शेफाली जरीवाला के साथ मौत से पहले आखिरी 24 घंटे में क्या हुआ था? विसरा रिपोर्ट का क्यों हो रहा है इंतजार?

Shefali Jariwala Death: 'कांटा लगा' रिमिक्स सॉन्ग पर लोगों को जमकर डांस कराने वाली एक्ट्रेस और मॉडल शेफाली जरीवाला की गत 27 जून 2025 की रात को मौत हो गई थी। 42 की उम्र में उनकी अचानक हुई मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है।

शेफाली जरीवाला की मौत को लेकर उठ रहे सवाल
कहा जा रहा है कि कार्डियक अरेस्ट के चलते शेफाली जरीवाला की मौत हुई है। हालांकि उनके मौत के कारणों को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही है। आपको बता दें कि शेफाली जरीवाला की मौत ने लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए है।

Shefali Jariwala

क्या कार्डियक अरेस्ट के चलते हुई शेफाली जरीवाला की मौत?

शुरुआती रिपोर्ट्स में बताया गया है कि शेफाली जरीवाला की मौत कार्डियक अरेस्ट के चलते हुई है लेकिन आपको बता दें कि इसे लेकर अभी तक कुछ पक्का नहीं है। पुलिस फिलहाल इस केस की हर एंगल से जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार शेफाली के परिवार वाले उनकी मौत से परेशान हैं और अब सबकी नजर विसरा रिपोर्ट पर टिकी हुई है।

क्या होती है विसरा रिपोर्ट?

-विसरा रिपोर्ट एक खास तरह की फोरेंसिक जांच होती है, जो मौत की असली वजह पता करने में मदद करती है। जब किसी की मौत संदिग्ध लगती है या पोस्टमॉर्टम से साफ नहीं हो पाता कि मौत किस कारण हुई है तो शरीर के अंदरूनी अंगों (जैसे लीवर, पेट, गुर्दे) के सैंपल लिए जाते हैं। इन्हें विसरा कहते हैं।

-ये सैंपल लैब में टेस्ट के लिए भेजे जाते हैं, जहां वैज्ञानिकों की टीम उनकी केमिकल और रेडियोलॉजिकल जांच करती है। इससे पता चलता है कि मौत जहर, बीमारी या किसी और कारण से हुई है। ये रिपोर्ट कोर्ट में भी सबूत के तौर पर भी इस्तेमाल होती है।

आखिरी 24 घंटे में शेफाली जरीवाला के साथ क्या हुआ था?

-गत 27 जून 2025 को शेफाली जरीवाला ने मुंबई स्थित अपने घर पर सत्यनारायण की पूजा रखी थी। पूजा के चलते वह उपवास पर थीं। व्रत में रहने के बाद भी एक्ट्रेस ने अपनी एंटी एजिंग दवाइयां और ग्लूटाथियोन इंजेक्शन का एक डोज लिया था। जानकारी के मुताबिक, ग्लूटाथियोन एक एंटीऑक्सीडेंट एमिनो एसिड है जो लीवर की परेशानी को खत्म करने और स्किन के रंग को निखारने में मदद करता है। ये बॉडी में मुक्त कणों से भी छुटकारा दिलाता है।

-ये इंजेक्शन्स सेफ तभी होते हैं अगर इसे एक स्पेशलिस्ट मेडिकल प्रोफेशन की देख-रेख में दिया जाए। अगर इन्हें गलत तरीके से लगाया जाए तो इससे खास खास एलर्जी हो सकती है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन दवाइयों के अलावा शेफाली मल्टीविटामिन्स भी ले रही थीं और स्किन को निखारने के लिए कोलेजन का इस्तेमाल कर रही थीं।

