UP: CAA के विरोध में सड़क पर बैठी महिलाओं को पुलिस ने जबरन हटाया, किया लाठीचार्ज
इटावा। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और एनआरसी के विरोध में सैकड़ो महिलाएं 21 जनवरी को सड़क पर आ गई। रात करीब दस बजे उनके समर्थन में हजारों की संख्या में भीड़ जुट गई। इसके बाद पुलिस ने उन्हें वहां से हटाने के लिए धक्का-मुक्की की और महिलाओं के साथ मौजूद भीड़ पर लाठीचार्ज किया। बता दें कि पुरुषों को तो धरना स्थल से हटा लिया गया पर महिलाएं को देर रात 12 बजे तक हटाया जा सका।

शांतिपूर्ण तरीके से क्यों नहीं कर सकते विरोध
इटावा के मुस्लिम बाहुल्य इलाके पचराह में मंगलवार की सुबह से एनआरसी और सीएए के विरोध में सैकड़ों की संख्या में महिलाएं एकत्रित होने लगी थीं। देर रात होते-होते इनकी संख्या हजारों में पहुंच गई। हालांकि, प्रशासन ने दोपहर से ही धारा-144 लगे होने का हवाला देते हुए भीड़ को वहां से हट जाने को कहा लेकिन महिलाएं अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ डटी रहीं। महिलाओं का कहना था कि जब सरकार के मंत्री इस कानून के पक्ष में भीड़ एकत्रित कर जुलूस निकाल कर धारा 144 का उलंघन कर सकते हैं तो हम शांतिपूर्ण तरीके से इसका विरोध क्यों नहीं कर सकते हैं।

पुलिस ने किया लाठीचार्ज
अंधेरा होते ही महिलाओं के आस-पास पुरुषों की भीड़ जमा होने लगी और संख्या हजारों में पहुंच गई। इसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान पुलिस ने वहां मौजूद लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर मारा। वहीं, धरने पर बैठी महिलाओं को सिटी मजिस्ट्रेट और एसडीएम की तरफ से समझाने की कोशिश की गई, लेकिन जब बात नहीं बनी तो वहां मौजूद महिलाओं को जबरदस्ती हटाया गया। पुलिस के मुताबिक जिले की सारी फोर्स और आला अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

क्या हमें अब ये अधिकारी भी नहीं है
वहीं, प्रोटेस्ट कर रही महिलाओं ने कहा, 'हमें जबरदस्ती उठाया गया। भद्दी-भद्दी गालियां दी गईं, पीटा गया। लोगों के साथ बदसलूकी की गई। हमलोग शन्ति पूर्वक प्रोटेस्ट कर रहे थे। क्या अब हमें ये अधिकार भी नहीं है। बुजुर्ग और बच्चों को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।'












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