बॉलीवुड और साउथ फिल्म इंडस्ट्री के बीच छिड़ी बहस पर टाइगर श्रॉफ ने दिया बड़ा बयान, कहा- मुझे पसंद नहीं कि...
बॉलीवुड और साउथ फिल्म इंडस्ट्री के बीच छिड़ी बहस पर टाइगर श्रॉफ ने दिया बड़ा बयान, कहा- मुझे पसंद नहीं कि...
मुंबई, 02 मई: पिछले कुछ समय में दक्षिण भारतीय फिल्मों के हिंदी वर्जन ने हिंदी सिनेमा प्रेमियों के दिलों में अपनी खास जगह बना ली है। साउथ फिल्म इंडस्ट्री में बनी बाहुबली, आरआरआर और केजीएफ 2 और पुष्पा: द राइज खूब पसंद की इन फिल्मों ने जमकर कमाई की। जिससे साफ हो गया कि बॉलीवुड फिल्में देखने वाले दर्शकों को साउथ फिल्में भी खूब पसंद आ रही है। वहीं कन्नड़ अभिनेता कच्ची सुदीप का बयान कि हिंदी अब हमारी राष्ट्रभाषा अब नहीं है, के बाद बॉलीवुड बनाम साउथ पर नई बहस छिड़ चुकी है। अब इस मुद्दे पर हीरोपंथी 2 में नजर आए एक्टर टाइगर श्रॉफ ने बड़ा बयान दिया है।

बाहुबली भारी सफलता पाने वाली पहली दक्षिण भारतीय फिल्म थी
बता दें सबसे पहले 2015 में रिलीज हुई एसएस राजामौली द्वारा निर्देशित बाहुबली देश भर में भारी सफलता पाने वाली पहली दक्षिण भारतीय फिल्म थी। इसके बाद अब आरआरआर, केजीएफ: चैप्टर 2, पुष्पा: द राइज जैसी फिल्मों ने हिंदी बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई की है। इसने अब दक्षिण की फिल्मों, अखिल भारतीय की सफलता के बारे में एक बहस छेड़ दी है। फिल्म इंडस्ट्री में अब दो फाड़ हो चुकी है। हीरोपंती 2 अभिनेता टाइगर श्रॉफ और तारा सुतारिया ने इंडिया टुडे को दिए साक्षात्कार में इस मुद्दे पर खुलकर बात की।

मुझे दक्षिण और उत्तर को अलग करना पसंद नहीं है
हीरोपंती 2 एक्टर टाइगर श्रॉफ और तारा सुतारिया ने हाल ही में दक्षिण भारतीय फिल्म की सफलता के बारे में बात की। टाइगर ने दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग में फिल्म निर्माताओं और अभिनेताओं की पूर्णता के बारे में बात की। टाइगर ने कहा "ईमानदारी से, मुझे लगता है कि उन्हें देखना अद्भुत और प्रेरणादायक है। हालांकि इस बात पर जोर देते हुए उन्होंने ये भी कहा मुझे दक्षिण और उत्तर को अलग करना पसंद नहीं है, मुझे लगता है कि वे हमारा हिस्सा हैं। यह एक फिल्म उद्योग है।

टाइगर ने गिनाई साउथ फिल्मों की खूबियां
टाइगर श्रॉफ ने कहा मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से, वे जो शैली लाते हैं वह है मैं जिस शैली का हिस्सा हूं, उस शैली से बहुत मिलता-जुलता है, जिस शैली में मैं अब तक जीवित रहा हूं। मुझे उससे बहुत प्रेरणा मिलती है। जिस तरह से वे शूट करते हैं, जिस तरह से वे अपने नायकों का महिमामंडन करते हैं और अपने नायकों को पेश करते हैं, यहां तक कि एक भी उनकार बोलना, उनकी अभिव्यक्ति, या टहलना, वे एक कैमरे के माध्यम से कैसे प्रस्तुत करते हैं और कैसे सब कुछ जीवन से बड़ा है, मैं वास्तव में इसकी प्रशंसा करता हूं।"

तारा बोलीं- आखिरकार हम सब मिडपॉइंट पर मिल रहे हैं
टाइगर की इस बात सहमति जताते हुए तारा सुल्तानिया ने जोर देते हुए कहा "मुझे लगता है कि यह बहुत अच्छा है कि आखिरकार, हम एक दूसरे के साथ एक समुदाय और एक उद्योग के रूप में इकट्ठा हो रहे हैं। यह हाई टाइम है, जैसे टाइगर ने कहा, इतने लंबे समय तक यह दक्षिण उद्योग की तरह था और फिर वहां बॉलीवुड है। तो उस रेखा को धुंधला होते देखना अंत में अच्छा है। आगे बहुत गुंजाइश है, यहां तक कि हम अभी जहां हैं, उनकी सभी फिल्में देश भर में बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। मुझे खुशी है कि आखिरकार हम सब मिडपॉइंट पर मिल रहे हैं और एक साथ काम कर रहे हैं, एक दूसरे के काम का जश्न भी मना रहे हैं।"












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