिक विवाहों के लिए भी जाना जाता है, जिसे आशीर्वाद समारोह के रूप में मनाया जाता है।

यूनिफिकेशन चर्च की विकास यात्रा
शुरुआती वर्षों में चर्च की मिशनरी गतिविधियां काफी तेजी से आगे बढ़ी। इसमें "ईश्वरीय सिद्धांत" पर जोर दिया गया। फिर 60 के दशक में, मून अमेरिका चले गए और वहां चर्च को स्थापित करना शुरू कर दिया। 70-80 के दशक में यूनिफिकेशन चर्च को कई विवादों का सामना करना पड़ा, जिसमें ब्रेनवॉशिंग के आरोप भी शामिल थे। 90 के दशक में चर्च ने विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियों और मीडिया संपत्तियों में निवेश करके अपनी पहुंच को दुनिया भर में फैलाया।

यूनिफिकेशन चर्च या मूनीज़ की दुनिया भर के लगभग 100 देशों में उपस्थिति है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया भर में लगभग एक करोड़ लोग हैं जो यूनिफिकेशन चर्च को मानते है। इन एक करोड़ लोगों में से जापान के लगभग 6 लाख सदस्य सक्रिय हैं। चर्च की आय का सबसे बड़ा स्रोत जापान ही है। हालांकि चर्च के एक प्रवक्ता ने कहा कि जापान में चर्च के केवल 1,00,000 सदस्य ही सक्रिय हैं जबकि दूसरी पीढ़ी के कई सदस्य चर्च से दूर हो गए हैं। निक्केई एशिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण कोरिया में, यूनिफिकेशन चर्च के सदस्यों की संख्या लगभग 3,00,000 है।

मूनीज़ से जुड़े विवाद

  • यूनिफिकेशन चर्च के संस्थापक, सन मायुंग मून खुद को ईसा मसीह का दूसरा रूप मानते थे और कहते थे कि वो ईसा मसीह के मिशन को पूरा करेंगे, जिसे ईसाइयों द्वारा 'धर्म विरोधी' माना जाता है।
  • यूनिफिकेशन चर्च अपने सामूहिक विवाहों के लिए जाना जाता है जिन्हें आशीर्वाद समारोह के रूप में मनाया जाता है। आलोचकों ने चर्च पर अपने युवा अनुयायियों का ब्रेनवॉश करने का आरोप लगाया है।
  • मून को 1982 में कर चोरी का दोषी ठहराया गया था।
  • यूनिफिकेशन चर्च पर उनके अनुयायियों का शोषण करने का आरोप लगाया गया है, जिसमें उनसे जबरन दान लेना भी शामिल है।
  • यूनिफिकेशन चर्च ने अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी सहित विश्व स्तर पर दक्षिणपंथी पार्टियों और हस्तियों के साथ संबंध स्थापित किए हैं। जापान में, चर्च पर सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेट राजनेताओं के साथ संबंध रखने का आरोप लगा है।

यूनिफिकेशन चर्च का नेतृत्व
यूनिफिकेशन चर्च के संस्थापक सन मायुंग मून का 3 सितंबर 2012 को 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। लगभग दो सप्ताह के शोक के बाद 15 सितंबर 2012 को मून का अंतिम संस्कार किया गया था। मून का निधन निमोनिया के कारण हुआ था। मून की मृत्यु के बाद यूनिफिकेशन चर्च के नेतृत्व के मामले में मून के परिवार के बीच ही काफी असहमतियां हैं। मून की पत्नियों और बच्चों के बीच यूनिफिकेशन चर्च के नियंत्रण के लिए विवाद शुरू हो गया। मून की दो पत्नियां (चोई सन-किल और हक जा हन) और 16 बच्चे थे। वर्तमान में यूनिफिकेशन चर्च की जिम्मेदारी उनकी दूसरी पत्नी हक जा हन के हाथों में है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+