एविएशन सेक्टर में आई तेजी, बदल रही है एयरपोर्ट्स की तस्वीर
Naye Airport: एक वक्त था जब आम लोगों के लिए हवाई जहाज में यात्रा करना किसी सपने की तरह होता था, लेकिन अब देश की तस्वीर और आम आदमी की तकदीर बदलती हुई नजर आ रही है।
देश में एविएशन सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2024 की शुरुआत में 15 नई एयरपोर्ट परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई है। इसमें दिल्ली समेत देश के विभिन्न शहरों में बनाए गए हवाई अड्डों और नए टर्मिनल का उद्धाटन किया गया था, जिनका कुल लागत मूल्य 9,800 करोड़ रुपए है।

इस परियोजना के तहत दिल्ली, ग्वालियर, पुणे, कोल्हापुर, जबलपुर, लखनऊ, अलीगढ़, आजगढ़, चित्रकूट, मुरादाबाद, श्रावस्ती और आदमपुर एयरपोर्ट में 12 नए टर्मिनल बनाए गए हैं, जबकि दिल्ली एयरपोर्ट के टी-1 डी की यात्री क्षमता को बढ़ाया गया है।
आपको बता दें कि इन नए टर्मिनल पर यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिकता का पूरा ध्यान रखा गया है, जिसें डबल इंसुलेटेड रूफिंग सिस्टम, बिजली बचाने के लिए कैनोपी प्रावधान, एलइडी और एसी जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। वहीं नए टर्मिनल्स को एयरपोर्ट और शहर के लुक के हिसाब से तैयार किया गया है, ताकि उन्हें शहर की धरोहर बनाया जा सके।
घरेलू उड़ानों में वृद्धि और यात्रियों को फायदा
मोदी सरकार ने देश के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं, लेकिन हवाई सेक्टर में प्रगति अविश्वनीय है। आज भारत का एक सामान्य नागरिक आसानी से हवाई यातायात कर सकता है, जिसकी वजह से घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है।
साल 2014 से पहले घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या 60 मिलियन के आसपास थी, जबकि 2020 से 2024 के बीच यात्रियों की संख्या 143 से 150 मिलियन का आंकड़ा पार कर चुकी है। वहीं अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की संख्या 43 मिलियन से बढ़कर 64 मिलियन (लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि) हो गई है।
सरकार की महत्वकांक्षी योजना आरसीएस-उड़ान
मोदी सरकार ने अब तक हवाई क्षेत्र में जो भी विकास कार्य किया है, उसे आरसीएस-उड़ान योजना के तहत पूरा किया गया है। क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (आरसीएस) - उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) को सरकार ने 21 अक्टूबर 2016 को लॉन्च किया था।
इस योजना के तहत भारत में हवाई यातायात के बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी में सुधार लाना था, ताकि देश के हर नागरिक को हवाई यात्रा करने का मौका मिल सके। इस योजना पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय (एमओसीए) द्वारा निगरानी रखी जाती है।
मोदी सरकार ने बीते 10 सालों में 75 से ज्यादा नए एयरपोर्ट बनाए हैं, जिसकी वजह से देश एयरपोर्ट्स की कुल संख्या 150 से अधिक हो गई है। लेकिन सरकार इस आंकड़े को 220 तक ले जाना चाहती है, जिससे देश भर में हवाई कनेक्टिविटी को बेहतर किया जा सकता है और इससे यात्रियों को भी सुविधा होगी।
सबसे कम समय में तैयार होने वाला एयरपोर्ट
आमतौर पर एयरपोर्ट को तैयार होने में सालों का समय लग जाता है, लेकिन मोदी सरकार ने सत्ता में रहते हुए सबसे कम समय में ग्वालियर एयरपोर्ट को तैयार करवाने का कारनामा कर दिखाया है। 16 अक्टूबर 2022 को गृहमंत्री अमित शाह ने ग्वालियर एयरपोर्ट का शिलान्यास किया था, जबकि 10 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री मोदी ने एयरपोर्ट का वर्चुअल उद्धाटन किया था।
2023-24 में कई बड़े हवाई अड्डों का हुआ उद्घाटन
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने चेन्नई, पोर्ट ब्लेयर, सूरत और तिरुचिरापल्ली हवाई अड्डों पर अत्याधुनिक नए एकीकृत टर्मिनल भवनों का संचालन किया है। इसके साथ ही राजकोट अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, तेजू हवाई अड्डा, महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अयोध्या धाम और कानपुर में नए हवाई अड्डों का भी उद्घाटन किया गया।
व्यस्त एअरपोर्ट टर्मिनलों में 'डिजी यात्रा' सुविधा
घरेलू हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए सरकार ने "डिजी यात्रा" नाम से एप्लीकेशन को शुरू किया। डिजी यात्रा हवाई अड्डों पर सहज, पेपरलेस और पहचान साबित करने के लिए एक नया व सफल प्रयोग है। डिजी यात्रा का पहला प्रयोग 1 दिसंबर 2022 को दिल्ली, बैंगलोर और वाराणसी एयरपोर्ट में किया गया था।
वहीं मार्च 2023 में हैदराबाद, कोलकाता, पुणे और विजयवाड़ा जैसे अन्य चार हवाई अड्डों में डिजी यात्रा सेवा को प्रारंभ किया गया था। सरकार की योजना है कि इस सेवा को देश के सभी एयरपोर्ट्स में इस्तेमाल किया जाए, ताकि यात्रियों को यातायात में आसानी हो।
517 नए हवाई मार्गों पर 1.3 करोड़ यात्री
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण के दौरान कहा था कि उड़ान योजना के तहत टियर टू और टियर थ्री शहरों के लिए हवाई संपर्क का व्यापक विस्तार हुआ है। देश में 517 नए हवाई मार्गों की शुरुआत से 1.3 करोड़ यात्रियों को यातायात में सुविधा होती है।
हवाई यात्रा को सुलभ बनाने के लिए एयरलाइंस कंपनियों की तरफ से 1,000 नए विमानों का आर्डर भी दिया गया है, जिसमें एयर इंडिया, इंडिगो और अकासा एयर का नाम शामिल है। इससे भारत को तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बनने में मदद मिलती है, जो भविष्य में तरक्की की नई मिसाल पेश करेगा।












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