बाबर के वंशज ने किया फैसले का स्वागत- मंदिर बनवाने के लिए सोने की ईंट भेंट करूंगा, VIDEO

फैजाबाद। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या विवाद पर सुनाए गए फैसले का बहादुर शाह जफर के परपोते ने भी स्वागत किया है। ज़फर के परपोते याकूब हबीबुद्दीन उर्फ़ प्रिंस तुसी ने कहा है कि अदालत के फैसले को हम सभी स्वीकार करते हैं। मुल्क में भाईचारा और अमन-शांति कायम रहे, इसकी भी आमजन से अपील करते हैं। हम तो भगवान राम के मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट को सोने की ईंट भी भेंट करेंगे।'' बता दें कि, याकूब हबीबुद्दीन उर्फ़ प्रिंस तुसी को बाबर का वशंज भी माना जाता है।

''आपसी भाईचारा कायम रहे, यह जरूरी''

''आपसी भाईचारा कायम रहे, यह जरूरी''

शनिवार को प्रिंस तूसी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ''फैसले का स्वागत करते हैं। हमारा सबसे आपसी भाईचारा कायम रखने का अनुरोध है।'' वहीं, अयोध्या भूमि विवाद में बाबरी मामले के पक्षकार रहे हाजी महबूब ने भी फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि हम कोर्ट का फैसला स्वीकार करते हैं।

फैसला मुझे भी मान्य है: इकबाल अंसारी

फैसला मुझे भी मान्य है: इकबाल अंसारी

अयोध्या विवाद में मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने भी कहा, ''सुप्रीम कोर्ट का फैसला मुझे मान्य है। हम पूरे देशवासियों से अमन-चैन और सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हैं। माननीय न्यायालय का फैसला सभी लोगों को स्वीकार करना चाहिए।'

हम तो विरोध करेंगे, यह हमारा अधिकार: जिलानी

हम तो विरोध करेंगे, यह हमारा अधिकार: जिलानी

वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अगुआ जफरयाब जिलानी ने कहा कि कोर्ट का जो फैसला आया है, उससे हम संतुष्ट नहीं हैं। यदि हमारी समिति तैयार होती है तो हम पुर्नविचार याचिका दाखिल करेंगे। यह हमारा अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट के नियमों में भी यह है।''

अयोध्या पर बड़े नेताओं की प्रतिक्रिया

अयोध्या पर बड़े नेताओं की प्रतिक्रिया

अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के 5 जजों की बेंच का फैसला आने के बाद देश के गणमान्य नेताओं के बयान आए। इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- फैसले को किसी की हार या जीत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।ये समय भारतभक्ति का है।''

सबको मिलकर राममंदिर बनाना चाहिए: भागवत

सबको मिलकर राममंदिर बनाना चाहिए: भागवत

वहीं, संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा- 'सुप्रीम कोर्ट के फैसले को जय पराजय की नजर से नहीं देखना चाहिए। देशवासियों से अनुरोध है कि संयमित तरीके से अपनी भावनाएं व्यक्त करें। अतीत की सभी बातों को भुलाकर राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण करें। भारत के नागरिक भारत के नागरिक हैं, किसी हिंदू या मुस्लिम के लिए हमारे अलग संदेश नहीं होते हैं।''

सपा और प्रसपा नेताओं ने फैसले की प्रशंसा की

सपा और प्रसपा नेताओं ने फैसले की प्रशंसा की

अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल यादव ने भी मीडिया से बात करते हुए सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट का स्वागत किया। शिवपाल ने कहा था,''सभी पक्षों को सुप्रीम कोर्ट का फैसला मानना चाहिए। सब सद्भाव से रहें। हमने तो पहले भी कहा था कि बातचीत से मामला निपटा लें, लेकिन तब बात नहीं बनी। अब सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है, जिसका पालन करना चाहिए।''

सुन्नी वक्फ बोर्ड भी बोला- फैसला मंजूर है

सुन्नी वक्फ बोर्ड भी बोला- फैसला मंजूर है

मुस्लिमों का बड़ा संगठन सुन्नी वक्फ बोर्ड भी अयोध्या विवाद पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सहमत हो गया है। बोर्ड के अध्यक्ष जफर फारुकी ने कहा कि हम पहले ही साफ कर चुके हैं कि सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, उसे दिल से माना जाएगा। फारुकी ने कहा कि सभी को भाईचारे के साथ इस फैसले का सम्मान करना चाहिए। ऐसे में अब पुनर्विचार याचिका दायर करने का सवाल नहीं उठता।'
बता दें कि, फैसला आने के बाद से ही बोर्ड के अन्य नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट को लेकर नाराजगी जताई थी। हालांकि बाद में कई संगठनों ने फैसले का स्वागत किया। अयोध्या विवाद के केस में सुन्नी वक्फ बोर्ड भी एक पक्षकार है।

जफर फारुकी ने कहा- 'नहीं जानता कौन हैं ओवैसी?'

जफर फारुकी ने कहा- 'नहीं जानता कौन हैं ओवैसी?'

वहीं, इस दौरान फारुकी से जब पूछा गया कि असदुद्दीन ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती देने और मस्जिद के लिए 5 एकड़ जमीन न लेने की बात कही है। तब फारुकी ने कहा कि ओवैसी कौन हैं, मैं उनको नहीं जानता और न ही कभी उनसे मिला हूं।''

इस फैसले से खत्म हुआ अब विवाद: कल्बे जव्वादशिया

इस फैसले से खत्म हुआ अब विवाद: कल्बे जव्वादशिया

धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि हम विनम्रतापूर्वक सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं। मैं ऊपरवाले को धन्यवाद देता हूं कि मुस्लिम समाज के ज्यादातर लोगों ने इस फैसले को स्वीकार कर लिया और विवाद का निपटारा हो गया। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को फैसले के बाद पुनर्विचार याचिका दाखिल करने का हक है।

औवेसी ने कहा- हमें ऐसी खैरात नहीं चाहिए

औवेसी ने कहा- हमें ऐसी खैरात नहीं चाहिए

वहीं, एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, 'अयोध्या में वो जमीन हिंदूओं को दे गई और हमें 5 एकड़ जमीन दूसरी जगह दे रहे हैं। हमें ऐसी खैरात की जरूरत नहीं है। मेरा निजी तौर पर मानना है कि मुस्लिमों को 5 एकड़ जमीन के ऑफर को वापस लौटा दिया जाना चाहिए।''

कांग्रेस बोली— फैसला हमें मंजूर

कांग्रेस बोली— फैसला हमें मंजूर

वहीं, हरियाणा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा- सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आ चुका है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भगवान श्री राम के मंदिर निर्माण की पक्षधर है।''

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