Cyclone in India: 25 सालों में भारत से टकराए ये 10 खतरनाक चक्रवाती तूफान, जानें सबका इतिहास

देशभर में आज सिर्फ चक्रवाती तूफान बिपरजॉय की चर्चा हो रही है। 15 जून की रात को गुजरात के तट से चक्रवाती तूफान बिपरजॉय टकराने वाला है। एहतियात के तौर पर लगभग एक लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है।

साथ ही 76 से ज्यादा ट्रेनें रद्द की गई हैं। इसके अलावा एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की कई टीमें तैनात की गई हैं। दरअसल चक्रवात बिपरजॉय 6 जून 2023 को अरब सागर में उठा था। शुरुआती 6 दिनों तक यह कराची की तरफ बढ़ रहा था, लेकिन फिर रास्ता बदलकर गुजरात की तरफ बढ़ने लगा।

cyclone

वैसे भारत के तटों पर तूफानों से होने वाली तबाही कोई नयी बात नहीं है। तूफान की वजह से घर तो बिखरते ही हैं, बड़ी तादाद में न सिर्फ लोगों को भी अपनी जान गंवानी पड़ती है बल्कि विस्थापन जैसी समस्या से भी जूझना पड़ता है। साथ ही अर्थव्यवस्था को भी गंभीर नुकसान पहुंचता है। एक नजर डालते हैं बीते 25 सालों में आये कुछ बड़े तूफानों पर।

जून, 1998 (गुजरात चक्रवात)
4 जून 1998 को आये इस समुद्री तूफान ने भयंकर तबाही मचाई थी। तूफान का लैंडफॉल कांडला बंदरगाह पर हुआ था। गुजरात के पोरबंदर-जामनगर में तूफान से सबसे ज्यादा हानि हुई थी। तब जामनगर में हवाओं की गति 182 किलोमीटर प्रति घंटा मापी गई, आंकड़ों के मुताबिक 1,173 लोगों की मौत हुई और 1,774 लोग लापता बताये गये थे। सरकारी अनुमानों के मुताबिक संपत्ति को हुआ नुकसान ₹1865 करोड़ से भी ज्यादा था।

अक्टूबर 1999 (सुपर साइक्लोन)
भारत में बड़े तूफानों की बात की जाये तो ओडिशा में साल 1999 में आया सुपर चक्रवात को सबसे ऊपर रखा जा सकता है। ActionAid India के मुताबिक इस तूफान की वजह से 10,000 लोगों की जान चली गई थी। जबकि डेढ़ करोड़ लोग इससे प्रभावित हुए थे। इस महाचक्रवात ने ओडिशा में जबरदस्त तबाही मचाई थी। हवाओं की रफ्तार 260 किलोमीटर प्रति घंटे तक की थी। वहीं सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 3 लाख से ज्यादा मवेशी मारे गये थे। साढ़े सोलह लाख हेक्टेयर में लगी फसलें खराब हो गयी थी।

सितंबर 2005 (चक्रवात प्यारे)
चक्रवाती तूफान प्यारे ने सितंबर के महीने में बंगाल की खाड़ी में उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम तक एक दुर्लभ मार्ग को ट्रैक करते हुए आंध्र प्रदेश में कलिंगपट्टनम पर लैंडफॉल बनाया था। तब इस तूफान ने आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी तबाही मचायी थी। इस दौरान तट के किनारे के क्षेत्र में रहने वाले 65 लोगों की जान चली गई थी।

दिसंबर 2008 (चक्रवात निशा)
निशा एक काफी कमजोर लेकिन भयावह उष्णकटिबंधीय चक्रवात था, जिसने श्रीलंका और भारत में 200 से अधिक लोगों की जान ले ली थी। वहीं सिर्फ तमिलनाडु में निशा के कारण भारी बारिश और बाढ़ के कारण 189 लोग मारे गये थे।

अक्टूबर 2013 (चक्रवात फैलिन)
इस चक्रवात ने सबसे ज्यादा नुकसान ओडिशा और आंध्र प्रदेश में किया था। 12 अक्टूबर 2013 को इसने ओडिशा तट पर दस्तक दी। इस चक्रवात से 90 लाख लोग प्रभावित हुए थे और 50 से ज्यादा लोग मारे गये थे। साथ ही 2.34 लाख घर क्षतिग्रस्त हो गये, जबकि ₹2,400 करोड़ की धान की फसल खराब हो गई थी। फैलिन तूफान का केंद्र गोपालपुर रहा, जहां से तूफान 220 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरा था। इसके कारण ओडिशा के 12 जिलों में बत्ती गुल हो गई थी।

अक्टूबर 2014 (चक्रवात हुदहुद)
चक्रवात हुदहुद 12 अक्टूबर 2014 को उड़ीसा व आंध्र प्रदेश के तट से टकराया था। इसका सबसे अधिक प्रभाव आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में पड़ा, जहां यह सबसे अधिक गति के साथ टकराया था। दरअसल 8 अक्टूबर को यह अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में आया था। इसके बाद जब ये विशाखापट्टनम के तट से टकराया तब इसकी गति 215 किलो मीटर प्रति घंटे की थी। इस तूफान के कारण लगभग 2000 करोड़ का नुकसान हुआ था। इस तूफान की वजह से 124 लोगों की मौत हुई थी।

दिसंबर 2017 (चक्रवात ओखी)
भारत में आये शक्तिशाली तूफानों में चक्रवात ओखी भी एक नाम है। इस तूफान ने केरल से लेकर तमिलनाडु के समुद्री तटों तक तबाही मचाई थी। इस चक्रवात की चपेट में आने से 300 लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी, जबकि हजारों घर तबाह हो गये और लाखों लोग बेघर। यह चक्रवात 250 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से समुद्री इलाकों से टकराया था।

मई 2019 (चक्रवात फानी)
फानी एक भीषण चक्रवाती तूफान था जो ओडिशा के तट से टकराया था। इसने पुरी समेत कई इलाकों में भयंकर तबाही मचाई थी। उस वक्त 200 किमी/घंटे से भी ज्यादा तेज चल रही हवाओं की जद में जो भी चीज आई, बर्बाद हो गयी थी। इस तूफान ने लगभग 100 लोगों की जान ले ली थी। जबकि एक करोड़ से ज्यादा लोगों को प्रभावित क्षेत्रों से रेस्क्यू किया गया था।

मई 2020 (चक्रवात अम्फान)
कोरोना काल के दौरान चक्रवात अम्फान भारत के बंगाल और ओडिशा से टकराया था। जब यह चक्रवात आया तो 190 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं ने कई पेड़ों और घरों को उखाड़ फेंका था। इस तूफान ने भारत में 98 लोगों की जान ली थी। बंगाल और ओडिशा से 5 लाख से अधिक लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था।

मई 2021 (चक्रवात तौकते)
17 मई, 2021 में चक्रवात तौकते दक्षिणी गुजरात के तटों से टकराया था। इस चक्रवात के कारण 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चली थीं। ये एक दशक में अरब सागर से टकराने वाला सबसे घातक तूफान था। इस चक्रवाती तूफान के कारण भारत में तकरीबन 24 लोग मारे गये थे।

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