मुलायम-अखिलेश की बैठक और सपा में अपनी वापसी के सवाल पर क्या बोले शिवपाल?
Etawah news, इटावा। समाजवादी पार्टी से साइडलाइन किए गए वरिष्ठ नेताओं की वापसी की चर्चाओं के बीच गुरुवार को शिवपाल यादव ने अपने आवास समर्थकों के साथ मुलाकात की। इस दौरान मीडिया के सवालों पर वह अखिलेश और मुलायम के साथ हुई बैठक की अफवाहों पर बोलने से बचते नजर आए। उन्होंने कहा कि समय आने पर बता दिया जाएगा और पहले मीटिंग हो जाय उसके बाद बताएंगे, अभी कुछ नहीं बोलना है।

सपा में उथल-पुथल
बता दें, 2014 के लोकसभा चुनाव और 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद सपा को हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में इतनी बड़ी हार की आशंका नहीं थी। गठबंधन के बावजूद करारी हार के चलते समाजवादी पार्टी में अब उथल-पुथल है। कहा जा रहा है कि सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव पार्टी अध्यक्ष और बेटे अखिलेश यादव से नाराज हैं और उनका कहना है कि वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार किए जाने के चलते यह स्थिति यह हुई है।

मुलायम ने बुलाई परिवार के सदस्यों की मीटिंग
चर्चा ये भी है कि सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने सैफई में परिवार के सदस्यों की मीटिंग बुलाई थी। इस मीटिंग में शामिल होने के लिए ही शिवपाल यादव की सैफई पहुंचे थे। वहीं, इस मीटिंग में रामगोपाल यादव शामिल हुए कि नहीं इस बारे में कुछ स्पष्ट नहीं है। बता दें कि रामगोपाल यादव और शिवपाल की आपस में अनबन रही है। शिवपाल जहां मुलायम सिंह के खेमे में रहे हैं, वहीं रामगोपाल यादव कई मौकों पर अखिलेश के सलाहकार के तौर पर नजर आए हैं।

शिवपाल के अलग लड़ने से कई सीटों पर नुकसान
इस लोकसभा चुनाव में शिवपाल यादव ने अपनी पार्टी 'प्रगतिशील समाजवादी पार्टी' के बैनर तले यूपी की लगभग सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े किए थे। सियासी जानकारों की मानें तो कन्नौज, बदायूं और फिरोजाबाद समेत कई सीटों पर समाजवादी पार्टी को शिवपाल यादव के अलग होने से नुकसान उठाना पड़ा है। इसी स्थिति को देखते हुए ही मुलायम ने अखिलेश से शिवपाल यादव की वापसी कराने की बात कही है। मुलायम ने अखिलेश को यह भी समझाया है कि वो सपा के ऊपर से 'केवल यादवों की पार्टी' का लेबल हटाने की कोशिश करें और इसके लिए पार्टी से जुड़े गैर-यादव नेताओं को तवज्जो दें। माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में समाजवादी पार्टी में बड़े परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं।












Click it and Unblock the Notifications