राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन और आधारशिला रखने की तिथि तय करेगा PMO, अयोध्या बैठक में हुआ फैसला
अयोध्या। राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन और उसकी आधारशिला रखने के लिए अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्र्स्ट की बैठक खत्म हुई जिसके बाद महासचिव चपंत राय ने बताया कि इसकी तिथि अभी तय नहीं हो पाई है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय को संभावित तिथियां भेज दी गई हैं। पीएमओ से जिस तिथि पर सहमति दी जाएगी, उसी दिन मंदिर के लिए भूमि पूजन और आधारशिला रखने का काम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि तिथि तय करने का अंतिम फैसला पीएमओ पर छोड़ा गया है।
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पीएमओ भेजी गई हैं दो तिथियां
राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्र्स्ट से जुड़े कामेश्वर चौपाल ने बताया कि राम मंदिर की आधारशिला रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास 3 अगस्त और 5 अगस्त की तारीखें भेजी गई हैं। मंदिर निर्माण उसी दिन शुरू हो जाएगा जो प्रधानमंत्री तय करेंगे। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने मंदिर निर्माण के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि मिट्टी की जांच के लिए लार्सन एंड टुब्रो नमूने एकत्र कर रही हैं। मिट्टी की ताकत को देखते हुए मंदिर की नींव के लिए पहले ड्रॉइंग बनाई जाएगी। उसी ड्रॉइंग के आधार पर नींव रखने का काम शुरू किया जाएगा।
दान के लिए 10 करोड़ परिवारों से किया जाएगा संपर्क
महासचिव चंपत राय ने बताया कि बैठक में यह तय किया गया कि मानसून सीजन के बाद जब परिस्थियां सामान्य होंगी तो राम मंदिर निर्माण के लिए लोगों से धन जुटाने का काम शुरू किया जाएगा। दान के लिए करीब दस करोड़ परिवारों से संपर्क किया जाएगा। बैठक में यह भी फैसला हुआ कि सोमपुरा मार्बल्स ब्रिक्स मंदिर के लिए ईंटें देने का काम करेगा। लार्सन एंड टुब्रो और सोमपुरा मार्बल्स मिलकर भव्य मंदिर बनाने का काम करेंगे।
करीब साढ़े तीन साल में बनेगा राम मंदिर
चंपत राय ने बताया कि मंदिर निर्माण अगले 3 से 3.5 साल में पूरा कर लिया जाएगा। लोगों से दान में जितना धन मिलेगा उतना ही मंदिर के निर्माण में खर्च किया जाएगा। अभी इसका हिसाब नहीं लगाया जा सकता कि कितना धन लगेगा, धार्मिक कार्यों में ऐसा करना भी नहीं चाहिए। भगवान के काम में पैसे की कमी नहीं आएगी।












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