क्या क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म पर भी चलेगी कैंची? 31 साल बाद 'बैंडिट क्वीन' को लेकर शेखर कपूर का फूटा गुस्सा
Bandit Queen Phoolan Devi: भारत की कुख्यात महिला डकैत फूलन देवी अपनी मौत के 24 साल बाद फिर सुर्खियों पर छा गई है। वजह है- फूलन देवी की जिंदगी पर आधारित फिल्म 'बैंडिट क्वीन' (Bandit Queen)। फिल्म निर्देशक शेखर कपूर (Shekhar Kapur News )ने अपनी 1994 की चर्चित फिल्म 'बैंडिट क्वीन' को लेकर बड़ा आरोप OTT प्लेटफॉर्म Amazon Prime पर लगाया है।
शेखर कपूर ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि OTT पर बिना इजाजत उनकी फिल्म पर कैंची चलाई गई। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म को इतना एडिट कर दिया गया है कि वह पहचान में नहीं आती और उन्हें इस बारे में किसी ने नहीं पूछा।

शेखर कपूर ने X (पहले ट्विटर) पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा,'Amazon Prime पर बैंडिट क्वीन मेरी बनाई हुई फिल्म नहीं लगती। किसी ने इसे इतना काट दिया है कि अब पहचान में ही नहीं आ रही। और फिर भी इसमें निर्देशक के तौर पर मेरा नाम है। किसी ने मुझसे अनुमति भी नहीं ली! क्या वे क्रिस्टोफर नोलन की फिल्मों के साथ भी ऐसा कर सकते हैं?'
क्यों उठाया यह मुद्दा?
शेखर कपूर ने यह बात तब कही, जब वह नेटफ्लिक्स (Netflix) की मिनी सीरीज 'एडोलसेंस' (Adolescence) की तारीफ कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह सीरीज कहानी कहने की पारंपरिक सीमाओं को तोड़ती है। इस पर फिल्म निर्माता सुधीर मिश्रा ने कहा कि भारत में ऐसी कहानी कहने की आजादी नहीं है। इसी बहस के दौरान शेखर कपूर ने OTT प्लेटफॉर्म्स द्वारा उनकी फिल्मों के साथ की जा रही छेड़छाड़ का मुद्दा उठाया।
अन्य फिल्म निर्माताओं की प्रतिक्रिया
- कुणाल कोहली (हम तुम के निर्माता) ने कहा कि किसी फिल्म को बिना निर्देशक की अनुमति के एडिट करना गलत है।
- हंसल मेहता ने इसे 'कलात्मक स्वतंत्रता पर हमला' बताते हुए विरोध किया।
'बैंडिट क्वीन' फिल्म क्या थी?
- यह फिल्म भारत की कुख्यात डकैत फूलन देवी की जीवन गाथा पर आधारित थी। 1994 में आई इस फिल्म में सीमा बिस्वास ने फूलन देवी का किरदार निभाया था।
- फिल्म कान्स फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित हुई और 67 वें ऑस्कर अवॉर्ड्स में भारत की आधिकारिक एंट्री बनी थी।
- हालांकि, फिल्म को उसके विवादास्पद दृश्यों की वजह से भारत में सेंसर बोर्ड और फूलन देवी खुद भी आपत्ति जताई थी।
Who Was Phoolan Devi: कौन थी फूलन देवी?
फूलन देवी का जन्म 10 अगस्त 1963 को उत्तर प्रदेश के जालौन में एक गरीब मल्लाह परिवार में हुआ था।
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11 साल की उम्र में 35 साल के व्यक्ति से जबरन शादी हुई, जहां यौन शोषण और घरेलू हिंसा का सामना करना पड़ा।
- बाद में वह चंबल के डाकुओं के गैंग में शामिल हो गईं और अपने अपहरणकर्ताओं से बदला लेने के लिए 22 ठाकुरों की हत्या कर दी।
- 1983 में उन्होंने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया और 11 साल जेल में रहीं।
- 1996 में समाजवादी पार्टी से लोकसभा सांसद बनीं।
- 2001 में शेर सिंह राणा ने उनकी हत्या कर दी, जिसने दावा किया कि उसने ठाकुरों की मौत का बदला लिया है।
शेखर कपूर की नाराजगी एक बड़े मुद्दे को उजागर करती है - क्या ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को निर्देशकों की अनुमति के बिना फिल्मों को एडिट करने का अधिकार है? यह सिर्फ 'बैंडिट क्वीन' तक सीमित नहीं, बल्कि यह कलात्मक स्वतंत्रता और सेंसरशिप से जुड़ा एक व्यापक सवाल है। अब देखना होगा कि इस विवाद पर Amazon Prime और फिल्म इंडस्ट्री कैसे प्रतिक्रिया देती है?












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