बाल यौन-शोषण: जानकारी ही बचाव है..
आईये जानते हैं बाल-शोषण से जुड़े ड़रावने और पीड़दायक सच...
- आंध्र प्रदेश, असम, बिहार और दिल्ली से अन्य राज्यों की तुलना में सभी प्रकार के शोषणों के अधिक मामले सामने आये।
- ह्यूमन राइट्स वॉच की रिपोर्ट में भारत के 13 राज्यों के 12,500 बच्चों पर किए सरकारी सर्वेक्षण का हवाला दिया गया। इस सर्वेक्षण में पाया गया कि जवाब देने वाले आधे बच्चों ने कहा कि उन्होंने किसी ना किसी प्रकार का यौन उत्पीड़न अनुभव किया है।
- बेहतर होगा कि अभिभावक खुद अपने बच्चों के इस अपराध के बारे में बताने की कोशिश करें। किसी भी बच्चे का पहली क्लास उसका घर होता है और पहली टीचर उसकी मां होती है, इसलिए समय की दरकार के मुताबिक आज की मम्मी को स्मार्टली अपने बच्चों को इस दूषित वातावरण के बारे में समझाना होगा।
- अभिभावकों को अपने बच्चों को किसी अजनबी से बात करने को, उससे कोई सामान लेने से मना करना होगा।
- बच्चों को आप गुड टच और बैड टच के बारे में खुलकर बतायें।
- अभिभावकों को भी अपने नासमझ बच्चों के आगे अपने दांपत्य जीवन के संयमित पहलुओं को दिखाना होगा, कभी भी टीन एज के बच्चों के सामने आप अपनी पत्नी को किस ना करें और ना ही गले लगायें क्योंकि ऐसा करना उसके ब्रेन को गलत दिशा में मोड़ देगा।
- और सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि आप अपने बच्चों के सबसे अच्छे दोस्त बनें।
- ताकि बच्चे आप से कोई भी बात छुपाये नहीं और अपने साथ हुई हर बात को वो आपसे बेझिझक शेयर करें।













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