-जानकारी के अनुसार गत 27 जून 2025 की रात करीब 10.30 बजे शेफाली जरीवाला बेहोश हो गई थीं। इस दौरान उनकी बॉडी कांप रही थी। इसके बाद एक्ट्रेस को मुंबई के अंधेरी वेस्ट इलाके के बेलव्यू हॉस्पिटल ले जाया गया था जहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था और उनके परिवार को सलाह दी थी कि वो उन्हें विले पार्ले के कूपर हॉस्पिटल में ले जाएं। अंबोली पुलिस स्टेशन को इसकी जानकारी रात 11:15-11:30 बजे दी गई थी। पुलिस की एक टीम कूपर हॉस्पिटल 11:45 पर पहुंच गई थी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट रखी गई है रिजर्व

-शेफाली जरीवाला की मौत के बाद पुलिस ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को रिजर्व रख लिया है। इसके साथ ही मौत की असली वजह जानने के लिए विसरा सैंपल लैब में भेजे गए हैं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया है- पोस्टमॉर्टम में कुछ साफ नहीं हुआ, इसलिए विसरा रिपोर्ट का इंतजार है। अभी तो लगता है कि ये नेचुरल डेथ हो सकती है, लेकिन पक्का तभी होगा जब रिपोर्ट आएगी।

-पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार अगर रिपोर्ट में कार्डियक अरेस्ट, जहर या कोई और चीज मिलती है, तो जांच उसी हिसाब से आगे बढ़ाई जाएगी। शेफाली के घर पर पूजा के दौरान उपवास और एंटी-एजिंग दवाओं के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है, जिससे शक और गहरा गया है।

विसरा रिपोर्ट कैसे काम करती है?

लैब में पहुंचने के बाद डॉक्टर और वैज्ञानिक सैंपल्स की कई तरह से जांच करते हैं। सबसे पहले केमिकल टेस्ट होता है, जिसमें क्रोमैटोग्राफी और स्पेक्ट्रोस्कोपी जैसे टेक्नीक यूज करके जहर या दवाओं का पता लगाया जाता है। इसके बाद माइक्रोस्कोपिक जांच में कोशिकाओं को देखा जाता है, जहां बीमारी या नुकसान के निशान मिल सकते हैं।

क्या होता है टॉक्सिकोलॉजी टेस्ट

टॉक्सिकोलॉजी टेस्ट में खास मशीनें सैंपल में मौजूद केमिकल्स को अलग करती हैं और उनकी मात्रा मापती हैं, ताकि जहर की मात्रा और उसका असर समझा जा सके। इसके अलावा, हिस्टोपैथोलॉजी में सैंपल के टुकड़ों को पतला करके स्टडी की जाती है, जिससे अंगों में कोई बदलाव (जैसे सूजन) का पता चलता है। जांच पूरी होने के बाद एक डिटेल्ड रिपोर्ट बनाई जाती है, जिसमें साफ होता है कि मौत की वजह क्या थी।

विसरा रिपोर्ट में कितना समय लगता है?

विसरा रिपोर्ट बनाने में आमतौर पर 15 दिन से 1 महीने का समय लग सकता है, लेकिन अगर केस बहुत जटिल हो तो और वक्त लग सकता है। विसरा रिपोर्ट हमेशा सटीक नहीं होती है। अगर सैंपल को ठीक से न रखा जाए या जांच में देरी हो जाए, तो नतीजा गलत आ सकता है। कोर्ट ने कहा है कि जहर से मौत के शक में विसरा जांच जरूरी है। शेफाली के केस में भी अगर कोई गड़बड़ी मिलती है, तो ये रिपोर्ट अहम होगी।

10 लोगों का बयान हो चुका है दर्ज

शेफाली जरीवाला की मौत के बारे में जानने के लिए पुलिस अब तक करीब 10 लोगों के बयान दर्ज करा चुकी है। उनके पति त्यागी ने पुलिस को बताया है कि शेफाली और उनके बीच बहुत अच्छा रिश्ता था। वो दोनों एक दूसरे का सम्मान करते थे। शेफाली की मौत हो गई है इस बात पर वो यकीन नहीं कर पा रहे हैं। पराग ने पुलिस को बताया था कि उनकी पत्नी शेफाली स्किन ट्रीटमेंट के लिए कई तरह की दवाइयां ले रही थीं।

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