लॉन्च से पहले शुभांशु शुक्ला की प्लेलिस्ट में ‘स्वदेस’ का जादू, शाहरुख खान के इस गाने से भरी ऐतिहासिक उड़ान
Shubhanshu Shukla Playlist: भारत के लिए 25 जून 2025 का दिन एक और गौरवशाली अध्याय लेकर आया, जब भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने इतिहास रचते हुए Axiom-4 मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की ओर उड़ान भरी। वह 41 साल बाद अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। इससे पहले 1984 में राकेश शर्मा ने सोवियत संघ के साथ भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
इस ऐतिहासिक उड़ान के दौरान एक खास बात ने सबका ध्यान खींचा - शुभांशु शुक्ला की लॉन्च-डे प्लेलिस्ट में शाहरुख खान के फिल्म स्वदेस का मशहूर गीत "यूँ ही चला चल राही..." था।

इस गीत को गाया था उदित नारायण, कैलाश खेर और हरिहरन ने, संगीत दिया था ए. आर. रहमान ने और बोल लिखे थे जावेद अख्तर ने। यह गाना एक यात्रा की शुरुआत और आत्मिक जुड़ाव की भावना को दर्शाता है - जो इस मिशन और शुभांशु शुक्ला की कहानी से खूबसूरती से मेल खाता है।
'स्वदेस' से स्पेस तक: समानांतर किरदार
फिल्म स्वदेस की कहानी एक ऐसे NASA वैज्ञानिक की है जो अपने देश लौटकर समाज के लिए कुछ करना चाहता है। उसी तरह, शुभांशु शुक्ला आज भारतीय तिरंगे को कंधों पर लेकर NASA और ISRO की साझेदारी में अंतरिक्ष में भारत की नई पहचान रच रहे हैं।
बाकी एस्ट्रोनॉट्स की प्लेलिस्ट क्या थी?
जहां शुभांशु 'स्वदेस' के गीत से प्रेरित थे, वहीं अन्य अंतरिक्ष यात्रियों की पसंद भी उनके व्यक्तित्व को दर्शाती है:
- पेगी व्हिटसन: Thunder - Imagine Dragons
- स्लावोश उजनास्की: Supermoce - Igo, Mrozu, Vito Bambino
- टिबोर कापू: Búvóhely - Quimby feat. Gábor Barbinek, Tamás Meleg, Gábor Subicz
Axiom-4: भारत, पोलैंड और हंगरी की संयुक्त उड़ान
Axiom-4 मिशन 25 जून को दोपहर 12:01 बजे भारतीय समयानुसार Kennedy Space Center, Florida से लॉन्च हुआ। इस मिशन के चार अंतरिक्ष यात्री है पेगी व्हिटसन (कमांडर, अमेरिका), ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला (पायलट, भारत), स्लावोश उजनास्की-विस्निवस्की (मिशन विशेषज्ञ, पोलैंड), टिबोर कापू (मिशन विशेषज्ञ, हंगरी)।
ये सभी SpaceX के Dragon यान में सवार होकर 14 दिन के लिए ISS की ओर रवाना हुए हैं, जहां वे विज्ञान, आउटरीच और व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े प्रयोग करेंगे।
"तिरंगा मेरे कंधों पर है...": अंतरिक्ष से शुभांशु का संदेश
जैसे ही ड्रैगन अंतरिक्ष यान ने ISS की ओर अपनी यात्रा शुरू की, शुक्ला ने कहा, "नमस्कार, मेरे प्यारे देशवासियों, हम 41 साल बाद अंतरिक्ष में पहुँचे हैं। यह एक शानदार यात्रा थी। हम 7.5 किलोमीटर प्रति सेकंड की गति से पृथ्वी की परिक्रमा कर रहे हैं, मेरे कंधों पर भारतीय तिरंगा है। तिरंगा मुझे बताता है कि मैं आप सभी के साथ हूँ, यह सिर्फ़ ISS की मेरी यात्रा की शुरुआत नहीं है, बल्कि भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान की भी शुरुआत है। मैं चाहता हूँ कि आप में से हर कोई इस यात्रा का हिस्सा बने, आइए हम सब मिलकर भारत के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम की शुरुआत करें।"
जब स्वदेस की आत्मा ने तिरंगे को अंतरिक्ष तक पहुंचाया
इस मिशन में लगभग 60 वैज्ञानिक प्रयोग किए जाएंगे, जो 31 देशों का प्रतिनिधित्व करते हैं - जिनमें भारत, अमेरिका, पोलैंड, हंगरी, सऊदी अरब, ब्राज़ील, यूएई, नाइजीरिया और यूरोप के कई देश शामिल हैं। इस तरह, यह Axiom Space द्वारा ISS पर अब तक किया गया सबसे बड़ा वैज्ञानिक अभियान है।
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की यह उड़ान केवल तकनीकी सफलता नहीं, बल्कि भारत के आत्मिक और सांस्कृतिक गौरव की उड़ान है। स्वदेस की प्रेरणा और भारत की विज्ञान यात्रा एक बिंदु पर आकर मिल गई हैं। शुभांशु शुक्ला के शब्दों की गूंज भारत की भावनाओं को छू रही है - "तिरंगा मेरे कंधों पर है..." यह शुरुआत है - भारत के मानव अंतरिक्ष युग की।












Click it and Unblock the Notifications