'कुछ पुरुष मेरी सफलता से असुरक्षित महसूस करते हैं', प्रियंका चोपड़ा ने लैंगिक असमानता पर कही ये बड़ी बात
Priyanka Chopra On Gender Inequality: प्रियंका चोपड़ा ने बताया कि पुरुषों की असुरक्षा की भावना भी इंडस्ट्री में हीरो-हीरोइन के बीच फैले असमानता की एक बड़ी वजह है।

Priyanka Chopra On Gender Inequality: हॉलीवुड से लेकर बॉलीवुड तक में अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाने वाली एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा इन दिनों अपनी इंग्लिश वेब सीरीज 'सिटाडेल' को लेकर सुर्खियों में छाई हुई हैं। कुछ दिनों पहले ही प्रियंका चोपड़ा ने बॉलीवुड की गंदी राजनीति को लेकर कई तरह की बातें कही थीं। प्रियंका अक्सर लैंगिक असमानता को लेकर भी बोलती नजर आती हैं। एक बार फिर उन्होंने इस मामले पर अपनी बात लोगों के सामने रखी है। प्रियंका चोपड़ा ने लैंगिक असमानता के लिए पुरुषों को भी जिम्मेदार ठहराया है।
प्रियंका चोपड़ा ने खोले थे बॉलीवुड के गंदे राज
प्रियंका चोपड़ा इस समय अपनी बेहतरीन एक्टिंग के लिए पूरी दुनिया में मशहूर हैं। कुछ दिनों पहले ही एक पॉडकास्ट शो में प्रियंका चोपड़ा ने बताया था कि किस तरह से उनको बॉलीवुड में साइड लाइन किया गया था। इसके बाद ही उन्होंने हॉलीवुड का रूख किया था।
प्रियंका चोपड़ा ने अपने रंग को लेकर सुनी थी बात
उनकी पर्सनल जिंदगी में कई तरह के उतार-चढ़ाव से होकर गुजरी है। विदेश में उन्हें उनके डार्क कलर के लिए कई तरह की बातें सुनाई गई थीं। वहीं बॉलीवुड में भी उनके रंग को लेकर कई तरह के कमेंट्स किए जाते थे। हालांकि उन्होंने सब बाधाओं को पार कर सफलता की सीढ़ियां चढ़ीं।

इंडस्ट्री में हीरो-हीरोइन के बीच असमानता
प्रियंका चोपड़ा कई बार हीरो-हीरोइन की एक जैसी फीस होने को लेकर भी बात कर चुकी हैं। ऐसे में प्रियंका चोपड़ा ने न्यूज एजेंसी एएनआई से हाल ही में बात की। उन्होंने बताया कि पुरुषों की असुरक्षा की भावना भी इंडस्ट्री में हीरो-हीरोइन के बीच फैले असमानता की एक बड़ी वजह है।
कुछ पुरुष मुझसे असुरक्षित महसूस करते हैं
प्रियंका चोपड़ा ने एएनआई से कहा- मेरी जिदंगी में कुछ बेहद शानदार पुरुष हैं, जो मेरी सफलता पर बहुत ही खुश होते हैं। वह मुझसे असुरक्षित महसूस नहीं करते हैं। मगर, मेरी जिंदगी में कुछ ऐसे पुरुष भी हैं, जो मेरी सफलता पर असुरक्षित हो जाते हैं। उन्हें मेरी सक्सेस से जलन होती है।
पुरुषों ने हमेशा आजादी का आनंद जमकर लिया है
प्रियंका चोपड़ा ने आगे कहा- पुरुषों ने हमेशा आजादी का आनंद जमकर लिया है। परिवार में भी वह हमेशा मुखिया की भूमिका में रहते हैं। लेकिन जब एक महिला ऐसा करती है या कोई महिला ज्यादा सफल हो जाती है और पुरुष घर पर रहता है तो उसे वह अपने लिए खतरा समझने लगता है। उन्होंने आगे कहा- बेटों की परवरिश इस तरह होनी चाहिए कि लैंगिक भेदभाव जैसी बात उनके दिमाग में कभी न आए।












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