Maya Govind Passes Away: मशहूर गीतकार माया गोविंद का निधन, लंबे समय से थीं बीमार

नई दिल्ली, 07 अप्रैल।एक दुखद खबर कला- संगीत के क्षेत्र से है। बॉलीवुड की लोकप्रिय गीतकार और मशहूर कवयित्री माया गोविंद का गुरुवार को मुंबई स्थित उनके घर पर निधन हो गया। आज 82 बरस की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाली माया गोविंद पिछले काफी वक्त से बीमारियों से जूझ रही थीं। माया गोविंद के निधन से बॉलीवुड और साहित्य जगत में शोक की लहर है। बता दें माया गोविंद ने अपने करियर में लगभग 350 से ज्यादा फिल्मों के लिये गाने लिखे, जिनमें 'आंखों में बस हो तुम', 'मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी', 'तेरी मेरी प्रेम कहानी' और 'दलाल' फिल्मों का नाम प्रमुखता से लिया जा सकता है।

मशहूर गीतकार माया गोविंद का निधन

मशहूर गीतकार माया गोविंद का निधन

फिल्म 'दलाल' के गाने 'गुटुर गुटुर' को लेकर काफी विवादों में भी रहने वालीं माया गोविंद का निधन गुरुवार सुबह करीब 9.30 बजे हुआ। आपको बता दें कि लखनऊ में जन्म लेने वाली माया गोविंद को कथक में भी महारत हासिल की थी और उन्होंने बतौर अभिनेत्री भी पर्दे और रंगमंच में अपने जौहर दिखाए थे। वो फिल्म 'तोहफा मोहब्बत का' में भी काम कर चुकी थीं।

कवि सम्मेलन और मुशायरों का बड़ा नाम थीं माया गोविंद

कवि सम्मेलन और मुशायरों का बड़ा नाम थीं माया गोविंद

लेकिन उनका असली गहना उनकी लेखनी थी। उन्होंने सात साल की उम्र से कविताएं लिखना शुरू किया था और देखते ही देखते वो कवि सम्मेलन और मुशायरों का बड़ा नाम बन गईं। एक वक्त था जब लोग उन्हें मोस्ट डिमांडिग कवयित्री कहा करते थे। श्रृंगार रस की कविताओं से लोगों के दिलों में जगह बनाने वाली माया गोविंद को मां सरस्वती ने कंठ का आशीर्वाद भी दिया था। उनकी कर्णप्रिय आवाज में गाए गए बृजभाषी छंदों ने लोगों के दिलों में अलग जगह और साहित्य के क्षेत्र में उन्हें नई ऊंचाइयां दी थीं।

कई टीवी शोज के लिए भी गीत लिखे

कई टीवी शोज के लिए भी गीत लिखे

उन्होंने बतौर गीतकार पहली लोकप्रियता साल 1979 में रिलीज हुई फिल्म 'सावन को आने दो' में येशुदास-सुलक्षणा पंडित के गाए गाने 'कजरे की बाती' से मिली थी। इसके बाद फिल्म फिल्म 'आरोप' के गाने 'नैनों में दर्पण है' और 'जब से तुमने बंसी बजाई रे' ने रातों-रात मशहूर कर दिया। इसके बाद उन्होंने 'बावरी', 'दलाल', 'गज गामिनी', 'मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी' और 'हफ्ता वसूली' जैसी तमाम बडी फिल्मों के गीत लिखे और इसी के साथ ही इन्होंने कई टीवी शोज के लिए भी गीत लिखे।

कला- संगीत का कैनवस सूना

कला- संगीत का कैनवस सूना

जिसमें मशहूर धारावाहिक 'महाभारत', 'विष्णु पुराण', 'किस्मत', 'द्रौपदी', 'आप बीती' 'मायका' और 'फुलवा' के गीत शामिल है। दौर बदला तो माया गोविंद ने कुछ नए प्रयोग भी किए। डांडिया क्वीन फाल्गुनी पाठक का सुपरहिट गीत 'मैंने पायल है छनकाई' को शब्द माया गोविंद ने ही दिए थे। इसके साथ ही उन्होंने मशहूर सिंगर अनुराधा पौडवाल के साथ 'परम अर्थ गीता सार' और अनूप जलोटा के एलबम 'भजन यात्रा' और 'कृष्णा' में लेखनी और स्वर दोनों दिए थे।

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